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अभिभावकों ने मांगी बढ़ती फीस से आजादी
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 09 May 2016 04:41 AM IST
सार
- सीएम मनोहर लाल के दरबार में पहुंचा फीस वृद्धि का मामला
- अभिभावकों ने दिया ज्ञापन, स्कूलों के ऑडिट करने की मांग
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बढ़ी फीस के विरोध में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
निजी स्कूलों के फीस वृद्धि का मामला रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के दरबार में पहुंचा। अभिभावकों का पांच सदस्यीय दल सेक्टर-44 स्थित अपैरल हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में आए मुख्यमंत्री से मिला।
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उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में फैली अराजकता, लगातार बढ़ती फीस, शिक्षा का गिरता स्तर, व्यापारिकता और अनियमितताओं को रोकने की मांग की। मुख्यमंत्री ने मांग पत्र लेते हुए इस मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। वहीं अभिभावकों ने कहा कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए। शिक्षा की इन दुकानों पर अगर मुख्यमंत्री के यहां भी न्याय नहीं मिला तो उनका शासन-प्रशासन से यकीन उठ जाएगा।
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इससे पहले 24 से अधिक स्कूलों के अभिभावक लेजर वैली ग्राउंड में एकत्र हुए और स्कूलों की बढ़ी फीस को लेकर बैठक की। अभिभावकों में एकजुट होकर स्कूलों के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को लेकर सहमति बनी। इस बीच जब अभिभावकों को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बारे में पता चला, तो वे सीधे वहां पहुंच गए।
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अभिभावकों की एकजुटता को लेकर पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट था। करीब 40 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को वहां तैनात किया गया था। अभिभावकों ने मुख्यमंत्री से स्थानीय अधिकारियों की भी शिकायत की। उन्होंने कहा कि जब वे शिक्षा के व्यापारीकरण को रोकने को लेकर बने कानून लागू करवाने के लिए उच्च अधिकारियों के पास जाते हैं तो वे चुप रहने या बाहर जाने की बात कहकर बेइज्जत करते हैं।
अभिभावक एकता मंच के महासचिव रामफल श्योराण ने बताया कि निजी स्कूलों के फीस की ऑडिट का प्रावधान है। शिकायत का 60 दिन के अंदर निवारण होना चाहिए, लेकिन यहां 12 माह से कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने शिक्षा की इन बेलगाम दुकानों पर बंदिशें लगाने की गुहार लगाई। इसमें फीस, कानून का पालन नहीं वाले स्कूल अधिग्रहण करने समेत अन्य मुद्दे रखे गए हैं।