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‘बच्ची नहीं मिली तो परिवार समेत दूंगा जान’, पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Tue, 25 Oct 2016 12:10 AM IST
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नोएडा से लापता हुए बच्चों के माता-पिता ने सोमवार को पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्न लगाते हुए घोर निंदा की। सेक्टर-6 स्थित एनईए सभागार में बच्चों के परिजनों ने पुलिस पर बच्चों को तलाशने में लापरवाही का आरोप लगाया और प्रदेश सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया। लापता बच्ची कशिश रावत के पिता ने कहा कि यदि उनकी पुत्री नहीं मिली तो वह अपने एक वर्षीय पुत्र और पत्नी के साथ जहर खाकर जान दे देंगे।
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लापता बच्चों के परिजनों ने एनईए सभागार से एसपी सिटी कार्यालय तक पैदल मार्च किया और उनके कार्यालय में पत्र देकर बच्चों को जल्द खोजने की मांग की। वहीं, ममूरा से 19 अक्तूूबर को लापता हुए बच्चे कार्तिक के परिजनों ने सोमवार सुबह फेज-3 थाने पर करीब दो घंटे तक पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी बच्चे का कुछ पता नहीं चला है। इस पर लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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कार्तिक ममूरा के गली नंबर-1 में परिवार के साथ रहता है। 19 अक्तूबर की शाम को घर के सामने खेलते समय लापता हो गया। उसके पिता प्रवीण कुमार का आरोप है कि पुलिस बच्चे की तलाश में लापरवाही बरत रही है।
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वहीं, 12 मई को सेक्टर-22 में घर के सामने पार्क में खेल रही पांच वर्षीय कशिश का पुलिस अब तक सुराग नहीं लगा पाई है। कशिश के पिता संजय रावत का पुलिस मामले में लापरवाही बरत रही है। ऐसे में बच्ची की तलाश सीबीआई करे। इसके अलावा 2 जनवरी को हरौला से लापता हुए शिवम के पिता राजेश कुमार का कहना है कि वह पुलिस के पास जाकर थक गए हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। बता दें कि विगत चार वर्षों में शहर से 230 बच्चे लापता हो चुके हैं।
शहर से लापता हुए बच्चों को तलाशने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों को तलाशने या मामले की जांच करने में जो भी पुलिसकर्मी या संबंधित थाने का प्रभारी ढिलाई बरतेगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
दिनेश यादव, एसपी सिटी
मैं और शहर के सभी उद्योगपति बच्चों के लगातार लापता होने और पुलिस के ढीले रवैये से शर्मिंदा हैं। लापता हुए बच्चों के परिजनों के साथ औद्योगिक संगठन हर वक्त खड़ा है। प्रदेश सरकार को भी कड़े कदम उठाने चाहिए। - विपिन मल्हन, एनईए अध्यक्ष