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Noida News: आवासीय सेक्टरों को जीरो वेस्ट कॉलोनी बनाएगा प्राधिकरण
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- सेक्टर बीटा-1 बनेगा मॉडल, कूड़े से तैयार होंगे खाद, गैस और उपयोगी उत्पाद
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सड़कों और खाली भूखंडों पर फेंके जाने वाले कूड़े को उपयोगी संसाधन में बदलने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आवासीय सेक्टरों को जीरो वेस्ट कॉलोनी बनाने की योजना पर काम शुरू किया है। सेक्टर बीटा-1 में इसका मॉडल विकसित किया जा रहा है। सफल होने पर इसे अन्य सेक्टरों और निजी सोसाइटियों में भी लागू कराया जाएगा।
प्रबंधक गौरव बघेल ने बताया कि कुछ महीने पहले सेक्टर बीटा-1 में ट्रायल के तौर पर जीरो वेस्ट कॉलोनी मॉडल शुरू किया गया था। यहां कूड़े को एक स्थान पर एकत्र कर गीले और सूखे कचरे को अलग किया जाता है। शुरुआती सफलता के बाद अब शेड लगाकर डेडीकेटेड स्पेस विकसित किया जा रहा है, ताकि बारिश और धूप में भी कचरे के निस्तारण का काम प्रभावित न हो। प्राधिकरण का प्रयास है कि घरों से ही गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग मिले। गीले कचरे से खाद और गैस तैयार करने के साथ सूखे कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाने की योजना है। इसके बाद सेक्टर ईटा-1 में भी यह व्यवस्था शुरू की जाएगी। कुछ निजी सोसाइटियों ने भी इस पहल में रुचि दिखाई है। उन्हें बीटा-1 का मॉडल दिखाकर परिसर में ही कचरे के निस्तारण के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे सड़कों पर कूड़ा फैलने से रोकने के साथ स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सड़कों और खाली भूखंडों पर फेंके जाने वाले कूड़े को उपयोगी संसाधन में बदलने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आवासीय सेक्टरों को जीरो वेस्ट कॉलोनी बनाने की योजना पर काम शुरू किया है। सेक्टर बीटा-1 में इसका मॉडल विकसित किया जा रहा है। सफल होने पर इसे अन्य सेक्टरों और निजी सोसाइटियों में भी लागू कराया जाएगा।
प्रबंधक गौरव बघेल ने बताया कि कुछ महीने पहले सेक्टर बीटा-1 में ट्रायल के तौर पर जीरो वेस्ट कॉलोनी मॉडल शुरू किया गया था। यहां कूड़े को एक स्थान पर एकत्र कर गीले और सूखे कचरे को अलग किया जाता है। शुरुआती सफलता के बाद अब शेड लगाकर डेडीकेटेड स्पेस विकसित किया जा रहा है, ताकि बारिश और धूप में भी कचरे के निस्तारण का काम प्रभावित न हो। प्राधिकरण का प्रयास है कि घरों से ही गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग मिले। गीले कचरे से खाद और गैस तैयार करने के साथ सूखे कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाने की योजना है। इसके बाद सेक्टर ईटा-1 में भी यह व्यवस्था शुरू की जाएगी। कुछ निजी सोसाइटियों ने भी इस पहल में रुचि दिखाई है। उन्हें बीटा-1 का मॉडल दिखाकर परिसर में ही कचरे के निस्तारण के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे सड़कों पर कूड़ा फैलने से रोकने के साथ स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी।
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