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नोएडा में PG को बनाते निशाना: सरगना समेत तीन गिरफ्तार, 90 सीसीटीवी खंगाले; बंगाल से था खास कनेक्शन

Fri, 28 Jun 2024 07:15 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा Published by: अनुज कुमार Updated Fri, 28 Jun 2024 07:15 PM IST
सार

नोएडा पुलिस ने चोरी करने वाले एक गैंग का पर्दाफाश कर दिया है। रेकी कर पीजी और घरों में निशाना बनाने वाले तीन दबोच लिया है। अब तक 400 से अधिक मोबाइल और 200 से अधिक लैपटॉप चुराने की बात सामने आई है।

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three including gang leader arrested by noida police who targeted PG and houses
anuj crime - फोटो : iStock

विस्तार

रेकी कर पीजी व घरों में चोरी करने वाले तीन बदमाशों को सेक्टर-126 थाने की पुलिस ने दबोच लिया है। गिरफ्त में आए आरोपियों में गिरोह का सरगना भी शामिल है। इस अंतरराज्यीय गिरोह के कब्जे से अलग-अलग कंपनियों के 44 मोबाइल और चार लैपटॉप समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। सरगना पूर्व में दिल्ली से जेल जा चुका है। वारदात में इस्तेमाल होने वाले ऑटो को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। बता दें कि आरोपी रात 12 से सुबह छह बजे के बीच वारदात करते थे। बदमाशों ने अबतक 200 लैपटॉप और 400 मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकारी है। चोरी के मोबाइल को आरोपी महज तीन से चार हजार में और लैपटॉप को सात हजार रुपये में बेच देते थे।

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गिरफ्त में आए बदमाश चोरी करने वाले अन्य लोगों से भी चोरी के माल को सस्ते दामों में खरीद लेते हैं और उसे पश्चिम बंगाल में ले जाकर ऊंचे दामों पर बेच देते है। चोरी का लैपटॉप और मोबाइल खरीदने वालों के बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। तीनों आरोपी वर्तमान में नोएडा के अलग-अलग हिस्से में किराये का कमरा लेकर रह रहे हैं। बीते चार सालों से आरोपी वारदात कर रहे हैं। गिरोह में कई अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी पुलिस को मिली है। बदमाशों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की बात भी पुलिस अधिकारियों ने कही है।
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एडीसीपी मनीष कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपियों में सिद्ध गोपाल कक्षा आठ तक पढा है और ऑटो चलाने का काम करता है। तपन मांझी कक्षा चार तक पढा है और घर में रहकर खेती करता था। वहीं सपन मांझी कक्षा दो तक पढा है और चेन्नई में होटल में खाना बनाने का काम करता था। तीनों बदमाशों ने 25 जून की रात एक साथ तीन घरों में चोरी की थी।
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बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि चोरी के लैपटॉप और मोबाइल को दिल्ली के बजाय पश्चिम बंगाल में इसलिए बेचते थे ताकि पुलिस के निशाने पर आने से बच सकें। पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल में से 12 मोबाइल और दो लैपटॉप ऐसे हैं, जिनके मूल स्वामी का पता चल गया है। मोबाइल और लैपटॉप मिलने की सूचना जैसे ही पुलिस ने पीड़ितों को दी उनके चेहरे फिर से खिल उठे। गिरोह को दबोचने वाली टीम को डीसीपी नोएडा ने सम्मानित करने की बात कही है।
 

लगातार घटनाओं के मद्देनजर की कार्रवाई
डीसीपी रामबदन सिंह ने बताया कि पीजी और मकानों से लैपटॉप और मोबाइल चोरी होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसको देखते हुए एसीपी प्रथम प्रवीण कुमार सिंह की अगुवाई में एक टीम गठित की गई थी। बदमाशों की पहचान के लिए टीमें उन स्थानों की सीसीटीवी फुटेज चेक कर रही थीं जहां पर हाल के दिनों में चोरी की वारदात हुई थी। शुक्रवार को गिरोह का सरगना अपने साथियों के साथ वारदात करने के सिलसिले में नोएडा दाखिल हुआ तभी मुखबिर से मिली सूचना पर तीन बदमाशों को दबोच लिया गया।

दबोचे गए आरोपियों की पहचान और बरामद हुआ सामान
बदमाशों की पहचान हमीरपुर के जरिया के सिद्ध गोपाल, पश्चिम बंगाल के मेंदनीपुर के तपन मांझी और सपन मांझी के रूप में हुई। सपन मांझी गिरोह का सरगना है और तपन उसका भरोसेमंद साथी है। बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने तीन एटीएम कार्ड, एक डीएल, दो आधार और पैन कार्ड, एक इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक की पासबुक, एक मेट्रो कार्ड, एक ई-श्रम कार्ड, दो बैंक की पासबुक और एक चेकबुक भी बरामद की है। सपन मांझी के खिलाफ नोएडा और दिल्ली के अलग-अलग थानों में 34 केस दर्ज हैं। अन्य थानों से भी गिरोह के बदमाशों का आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है।

90 सीसीटीवी खंगाले
चोरी की जानकारी मिलने पर थाना सेक्टर-126 पुलिस ने टीम गठित की। सर्विलांस टीम सक्रिय हुई। इसके बाद चोरी की घटना वाले स्थान से लेकिन संभावित स्थानों तक करीब 90 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई। इस दौरान तीनों बदमाशों की पहचान हुई। जिसके बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। वहां से जानकारी मिलते ही पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया।

ऐसे करते थे चोरी
दिन और रात के समय गिरोह के बदमाश शहर के विभिन्न क्षेत्र में घूमते थे। उन मकानों को चिन्हित करते थे जहां लोग गर्मी के समय या तो छत पर सोते थे या फिर दरवाजा खोलकर सोते थे। अक्सर पीजी और हॉस्टल इनके निशाने पर होते थे। इसके बाद रात 12 से सुबह 6 बजे तक जब लोग सोने के लिए छत पर जाते थे। उस समय ये लोग चोरी की घटना को अंजाम देते थे।

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