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दिवाली का साइड इफेक्ट: प्रदूषण के साथ बढ़ी बीमारियां, अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या बढ़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sun, 22 Oct 2017 05:50 PM IST
सार
दिवाली का साइड इफेक्ट: प्रदूषण के साथ बढ़ी बीमारियां, अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या बढ़ी
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विस्तार
मौसम में बदलाव और दिवाली के बाद बढ़े प्रदूषण का प्रभाव औद्योगिक नगरी के लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। दिवाली के बाद से बुखार, बदनदर्द, सांस लेने में दिक्कत वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनके अलावा लोगों में आंखों की जलन, त्वचा की समस्या भी बढ़ी है।
बीके सिविल अस्पताल रिकॉर्ड के मुताबिक दिवाली के बाद जुकाम-बुखार, बदनदर्द जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या शनिवार को 650 पहुंच गई। अधिकतर मरीज तेज बुखार, बदनदर्द और सांस लेने में समस्या होने की शिकायत लेकर आए थे।
करीब डेढ़ सौ लोग आंखों में जलन, खुजली और पानी बहने की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नवीन गर्ग ने बताया कि दिवाली के बाद वातावरण में एलर्जन (एलर्जी करने वाले तत्व) की मात्रा बढ़ गई है।
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हवा, पानी के जरिए संपर्क में आने पर शरीर में बीमारी पैदा कर रहे हैं। इसके अलावा मौसम में बदलाव हो रहा है। सुबह शाम के तापमान में काफी अंतर है जो कि बीमारी फैलाने वाले वायरस फैलने की वजह है।
यही वजह है कि इस मौसम में जुकाम, बुखार, सिरदर्द, आंख-नाक से पानी बहने की समस्या बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि बीके सिविल अस्पताल में आमतौर पर इन बीमारियों के डेढ़ सौ से दो सौ मरीज आते हैं लेकिन शनिवार को इनकी संख्या साढ़े छह सौ पहुंच गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं मौजूद हैं।
बीमारी फैलने से बचाएं
डॉ. नवीन गर्ग ने कहा कि वायरल बुखार संक्रामक होते हैं, मरीज के संपर्क में आने वाला व्यक्ति भी वाइरस की चपेट में आकर बीमार पड़ सकता है, कुछ सावधानियां बरतने से बुखार से बचा जा सकता है।
-मरीज को हवादार जगह पर रखें और जरूरत पडने पर ही उससे मिलें।
-मरीज से हाथ मिलाने के बाद साबुन से हाथ धोएं।
-खांसते समय मुंह पर कपड़ा रखें, क्योंकि वाइरस हवा के जरिए दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं।
-मरीज के पास स्वच्छता और सफाई रखें।
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बीके सिविल अस्पताल रिकॉर्ड के मुताबिक दिवाली के बाद जुकाम-बुखार, बदनदर्द जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या शनिवार को 650 पहुंच गई। अधिकतर मरीज तेज बुखार, बदनदर्द और सांस लेने में समस्या होने की शिकायत लेकर आए थे।
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करीब डेढ़ सौ लोग आंखों में जलन, खुजली और पानी बहने की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नवीन गर्ग ने बताया कि दिवाली के बाद वातावरण में एलर्जन (एलर्जी करने वाले तत्व) की मात्रा बढ़ गई है।
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हवा, पानी के जरिए संपर्क में आने पर शरीर में बीमारी पैदा कर रहे हैं। इसके अलावा मौसम में बदलाव हो रहा है। सुबह शाम के तापमान में काफी अंतर है जो कि बीमारी फैलाने वाले वायरस फैलने की वजह है।
यही वजह है कि इस मौसम में जुकाम, बुखार, सिरदर्द, आंख-नाक से पानी बहने की समस्या बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि बीके सिविल अस्पताल में आमतौर पर इन बीमारियों के डेढ़ सौ से दो सौ मरीज आते हैं लेकिन शनिवार को इनकी संख्या साढ़े छह सौ पहुंच गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं मौजूद हैं।
बीमारी फैलने से बचाएं
डॉ. नवीन गर्ग ने कहा कि वायरल बुखार संक्रामक होते हैं, मरीज के संपर्क में आने वाला व्यक्ति भी वाइरस की चपेट में आकर बीमार पड़ सकता है, कुछ सावधानियां बरतने से बुखार से बचा जा सकता है।
-मरीज को हवादार जगह पर रखें और जरूरत पडने पर ही उससे मिलें।
-मरीज से हाथ मिलाने के बाद साबुन से हाथ धोएं।
-खांसते समय मुंह पर कपड़ा रखें, क्योंकि वाइरस हवा के जरिए दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं।
-मरीज के पास स्वच्छता और सफाई रखें।