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इंटरचेंज से जुड़ेंगे यमुना एक्सप्रेस वे व ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे-
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इंटरचेंज से जुड़ेंगे यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने के लिए इंटरचेंज बनाया जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट से 9.5 किलोमीटर यह इंटरचेंज बनेगा। इस पर करीब 83.94 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यमुना प्राधिकरण की देखरेख में यह 18 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। दरअसल, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तो पिछले साल ही बनकर तैयार हो गया, लेकिन यह अभी तक यमुना एक्सप्रेस वे से जुड़ नहीं पाया है, जिससे दोनों एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्री परेशान होते हैं। दूसरी तरफ नोएडा एयरपोर्ट की भी बिड जारी होने जा रही है। इसके लिए भी दोनों एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने की दरकार है। राज्य सरकार ने पहले ही इस पर मंजूरी दे दी है। जिस जगह यह इंटरचेंज बनेगा, वहां से यमुना एक्सप्रेसवे परी चौक की तरफ से करीब 9.5 किलोमीटर पर है। इसे बनाने के लिए यमुना प्राधिकरण ने बुधवार को टेंडर निकाल दिया है। एक माह में निर्माण करने वाली कंपनी का चयन कर लिया जाएगा।
इंटरचेंज में चार लूप और आठ रैंप होंगे
यमुना प्राधिकरण के मुताबिक जगनपुर-अफजलपुर के पास बनने वाले इस इंटरचेंज में चार लूप और आठ रैंप होंगे, जिससे ईस्टर्न पेरिफेरल से यमुना एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर वाहन आसानी से आजा सकेंगे।
एनसीआर के इन शहरों से आने वाले वाहनों को होगा फायदा
इंटरचेंज बनने के बाद गाजियाबाद, मेरठ, बागपत आदि शहरों से आगरा जाने वाले वाहन चालक ईस्टर्न पेरिफेरल से यमुना एक्सप्रेसवे पर आ सकेंगे। इसी तरह ग्रेटर नोएडा, नोएडा, दिल्ली वाले भी यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिये पलवल, गुरुग्राम आदि जगहों का सफर कर सकेंगे।
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ईस्टर्न और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए इंटरजेंच बनाने के लिए टेंडर निकाल दिया गया है। एक महीने में कंपनी का चयन कर काम शुरू कराने का लक्ष्य है। डेढ़ साल में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इससे कई शहरों को फायदा होगा। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण
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ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने के लिए इंटरचेंज बनाया जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट से 9.5 किलोमीटर यह इंटरचेंज बनेगा। इस पर करीब 83.94 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यमुना प्राधिकरण की देखरेख में यह 18 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। दरअसल, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तो पिछले साल ही बनकर तैयार हो गया, लेकिन यह अभी तक यमुना एक्सप्रेस वे से जुड़ नहीं पाया है, जिससे दोनों एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्री परेशान होते हैं। दूसरी तरफ नोएडा एयरपोर्ट की भी बिड जारी होने जा रही है। इसके लिए भी दोनों एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने की दरकार है। राज्य सरकार ने पहले ही इस पर मंजूरी दे दी है। जिस जगह यह इंटरचेंज बनेगा, वहां से यमुना एक्सप्रेसवे परी चौक की तरफ से करीब 9.5 किलोमीटर पर है। इसे बनाने के लिए यमुना प्राधिकरण ने बुधवार को टेंडर निकाल दिया है। एक माह में निर्माण करने वाली कंपनी का चयन कर लिया जाएगा।
इंटरचेंज में चार लूप और आठ रैंप होंगे
यमुना प्राधिकरण के मुताबिक जगनपुर-अफजलपुर के पास बनने वाले इस इंटरचेंज में चार लूप और आठ रैंप होंगे, जिससे ईस्टर्न पेरिफेरल से यमुना एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर वाहन आसानी से आजा सकेंगे।
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एनसीआर के इन शहरों से आने वाले वाहनों को होगा फायदा
इंटरचेंज बनने के बाद गाजियाबाद, मेरठ, बागपत आदि शहरों से आगरा जाने वाले वाहन चालक ईस्टर्न पेरिफेरल से यमुना एक्सप्रेसवे पर आ सकेंगे। इसी तरह ग्रेटर नोएडा, नोएडा, दिल्ली वाले भी यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिये पलवल, गुरुग्राम आदि जगहों का सफर कर सकेंगे।
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ईस्टर्न और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए इंटरजेंच बनाने के लिए टेंडर निकाल दिया गया है। एक महीने में कंपनी का चयन कर काम शुरू कराने का लक्ष्य है। डेढ़ साल में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इससे कई शहरों को फायदा होगा। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण