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Noida News: जमीन गई, मुआवजा भी डूबा, अब अटकी शादी और रुका मकान का निर्माण

Thu, 29 Oct 2026 02:30 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2026 02:30 AM IST
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The land is gone, the compensation has also been lost; now, a wedding is stalled and the construction of a house has come to a halt.
पीएनबी घोटाले में एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा गंवाने वाले किसान परिवार परेशान
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नवीन कुमार
ग्रेटर नोएडा। पहले नोएडा एयरपोर्ट के लिए जमीन गई और अब बैंक में जमा मुआवजे की रकम भी हाथ से निकल गई। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की सेक्टर पाई-1 शाखा में कथित गबन ने कई किसान परिवारों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। किसी के घर में बेटे की शादी की तैयारियां चल रही थीं तो कोई बच्चों के लिए नया मकान बनवा रहा था। किसी ने कर्ज चुकाने के लिए रकम जमा की थी, वहीं किसी की वर्षों की बचत बैंक में रखी थी। अब खाते खाली मिलने के बाद इन परिवारों के सामने खर्च चलाने और भविष्य की योजनाएं पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है।

घोटाले के ज्यादातर पीड़ित किसान हैं, जिन्हें नोएडा एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहित होने पर मुआवजा मिला था। बैंक नजदीक होने के कारण उन्होंने यहां खाते खुलवाकर अपनी रकम जमा कर दी थी। पीड़ितों का आरोप है कि वह कई माह से अपनी ही रकम निकालने के लिए बैंक के चक्कर काट रहे थे लेकिन कभी ऑडिट तो कभी सर्वर डाउन होने का हवाला देकर उन्हें लौटा दिया जाता था। अब कथित गबन का खुलासा होने के बाद उनके सामने जमा पूंजी वापस पाने की चुनौती है। पीड़ितों ने अमर उजाला से अपना दर्द साझा किया।
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केस-1 : बेटे की शादी एक दिसंबर को, अब पैसों का इंतजाम कैसे होगा

बिरोंडी गांव निवासी राम किशोर के बेटे की शादी एक दिसंबर को होनी है। शादी की तैयारियों और जरूरी सामान की खरीदारी के लिए उन्होंने बैंक में रकम जमा कर रखी थी। मंगलवार को जब वह पैसे निकालने पहुंचे तो खाते में रकम नहीं होने की जानकारी मिली। यह सुनकर वह हैरान रह गए। राम किशोर का कहना है कि शादी में अब एक महीने से भी कम समय बचा है। इतने कम समय में इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना मुश्किल है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि बेटे की शादी की तैयारियां कैसे पूरी होंगी।
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केस-2 : संतोष को लगा सदमा, बंद कराना पड़ा मकान का निर्माण

बिरोंडी गांव निवासी 65 वर्षीय संतोष की जमीन नोएडा एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित हुई थी। इसके बदले मिले मुआवजे की ज्यादातर रकम उन्होंने बैंक खाते में जमा कर रखी थी। वह अपने बच्चों के लिए नया मकान बनवा रही थीं। मंगलवार को निर्माण कार्य के लिए पैसे निकालने बैंक पहुंचीं तो खाते में रकम नहीं होने की जानकारी मिली। यह सुनकर उनकी तबीयत बिगड़ गई और चक्कर आने लगे। उन्हें डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा।

उनके बेटे ब्रजेश कुमार ने बताया कि खाते में रकम नहीं होने के कारण मकान का निर्माण बंद कराना पड़ा है। लंबे समय बाद परिवार ने नया मकान बनवाना शुरू किया था, लेकिन अब आगे काम कराने के लिए पैसे नहीं हैं।

केस-3 : उधार देकर की मदद, अपने खाते से ही गायब हो गए 76 लाख रुपये

बिरोंडी गांव निवासी सरोज, संतोष की सगी बहन और देवरानी हैं। संतोष के खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिलने पर सरोज भी बैंक पहुंचीं। वहां जांच कराने पर पता चला कि उनके खाते से भी 76 लाख रुपये का कथित गबन हुआ है।

सरोज का आरोप है कि बैंक के कर्मचारी उनसे रुपये उधार मांगते थे। 17 अक्तूबर को उनके बेटे ने बैंक की एक महिला कर्मचारी के कहने पर राहुल नाम के युवक को पेटीएम के जरिए दो बार में 80 हजार रुपये भेजे थे। अब खाते से बड़ी रकम गायब होने की जानकारी मिलने के बाद परिवार सदमे में है। सरोज का कहना है कि उन्होंने जरूरत पड़ने पर दूसरों की आर्थिक मदद की, लेकिन अब अपनी ही जमा पूंजी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, जमीन जाने के बाद मिले मुआवजे पर ही परिवार की आर्थिक सुरक्षा टिकी थी।

केस-4 : खाते से आठ लाख रुपये गायब, हर महीने भरनी पड़ रही कर्ज की किस्त

हरदोई निवासी पवन बिरोंडी गांव में रहकर ऑटो चलाते हैं। उन्होंने भारतपे से 15 लाख रुपये का कर्ज लिया था, जिससे हरदोई में अपना मकान बनवा रहे थे। पवन के मुताबिक, कर्ज की रकम पीएनबी की सेक्टर पाई-1 शाखा में जमा कराई गई थी। इसमें से सात लाख रुपये वह निकाल चुके थे, लेकिन शेष आठ लाख रुपये निकालने के लिए पिछले तीन महीने से बैंक के चक्कर काट रहे थे। हर बार कोई न कोई कारण बताकर उन्हें लौटा दिया जाता था।

अब उन्हें पता चला कि खाते में रकम नहीं बची है। पवन का कहना है कि मकान बनवाने के लिए लिया गया कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी अब भी उन पर है और उन्हें हर महीने किस्त देनी पड़ रही है। रकम नहीं मिलने से उनके सामने दोहरी आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।

केस-5 : खाते में जमा 1.38 लाख रुपये भी नहीं मिले

एच्छर में रहने वाले भोलू पाल के खाते में 1.38 लाख रुपये जमा थे। उन्होंने बताया कि पिछली बार 20 अगस्त को खाते से 20 हजार रुपये निकाले थे। उस समय खाते में बाकी रकम मौजूद थी। घोटाले की जानकारी मिलने के बाद जब वह बैंक पहुंचे और खाते की जांच कराई तो उसमें पैसे नहीं मिले।


भोलू पाल का कहना है कि उनकी पूरी जमा पूंजी चली गई है। अब उन्हें जरूरी खर्चों के लिए भी पैसों की जरूरत है। रकम वापस नहीं मिलने पर उन्हें परिचितों से उधार मांगना पड़ेगा।
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