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Noida News: बंगाली समाज ने की कोजागरी लक्ष्मी पूजा
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नोएडा। शरद पूर्णिमा पर रविवार को बंगाली समाज ने कोजागरी लक्ष्मी पूजा की। घरों और पूजा स्थलों को अल्पना से सजाकर मां लक्ष्मी की आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने खीर, नारियल और मिठाइयों का भोग लगाया। साथ ही परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
सेक्टर-26 की नोएडा कालीबाड़ी, सेक्टर-34 की नोएडा बंगीय समिति, सेक्टर-55 की नवोदय पूजा समिति, सेक्टर-61 की बलाका समिति और सेक्टर-62 की सर्बोजनिन पूजा समिति में पूजा हुई। सेक्टर-25 की जलवायु विहार संस्कृति कल्याण समिति और सेक्टर-120 की पुर्बाह्नो बंगाली सांस्कृतिक समिति ने भी पूजा-अर्चना की।
कोजागरी लक्ष्मी पूजा में बंगाली परंपराओं की झलक देखने को मिली। महिलाओं ने चावल के घोल से अल्पना बनाई। मुख्य द्वार से पूजा स्थल तक मां लक्ष्मी के पदचिह्न उकेरे। मां की प्रतिमा और तस्वीर स्थापित कर दीपक, धूप, फूल, फल और मिठाइयां अर्पित की गईं। कई परिवारों में लक्ष्मी पंचाली का पाठ भी हुआ। दूध और चावल से बनी खीर का भोग लगाया गया। कुछ परिवारों ने खीर को चांदनी में रखने और रात में जागकर मां लक्ष्मी की आराधना करने की परंपरा निभाई।
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सेक्टर-55 निवासी अभिषेक ने बताया कि कोजागरी लक्ष्मी पूजा बंगाली परिवारों के लिए विशेष महत्व रखती है। इस दिन घर की साफ-सफाई कर अल्पना बनाई जाती है। मां लक्ष्मी की पूजा कर खीर का भोग लगाया जाता है। परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ यह पर्व परंपराओं से जुड़े रहने का अवसर भी देता है।
सेक्टर-62 निवासी देबोलिना रॉय ने बताया कि अल्पना बनाना और मां लक्ष्मी के पदचिह्न उकेरना बंगाली परंपरा का खास हिस्सा है। पूजा के दौरान लक्ष्मी पंचाली का पाठ किया जाता है। पकवानों का भोग लगाने के साथ हर वर्ष भंडारे का आयोजन भी किया जाता है।
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सेक्टर-26 की नोएडा कालीबाड़ी, सेक्टर-34 की नोएडा बंगीय समिति, सेक्टर-55 की नवोदय पूजा समिति, सेक्टर-61 की बलाका समिति और सेक्टर-62 की सर्बोजनिन पूजा समिति में पूजा हुई। सेक्टर-25 की जलवायु विहार संस्कृति कल्याण समिति और सेक्टर-120 की पुर्बाह्नो बंगाली सांस्कृतिक समिति ने भी पूजा-अर्चना की।
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कोजागरी लक्ष्मी पूजा में बंगाली परंपराओं की झलक देखने को मिली। महिलाओं ने चावल के घोल से अल्पना बनाई। मुख्य द्वार से पूजा स्थल तक मां लक्ष्मी के पदचिह्न उकेरे। मां की प्रतिमा और तस्वीर स्थापित कर दीपक, धूप, फूल, फल और मिठाइयां अर्पित की गईं। कई परिवारों में लक्ष्मी पंचाली का पाठ भी हुआ। दूध और चावल से बनी खीर का भोग लगाया गया। कुछ परिवारों ने खीर को चांदनी में रखने और रात में जागकर मां लक्ष्मी की आराधना करने की परंपरा निभाई।
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सेक्टर-55 निवासी अभिषेक ने बताया कि कोजागरी लक्ष्मी पूजा बंगाली परिवारों के लिए विशेष महत्व रखती है। इस दिन घर की साफ-सफाई कर अल्पना बनाई जाती है। मां लक्ष्मी की पूजा कर खीर का भोग लगाया जाता है। परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ यह पर्व परंपराओं से जुड़े रहने का अवसर भी देता है।
सेक्टर-62 निवासी देबोलिना रॉय ने बताया कि अल्पना बनाना और मां लक्ष्मी के पदचिह्न उकेरना बंगाली परंपरा का खास हिस्सा है। पूजा के दौरान लक्ष्मी पंचाली का पाठ किया जाता है। पकवानों का भोग लगाने के साथ हर वर्ष भंडारे का आयोजन भी किया जाता है।