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Noida News: सात करोड़ रुपये से बदलेगी जर्जर और पुराने स्कूलों की तस्वीर
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सात करोड़ रुपये से बदलेगी जर्जर और पुराने स्कूलों की तस्वीर
ग्रेटर नोएडा। जनपद के चारों ब्लॉक के जर्जर और पुराने स्कूलों की तस्वीर अब बदलने जा रही है। 32 परिषदीय स्कूलों के भवनों के निर्माण एवं आधुनिकीकरण के लिए करीब सात करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस धनराशि से स्कूलों में नए सिरे से निर्माण कार्य कराया जाएगा, जिससे छात्रों को सुरक्षित, आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
डीसी निर्माण अविनाश सिंह ने बताया कि जिन स्कूलों के भवन काफी पुराने और जर्जर हो चुके थे, उनका बजट बनाकर शासन को भेजा गया था। अब इन स्कूलों में नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, विद्युत सुविधा, फर्श, छत और परिसर के विकास सहित अन्य आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यों की नियमित निगरानी भी की जाएगी ताकि निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित हो सके। नए भवन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ेगी। कई स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक होने की वजह से एक कक्षा में दो-दो कक्षाएं संचालित की जाती थीं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही थी। ब्यूरो
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ग्रेटर नोएडा। जनपद के चारों ब्लॉक के जर्जर और पुराने स्कूलों की तस्वीर अब बदलने जा रही है। 32 परिषदीय स्कूलों के भवनों के निर्माण एवं आधुनिकीकरण के लिए करीब सात करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस धनराशि से स्कूलों में नए सिरे से निर्माण कार्य कराया जाएगा, जिससे छात्रों को सुरक्षित, आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
डीसी निर्माण अविनाश सिंह ने बताया कि जिन स्कूलों के भवन काफी पुराने और जर्जर हो चुके थे, उनका बजट बनाकर शासन को भेजा गया था। अब इन स्कूलों में नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, विद्युत सुविधा, फर्श, छत और परिसर के विकास सहित अन्य आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यों की नियमित निगरानी भी की जाएगी ताकि निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित हो सके। नए भवन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ेगी। कई स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक होने की वजह से एक कक्षा में दो-दो कक्षाएं संचालित की जाती थीं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही थी। ब्यूरो
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