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राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर हादसा : सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट, दो वरिष्ठ एमसीडी अधिकारियों को क्लीन चिट
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- तीन भवन अधिकारियों पर ड्यूटी में लापरवाही का आरोप; अवैध लाइब्रेरी संचालन को माना हादसे की अहम वजह
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सीबीआई ने पुरानी राजेंद्र नगर स्थित राउ आईएएस स्टडी सर्कल के बेसमेंट में पानी भरने से तीन यूपीएससी अभ्यर्थियों की मौत के मामले में दिल्ली की अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। एजेंसी ने कहा कि जांच में दो वरिष्ठ एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक लापरवाही के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले, इसलिए उन्हें क्लीन चिट दी गई है।
हालांकि, एमसीडी के भवन विभाग के तीन अधिकारियों को ड्यूटी में लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया गया है। सीबीआई के अनुसार, इन अधिकारियों की चूक के कारण बेसमेंट में बिना अनुमति अवैध रूप से लाइब्रेरी संचालित हो रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि बेसमेंट के व्यावसायिक उपयोग की मंजूरी नहीं ली गई थी और वहां पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था भी नहीं थी।
गौरतलब है कि 27 जुलाई 2024 को भारी बारिश के दौरान बेसमेंट में अचानक पानी भर गया था, जिससे यूपीएससी अभ्यर्थी तान्या सोनी, श्रेया यादव और नेविन डाल्विन की डूबने से मौत हो गई थी। इस घटना ने राजधानी में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
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सीबीआई ने बताया कि संबंधित तीन एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पहले से जारी है। वहीं, जूनियर इंजीनियर अर्णव कुमार दत्ता के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसके अलावा भवन मालिकों, कोचिंग संचालकों और अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी आरोपपत्र अदालत में पेश किया जा चुका है। अब सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय अदालत करेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सीबीआई ने पुरानी राजेंद्र नगर स्थित राउ आईएएस स्टडी सर्कल के बेसमेंट में पानी भरने से तीन यूपीएससी अभ्यर्थियों की मौत के मामले में दिल्ली की अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। एजेंसी ने कहा कि जांच में दो वरिष्ठ एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक लापरवाही के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले, इसलिए उन्हें क्लीन चिट दी गई है।
हालांकि, एमसीडी के भवन विभाग के तीन अधिकारियों को ड्यूटी में लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया गया है। सीबीआई के अनुसार, इन अधिकारियों की चूक के कारण बेसमेंट में बिना अनुमति अवैध रूप से लाइब्रेरी संचालित हो रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि बेसमेंट के व्यावसायिक उपयोग की मंजूरी नहीं ली गई थी और वहां पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था भी नहीं थी।
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गौरतलब है कि 27 जुलाई 2024 को भारी बारिश के दौरान बेसमेंट में अचानक पानी भर गया था, जिससे यूपीएससी अभ्यर्थी तान्या सोनी, श्रेया यादव और नेविन डाल्विन की डूबने से मौत हो गई थी। इस घटना ने राजधानी में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
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सीबीआई ने बताया कि संबंधित तीन एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पहले से जारी है। वहीं, जूनियर इंजीनियर अर्णव कुमार दत्ता के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसके अलावा भवन मालिकों, कोचिंग संचालकों और अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी आरोपपत्र अदालत में पेश किया जा चुका है। अब सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय अदालत करेगी।