अब पार्षदों को भी वेतन-भत्ते देने की तैयारी
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सांसदों व विधायकों की भांति दिल्ली नगर निगम के पार्षदों की भी प्रतिमाह
दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने डीएमसी एक्ट का प्रारूप तैयार करके दिल्ली सरकार के पास भेज दिया है। उम्मीद है कि दिल्ली सरकार विधानसभा के अगले सत्र में उस पर मुहर लगाएगी।
दिल्ली राज्य चुनाव आयोग नेे करीब
दो साल की मशक्कत के बाद नगर निगम का नया एक्ट तैयार किया है। उसने एक्ट पर
मुहर लगाने के लिए उसने पिछले दिनों दिल्ली सरकार के पास भेज दिया है।
संभावना है कि वर्ष 2017 में नगर निगम के चुनाव के बाद नया एक्ट लागू होगा
और उसके तहत ही सरकार बनेगी।
सूत्रों के
अनुसार, नए एक्ट में पार्षदों को प्रतिमाह करीब 10 हजार रुपये वेतन देने और
कार्यालय में स्टाफ रखने और अन्य खर्च के लिए भी भत्ता देने की सिफारिश की
गई है। इसके अलावा प्रति बैठक मिलने वाले भत्ते की राशि और प्रतिमाह मिलने
वाले बैठक भत्ते की सीमा भी बढ़ाने का प्रावधान किया है।
दूसरी
ओर नगर निगम में सरकार गठन की व्यवस्था में भी कई परिवर्तन करने की
सिफारिश की गई है। मेयर का कार्यकाल पांच वर्ष और नगर निगम की सबसे ताकतवर
स्थायी समिति की कमान भी मेयर को ही देने का सुझाव दिया है।
एक्ट
में वार्ड स्तर पर समिति गठित करने करने की भी व्यवस्था की गई है। इस
कमेटी में स्थानीय पार्षद, अधिकारी और आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी शामिल
होंगे।
मगर यह सब व्यवस्था लागू होना दिल्ली सरकार के रुख पर निर्भर है। वह
एक्ट के प्रारूप में परिवर्तन कर सकती है। इसके अलावा विधानसभा में
विधायकों को एक्ट में संशोधन के लिए सुझाव देने का अधिकार है। सरकार उनके
सुझावों को स्वीकार कर सकती है।
एमसीडी को फंड जारी करने की मांग
एमसीडी के लिए फंड जारी करने की मांग को लेकर प्रदेश
भाजपा व एमसीडी नेताओं ने मंगलवार को जंतर मंतर पर धरना देकर विरोध
प्रदर्शित किया। सरकार को चेतावनी दी कि अगर चौथे वित्त आयोग की सिफारिशों
के अनुसार एमसीडी को फंड जारी नहीं किया गया तो जेल भरो आंदोलन करेंगे।

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