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Hapur: फैक्टरी में यूरिया से बन रही प्लाईवुड का पर्दाफाश, कृषि विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने मारा छापा

Mon, 05 Aug 2024 10:49 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़ Published by: आकाश दुबे Updated Mon, 05 Aug 2024 10:49 PM IST
सार

इलाके के जरौठी रोड पर फैक्टरी है। किसानों ने वीडियो बनाकर कृषि विभाग को सूचना दी थी। छापे में 20 कट्टे मिले हैं।

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Plywood being made from urea in factory in Hapur exposed
जब्त की गई यूरिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हापुड़ में जरौठी रोड पर एक प्लाईवुड फैक्टरी में अनुदानित कृषि यूरिया के प्रयोग का पर्दाफाश हुआ है। कृषि विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने किसानों की सूचना पर फैक्टरी के बाहर दो ई-रिक्शाओं से 20 कट्टा यूरिया बरामद किया है। सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

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कृषि संबंधी यूरिया किसानों को करीब पांच गुना कम दाम पर मुहैया कराया जाता है, जिस पर सरकार अनुदान देती है। इसे नीम लेपित भी किया गया है, फिर भी फैक्टरियों में इसका जमकर प्रयोग हो रहा है। जरौठी रोड स्थित एक प्लाइवुड फैक्टरी में अनुदानित यूरिया जाता देख, किसान अमरेंद्र सिंह, अरविंद सिंह, आदित्य सिंह, संदीप शर्मा, वीरपाल सिंह, टिंकी सिंह ने कृषि विभाग को सूचना दे दी।
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किसानों ने फैक्टरी के बॉयलर में यूरिया डालते के दौरान का वीडियो बना लिया। सूचना पर कृषि विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम पहुंच गई। लेकिन इस दौरान फैक्टरी से यूरिया बाहर करा दिया गया। टीम को 20 कट्टा यूरिया फैक्टरी के बाहर मिला, लेकिन किसानों ने तत्काल ही अंदर का वीडियो उपलब्ध करा दिया। जिस ई-रिक्शा में यूरिया बाहर दिख रहा था, वीडियो में वही अंदर लेकर जा रहा था। आनन फानन में कट्टों से यूरिया का नमूना लेकर, जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यूरिया अनुदानित है, जिसका प्रयोग कृषि कार्य में किया जाना है न कि फैक्टरी में।
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नीम लेपित होता है कृषि संबंधी यूरिया
45 किलोग्राम वाले यूरिया के एक बैग की वास्तविक कीमत 1497.75 रुपये है। सरकार द्वारा किसानों को इस पर 1231.25 रुपये का अनुदान दिया जाता है। यूरिया को नीम लेपित किया गया है ताकि इसका प्रयोग फैक्टरियों और दूध में रोका जा सके लेकिन मिलावटखोर इसका निस्तारण भी ढूंढ लेते हैं।

मुर्गीदाना फैक्टरी में पकड़े थे 1400 कट्टे
कृषि विभाग की टीम ने 29 अप्रैल को रामपुर रोड पर मुर्गीदाना फैक्टरी में करीब 1400 कट्टा यूरिया बरामद किया गया था। यह यूरिया भी अनुदानित था, इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही यूरिया की नीलामी कराई गई थी। कुल मिलाकर जिले में प्रतिबंध के बावजूद इस तरह के यूरिया का प्रयोग कृषि कार्यों में खूब हो रहा है।


यूरिया पर मिलने वाले अनुदान की स्थिति
कुल कीमत----1497.75 रुपये
अनुदान------1231.25 रुपये
किसानों के लिए उपलब्धता-266.50 रुपये/बैग।

किसानों की सूचना पर प्लाइवुड फैक्टरी पर छापा मारा, फैक्टरी के बाहर 20 कट्टा यूरिया मिला है जो अनुदानित था। किसानों ने वीडियो भी उपलब्ध कराई है, डीएम को मामले से अवगत करा दिया है। यूरिया के सैंपल जांच को लैब भेज दिए हैं। -मनोज कुमार, जिला कृषि अधिकारी।

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