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AAP Politics: 'जो डर गया, समझो मर गया.. मोदी के खिलाफ बोलने में हिचकिचाते हैं'; राघव के जवाब पर 'आप' का पलटवार
Fri, 03 Apr 2026 12:48 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Sharukh Khan
Updated Fri, 03 Apr 2026 12:48 PM IST
सार
आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने AAP सांसद राघव चड्ढा पर पलटवार किया है। यह पलटवार राघव चड्ढा की उन टिप्पणियों के बाद आया है, जिनमें उन्होंने राज्यसभा में पार्टी के उप-नेता पद से हटाए जाने का ज़िक्र किया था।
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राघव चड्ढा पर भड़की 'आप'
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर हमला बोला है। आप ने आरोप लगाया है कि चड्ढा प्रधानमंत्री 'मोदी से डरते हैं'। साथ ही आरोप लगाए हैं कि बोलने के लिए मिलने वाले समय का इस्तेमाल समोसे सस्ते कराने में लगाते हैं।
आप राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ने आरोप लगाया है कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया था तो चड्ढा ने उस पर सिग्नेचर भी नहीं किए थे।
पार्टी ने गुरुवार को राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाने के लिए सचिवालय को पत्र लिखा था। साथ ही पंजाब से उद्योगपति से सांसद बने अशोक मित्तल को पार्टी ने नया उपनेता नियुक्त किया है।
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आप राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ने आरोप लगाया है कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया था तो चड्ढा ने उस पर सिग्नेचर भी नहीं किए थे।
पार्टी ने गुरुवार को राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाने के लिए सचिवालय को पत्र लिखा था। साथ ही पंजाब से उद्योगपति से सांसद बने अशोक मित्तल को पार्टी ने नया उपनेता नियुक्त किया है।
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एक्स पर एक पोस्ट में ढांडा ने जोर देकर कहा कि चड्ढा पिछले कुछ वर्षों से डरे हुए हैं और पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने से हिचकिचाते हैं। आप नेता ने कहा कि पार्टी को संसद में बोलने के लिए बहुत कम समय मिलता है। इस सीमित समय में पार्टी या तो देश को बचाने के लिए संघर्ष कर सकती है, या फिर "हवाई अड्डे पर समोसे सस्ते करवाने" की मांग कर सकती है।
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ढांडा ने आगे आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ आप के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था, जबकि जब गुजरात पुलिस आप कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रही थी, तब उन्होंने कुछ भी नहीं कहा।
'हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है'
उन्होंने कहा कि "हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। अगर कोई मोदी से डरता है, तो क्या वह देश के लिए लड़ेगा? संसद में पार्टी को बोलने के लिए बहुत कम समय मिलता है, इस समय में हम या तो देश को बचाने के लिए संघर्ष कर सकते हैं, या फिर हवाई अड्डे की कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने की मांग कर सकते हैं"
उन्होंने कहा कि "हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। अगर कोई मोदी से डरता है, तो क्या वह देश के लिए लड़ेगा? संसद में पार्टी को बोलने के लिए बहुत कम समय मिलता है, इस समय में हम या तो देश को बचाने के लिए संघर्ष कर सकते हैं, या फिर हवाई अड्डे की कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने की मांग कर सकते हैं"
"गुजरात में, हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को भाजपा की पुलिस ने गिरफ्तार किया है, क्या माननीय सांसद सदन में इस बारे में कुछ कहेंगे? पश्चिम बंगाल में वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है। जब सदन में CEC के खिलाफ एक प्रस्ताव आया, तो 'भाई साहब' ने उस पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। जब पार्टी सदन से वॉकआउट कर गई, तब वे मोदी जी के लिए अपनी हाजिरी लगवाने के लिए वहीं रुके रहे।
'पिछले कुछ वर्षों से तुम डरे हुए हो, राघव'
ढांडा ने आगे कहा कि "पिछले कुछ वर्षों से तुम डरे हुए हो, राघव। तुम मोदी के खिलाफ बोलने से हिचकिचाते हो। तुम देश के असली मुद्दों पर बोलने से हिचकिचाते हो" इससे पहले आज, राज्यसभा में पार्टी के उप-नेता पद से हटाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी पर सीधा हमला करते हुए AAP सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि संसद में उनकी चुप्पी को हार नहीं समझा जाना चाहिए।
ढांडा ने आगे कहा कि "पिछले कुछ वर्षों से तुम डरे हुए हो, राघव। तुम मोदी के खिलाफ बोलने से हिचकिचाते हो। तुम देश के असली मुद्दों पर बोलने से हिचकिचाते हो" इससे पहले आज, राज्यसभा में पार्टी के उप-नेता पद से हटाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी पर सीधा हमला करते हुए AAP सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि संसद में उनकी चुप्पी को हार नहीं समझा जाना चाहिए।
'राज्यसभा में अहम मुद्दे उठाने के बजाय "सॉफ्ट PR" पर ध्यान केंद्रित किया'
दिल्ली आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पार्टी सांसद राघव चड्ढा पर राज्यसभा में अहम मुद्दे उठाने के बजाय "सॉफ्ट PR" पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया है।
दिल्ली आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पार्टी सांसद राघव चड्ढा पर राज्यसभा में अहम मुद्दे उठाने के बजाय "सॉफ्ट PR" पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया है।
'अगर कोई पार्टी लाइन से हटता है तो कार्रवाई होती है'
वहीं, पंजाब से मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राघव चड्ढा ने पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए। अगर कोई पार्टी लाइन से हटता है तो कार्रवाई होती है। केंद्र के पंजाब के रोके गए फंड का मुद्दा नहीं उठाया। समोसे का मुद्दा उठाया।
मान ने कहा कि पार्टी का संसदीय बोर्ड का नेता बदलता रहता है। मैं भी जब संसद में था तब भी कुछ बदलाव किए गए थे। ये बदलाव होते रहते हैं। संसद में कई मुद्दे ऐसे होते हैं, जब पार्टी को वॉकआउट करना होता है लेकिन जब कोई सांसद नहीं करता है तो ये व्हिप का उल्लंघन होता है इसलिए उसके बाद कार्रवाई की जाती। मान ने कहा कि सही वोटों को काटे जाने का मुद्दा हो या गुजरात में हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, ऐसे मुद्दों को न उठाकर कैंटीन में समोसे का मुद्दा उठाया जाता है, डिलीवरी कितने समय में होगी ये मुद्दा उठाया जाता है। मुझे लगता है वो काम्प्रोमाइज्ड हैं।
वहीं, पंजाब से मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राघव चड्ढा ने पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए। अगर कोई पार्टी लाइन से हटता है तो कार्रवाई होती है। केंद्र के पंजाब के रोके गए फंड का मुद्दा नहीं उठाया। समोसे का मुद्दा उठाया।
मान ने कहा कि पार्टी का संसदीय बोर्ड का नेता बदलता रहता है। मैं भी जब संसद में था तब भी कुछ बदलाव किए गए थे। ये बदलाव होते रहते हैं। संसद में कई मुद्दे ऐसे होते हैं, जब पार्टी को वॉकआउट करना होता है लेकिन जब कोई सांसद नहीं करता है तो ये व्हिप का उल्लंघन होता है इसलिए उसके बाद कार्रवाई की जाती। मान ने कहा कि सही वोटों को काटे जाने का मुद्दा हो या गुजरात में हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, ऐसे मुद्दों को न उठाकर कैंटीन में समोसे का मुद्दा उठाया जाता है, डिलीवरी कितने समय में होगी ये मुद्दा उठाया जाता है। मुझे लगता है वो काम्प्रोमाइज्ड हैं।
एक्स पर एक पोस्ट में, चड्ढा ने संसद में उन्हें बोलने से रोके जाने के पीछे के कारणों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वह लगातार आम लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दे उठाते रहे हैं, और उन्होंने पूछा कि क्या ऐसा करना किसी भी तरह की कोई गलत हरकत है।
राघव चड्ढा ने कहा कि "जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, तो मैं जनता से जुड़े मुद्दे उठाता हूं। और शायद मैं ऐसे विषय उठाता हूं जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते। लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है?"
