फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   The system's "careless face" was exposed even before Yuvraj's death.

Noida News: युवराज की मौत से पहले ही सामने आ गया था सिस्टम का ‘लापरवाह चेहरा’

Thu, 22 Jan 2026 08:40 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jan 2026 08:40 PM IST
विज्ञापन
The system's "careless face" was exposed even before Yuvraj's death.
(सेक्टर-150 हादसा)
विज्ञापन

- दलदल में फंसा था ट्रक, वसूली में जुटे थे अधिकारी, सेक्टर-150 के उसी निर्माणाधीन मॉल साइट पर 30 दिसंबर को भी हुआ था बड़ा हादसा
- ट्रक चालक तीन घंटे तक जिंदगी-मौत से जूझता रहा, बुलेरो से आए लोगों पर वसूली का आरोप
माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-150 के बेसमेंट में भरे पानी में डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद अब एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। उसी खतरनाक जगह पर 30 दिसंबर की रात ट्रक फंस गया था। चालक गुरविंदर सिंह खुद गले तक दलदल में धंस गया था। जालंधर निवासी इस ट्रक चालक ने अब सामने आकर सिस्टम की लापरवाही और कथित वसूली को बेनकाब किया है।
गुरविंदर के मुताबिक 30 दिसंबर की रात करीब 12 बजे वह सेक्टर-153 से माल लोड कर सेक्टर-150 की ओर जा रहा था। घना कोहरा था और सड़क पर रोशनी नहीं थी। इसी दौरान ट्रक अनियंत्रित होकर निर्माणाधीन मॉल की कच्ची चारदीवारी से टकराकर दलदल के किनारे जा फंसा। गुरविंदर को लगा कि नीचे समतल जमीन है, इसलिए वह ट्रक से उतर गया, लेकिन उसका पैर सीधे दलदल में धंस गया और कुछ ही पलों में वह गले तक कीचड़ और पानी में फंस गया। वह तीन घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहे। हिलने की कोशिश करते तो और धंस जाते। उसी वक्त एक बाइक सवार डिलीवरी बॉय वहां से गुजरा। उसी ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहले रस्सी से निकालने की कोशिश करती रही, लेकिन नाकाम रही। बाद में सीढ़ी मंगवाकर उसे बाहर निकाला गया था।
विज्ञापन

गुरविंदर सिंह का आरोप है कि 31 दिसंबर को जब वह क्रेन से अपना ट्रक निकलवाने पहुंचा। मौके पर बोलेरो गाड़ी में कुछ लोग वहां आए और खुद को नोएडा प्राधिकरण का अधिकारी बताने लगे। उन्होंने कहा कि ट्रक से साइट की कच्ची दीवार टूट गई है और इसके बदले पैसे देने होंगे। गुरविंदर के मुताबिक वह उस समय हादसे से उबर भी नहीं पाए थे। मदद करने के बजाय उनसे वसूली की जा रही थी। मगर उन्होंने रुपये देने से इन्कार कर दिया। ट्रक चालक का कहना है कि अगर उसी समय विभाग और बिल्डर चेत जाते, साइट को सील करते, चारों तरफ मजबूत बैरिकेडिंग और लाइटिंग कराते, तो आज युवराज की जान बच सकती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed