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Noida News: नुकसानदायक है एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक उपयोग
Wed, 19 Nov 2025 01:16 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Wed, 19 Nov 2025 01:16 AM IST
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विश्व एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध जागरूकता सप्ताह के उपलक्ष्य में एम्स में आयोजित कार्यशाला ने विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया, जहां उन्होंने एंटीबायोटिक दवाओं के अनावश्यक और अनियंत्रित उपयोग के हानिकारक परिणामों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि बिना चिकित्सीय परामर्श के इन दवाओं का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत जोखिम भरा है।
मंगलवार को एम्स में विश्व एंटीमाइक्रोबियल जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह ने कहा कि बिना किसी ठोस वजह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने से लोगों के शरीर में एंटीबायोटिक रजिस्टेंस विकसित हो रहा है।
ऐसे में जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक दवाओं का शरीर में अनुकूल प्रभाव नहीं पड़ता है और स्वास्थ्य लाभ की दृष्टि से रोगी को इसका नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि बिना चिकित्सीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन कतई न किया जाए।
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डीन एकेडेमिक प्रो. जया चतुर्वेदी ने एंटीबायोटिक दवाओं का आवश्यकतानुसार उपयोग करने और रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) के प्रति जागरूकता हेतु सामुदायिक स्तर पर प्रत्येक व्यक्ति को इस मुहिम में शामिल करने की बात कही। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री ने मुहिम को सफल बनाने के लिए सभी विभागों और प्रत्येक हेल्थ केयर वर्कर के योगदान की जरूरत बतायी।
कार्यक्रम के आयोजन सचिव डाॅ. पीके पांडा ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा निर्देशों के अनुसार इस मुहिम में स्कूली बच्चों, जन समुदाय, चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और प्रत्येक हेल्थ केयर वर्करों को शामिल किया गया है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को एएमआर के प्रति जागरूक करना इसका उद्देश्य है।
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मंगलवार को एम्स में विश्व एंटीमाइक्रोबियल जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह ने कहा कि बिना किसी ठोस वजह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने से लोगों के शरीर में एंटीबायोटिक रजिस्टेंस विकसित हो रहा है।
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ऐसे में जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक दवाओं का शरीर में अनुकूल प्रभाव नहीं पड़ता है और स्वास्थ्य लाभ की दृष्टि से रोगी को इसका नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि बिना चिकित्सीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन कतई न किया जाए।
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डीन एकेडेमिक प्रो. जया चतुर्वेदी ने एंटीबायोटिक दवाओं का आवश्यकतानुसार उपयोग करने और रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) के प्रति जागरूकता हेतु सामुदायिक स्तर पर प्रत्येक व्यक्ति को इस मुहिम में शामिल करने की बात कही। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री ने मुहिम को सफल बनाने के लिए सभी विभागों और प्रत्येक हेल्थ केयर वर्कर के योगदान की जरूरत बतायी।
कार्यक्रम के आयोजन सचिव डाॅ. पीके पांडा ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा निर्देशों के अनुसार इस मुहिम में स्कूली बच्चों, जन समुदाय, चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और प्रत्येक हेल्थ केयर वर्करों को शामिल किया गया है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को एएमआर के प्रति जागरूक करना इसका उद्देश्य है।