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Noida News: छोटे-छोटे कारोबार से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। शहर में अब महिलाएं छोटे स्तर पर कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भरता बन रही हैं। कोई दुपट्टे बेच रही है तो कोई सूट, साड़ी और बच्चों के कपड़ों का व्यवसाय संभाल रही है। इन महिलाओं ने अपने हुनर और मेहनत को रोजगार का माध्यम बनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
पहले मैं सिर्फ हाउसवाइफ थी और पूरा समय घर संभालने में निकल जाता था लेकिन मैंने सोचा कि खुद का भी कुछ काम शुरू करना चाहिए। दोपहर से रात तक दुपट्टे की दुकान संभालती हूं। - रंजू तिवारी, सेक्टर-29
पति की कमाई से पूरे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। हमारे तीन बच्चे हैं और उनकी पढ़ाई और जरूरतों को पूरा करना आसान नहीं था। इसके बाद हमने बच्चों के कपड़ों का काम शुरू किया। -सविता, सेक्टर-110
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मैं मूल रूप से राजस्थान से हूं। वहां के प्रिंट, कॉटन कपड़े और पारंपरिक डिजाइन लोगों को काफी पसंद आते हैं। पहले छोटी दुकान लगाई थी, लेकिन अब लोग पहचानने लगे हैं और लगातार ग्राहक आ रहे हैं। -शीतल, सेक्टर-30
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नोएडा। शहर में अब महिलाएं छोटे स्तर पर कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भरता बन रही हैं। कोई दुपट्टे बेच रही है तो कोई सूट, साड़ी और बच्चों के कपड़ों का व्यवसाय संभाल रही है। इन महिलाओं ने अपने हुनर और मेहनत को रोजगार का माध्यम बनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
पहले मैं सिर्फ हाउसवाइफ थी और पूरा समय घर संभालने में निकल जाता था लेकिन मैंने सोचा कि खुद का भी कुछ काम शुरू करना चाहिए। दोपहर से रात तक दुपट्टे की दुकान संभालती हूं। - रंजू तिवारी, सेक्टर-29
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पति की कमाई से पूरे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। हमारे तीन बच्चे हैं और उनकी पढ़ाई और जरूरतों को पूरा करना आसान नहीं था। इसके बाद हमने बच्चों के कपड़ों का काम शुरू किया। -सविता, सेक्टर-110
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मैं मूल रूप से राजस्थान से हूं। वहां के प्रिंट, कॉटन कपड़े और पारंपरिक डिजाइन लोगों को काफी पसंद आते हैं। पहले छोटी दुकान लगाई थी, लेकिन अब लोग पहचानने लगे हैं और लगातार ग्राहक आ रहे हैं। -शीतल, सेक्टर-30