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जनता के साथ जानवर भी ले रहे अनोखे आंदोलन में हिस्सा, 16500 पेड़ बचाने के लिए चल रही मुहिम

Mon, 25 Jun 2018 09:38 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो,अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 25 Jun 2018 09:38 AM IST
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public start chipko movement animal also participate for save 16500 tree of delhi
delhi trees - फोटो : G. pal

दक्षिणी दिल्ली में केंद्र की मंजूर सात कॉलोनियों की पुनर्विकास परियोजना में 16500 पेड़ों की कटाई की खिलाफत परवान चढ़ रही है।  इस परियोजना के विरोध में स्थानीय लोगों ने मशहूर चिपको आंदोलन की तर्ज पर एकजुट होकर अहिंसात्मक विरोध शुरू कर दिया है। शनिवार सुबह से दर्जनों गैर सरकारी संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों ने दिल्ली के भीतर पेड़ों की कटाई के विरोध में चिपको आंदोलन शुरू किया। इसके अलावा रविवार को आंदोलन तेज करने का निर्णय  भी लिया है। इस साझा अभियान को ‘सेव 16500 ट्री ऑफ दिल्ली’ का नाम दिया गया है।

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public start chipko movement animal also participate for save 16500 tree of delhi
delhi trees - फोटो : G. pal

चिपको मुहिम के दौरान चिड़िया घर में एक सफेद बाध पेड़ पर चिपका मिला। जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ था। साझा अभियान की तरफ से कहा गया है कि नौरोजी नगर में बीते वर्ष 3 हजार पेड़ काटे गए थे। भविष्य में और पेड़ काटे जाने हैं। इसलिए सरोजनी नगर पुलिस स्टेशन के पास सरकार को संदेश देने के लिए सभी साढ़े 4 बजे एकजुट होंगे। पेड़ों से चिपकेंगे। 

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save tree

इनमें पर्यावरणविद अनिल सूद, विक्रांत तोंगड़, दीपक ट्री मेन, वेरहन खन्ना और अन्य स्थानीय नागरिक भागीदारी करेंगे। वहीं नौरोजी नगर में होटल हयात के सामने और नेताजी नगर में अफ्रीका एवेन्यू के पास लोगों ने पेड़ों से चिपककर विरोध जताया। वहीं नौरोजी नगर में एक युवती ने सुबह रोकर कहा कि वह नहीं चाहती कि उनका यह प्यारा पेड़ कटे।  दूसरी ओर, दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल भी शुरू हो गया है।

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save tree
नामी-गिरामी लोगों को मुहिम से जुड़ने की अपील 
पेड़ों को बचाने के लिए दिल्ली के नामी-गिरामी लोगों से भी इस मुहिम के साथ जुड़ने की अपील की गई है। इनमें अभिनेत्री गुलपनाग, स्वरा भास्कर, शेहला राशिद, राइडर प्रकाश, अभिनेत्री दिया मिर्जा, पर्यावरणविद पदमावती द्विवेदी जैसे नाम शामिल हैं। वहीं सोशल मीडिया के जरिए संस्थाएं और दक्षिणी दिल्ली के लोग इस मुहिम को धीरे-धीरे परवान चढ़ा रहे हैं। 

आप नेता सौरभ ने वीडियो बनाकर की अपील 
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने भी एक वीडियो पोस्ट कर कहा है कि यह 17 हजार पेड़ दिल्ली के फेफड़े हैं। यदि इन्हें काट दिया जाएगा तो दिल्ली बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह वीडियो संदेश वे राजनीति से इतर दे रहे हैं। हालांकि उन्होंने बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का कसूरवार केंद्र को ठहराया है। 

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save tree

केंद्रीय मंत्री का ट्वीट, बोले- पैदा किया जा रहा भ्रम 
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने ट्वीट कर कहा कि लोगों के बीच पेड़ों की कटाई और परियोजना के मामले में भ्रम पैदा किया जा रहा है। जिस ग्रीन मॉडल पर पुनर्विकास कार्य किया जाना है, उससे तीन गुना तक हरियाली और बढ़ जाएगी। इस तरह के ग्रीन मॉडल वाले पुनर्विकास परियोजनाओं में भूमि पर मौजूद संरचना को 15 से 20 फीसदी भू-भाग तक सीमित कर दिया जाएगा, जो कि अभी 50 फीसदी तक है। ऐसे में पचास फीसदी तक नए ग्रीन मॉल हाउसिंग परियोजनाओं से हरियाली बढ़ जाएगी।  

100 वर्ष पुराना पेड़ काटकर 10 पेड़ लगाने से नहीं कोई फायदा
न्यू दिल्ली नेचर सोसाइटी के संस्थापक वेरहन खन्ना ने कहा कि शनिवार की सुबह पेड़ों से चिपककर स्थानीय नागरिकों ने सरकार को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 100 वर्ष पुराना पेड़ काटकर दस पेड़ लगाए भी जाएं तो भी यह किसी काम का नहीं होगा। इनसे 100 वर्ष पुराने पेड़ की भरपाई नहीं की जा सकती।  

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