'मेरी चुप्पी को मेरी हार मत समझना'
चड्ढा ने आगे कहा कि वह हमेशा संसद में जनता के मुद्दे उठाते रहे हैं, AAP सांसद ने कहा कि उनके अधिकार छीने जा रहे हैं, लेकिन उन्हें उनकी चुप्पी को हार नहीं समझना चाहिए। "और जिन लोगों ने आज संसद में बोलने का मेरा अधिकार छीन लिया, मुझे चुप करा दिया। मैं उनसे भी कुछ कहना चाहता हूं। मेरी चुप्पी को मेरी हार मत समझना। मेरी चुप्पी को मेरी हार मत समझना। मैं वह नदी हूं जो समय आने पर बाढ़ बन जाती है"
चड्ढा ने आगे कहा कि वह हमेशा संसद में जनता के मुद्दे उठाते रहे हैं, AAP सांसद ने कहा कि उनके अधिकार छीने जा रहे हैं, लेकिन उन्हें उनकी चुप्पी को हार नहीं समझना चाहिए। "और जिन लोगों ने आज संसद में बोलने का मेरा अधिकार छीन लिया, मुझे चुप करा दिया। मैं उनसे भी कुछ कहना चाहता हूं। मेरी चुप्पी को मेरी हार मत समझना। मेरी चुप्पी को मेरी हार मत समझना। मैं वह नदी हूं जो समय आने पर बाढ़ बन जाती है"
AAP सांसद ने जोर देकर कहा कि संसद में उनके हस्तक्षेप रोजमर्रा की चिंताओं पर केंद्रित होते हैं, जैसे हवाई अड्डों पर खाने की ज्यादा कीमतें, डिलीवरी कर्मचारियों को पेश आने वाली चुनौतियां, खाने में मिलावट, टोल और बैंकिंग शुल्क, कंटेंट बनाने वालों पर पड़ने वाले टैक्स के मुद्दे, और टेलीकॉम कंपनियों की ऐसी हरकतें जैसे बार-बार रिचार्ज करवाना और डेटा रोलओवर की सुविधा न देना।
राघव चड्ढा ने कहा कि "मैं Zomato और Blinkit के डिलीवरी राइडर्स की समस्याओं के बारे में बात करता हूं। मैं खाने में मिलावट का मुद्दा उठाता हूं। मैं टोल प्लाज़ा और बैंक शुल्कों की लूट के बारे में बात करता हूं। मैं मध्यम वर्ग पर टैक्स के बोझ के कारण कंटेंट बनाने वालों पर पड़ने वाले असर के बारे में भी बात करता हूं। मैं इस बारे में बात करता हूं कि कैसे टेलीकॉम कंपनियां हमसे 12 महीनों में 13 बार रिचार्ज करवाती हैं। वे डेटा रोलओवर की सुविधा नहीं देतीं। रिचार्ज खत्म होने के बाद वे इनकमिंग कॉल भी बंद कर देती हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि ये मुद्दे जनता के हित में हैं और सवाल उठाया कि इन्हें उठाने से पार्टी को कैसे नुकसान पहुंच सकता है। पार्टी ने बताया कि गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक आधिकारिक पत्र भेजकर सूचित किया कि अशोक कुमार मित्तल उच्च सदन में AAP के नए उपनेता होंगे।
पंजाब से उद्योगपति से सांसद बने अशोक मित्तल को पार्टी ने नया उपनेता नियुक्त किया
मित्तल ने सदन में AAP के उपनेता के तौर पर राघव चड्ढा की जगह ली है। राघव चड्ढा अप्रैल 2022 से सांसद भी हैं। संसद में जनहित के मुद्दे उठाने के कारण वे कई मौकों पर सुर्खियों में रहे हैं।
मित्तल ने सदन में AAP के उपनेता के तौर पर राघव चड्ढा की जगह ली है। राघव चड्ढा अप्रैल 2022 से सांसद भी हैं। संसद में जनहित के मुद्दे उठाने के कारण वे कई मौकों पर सुर्खियों में रहे हैं।
पिछले महीने, राघव चड्ढा ने "सरपंच पति" या "पंचायत पति" की प्रथा पर चिंता जताई थी। इस प्रथा के तहत, पंचायत की आरक्षित सीटों पर चुनी गई महिलाएं अक्सर केवल नाममात्र की मुखिया होती हैं, जबकि असली सत्ता उनके पुरुष रिश्तेदार ही संभालते हैं।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह यह सुनिश्चित करे कि स्थानीय निकायों में महिला प्रतिनिधि, 73वें संविधान संशोधन के तहत परिकल्पित वास्तविक अधिकार का प्रयोग कर सकें।