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अस्थायी कनेक्शन धांधली : जांच कमेटी ने खंगाली फाइलें, खामियां मिलीं
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नोएडा। जिले में अस्थायी कनेक्शन धांधली की परत दर परत खुलने लगी है। विद्युत निगम की ओर से गठित की गई तीन सदस्यीय टीम ने बुधवार को नोएडा में आकर फाइलें खंगाली तो कई खामियां मिलीं। एक डिवीजन में कोई प्रकरण नहीं मिला, लेकिन दूसरे में कई गंभीर प्रकरण मिले हैं। इंजीनियरों पर जो आरोप लगे थे उनके साक्ष्य भी मिले हैं। जांच में पता चला है कि बडे़ अधिकारियों की सरपरस्ती में धांधली चल रही थी।
सूत्रों ने बताया कि मेरठ से जिले के सभी डिवीजन की जांच करने के लिए आई कमेटी ने एक डिवीजन को क्लीन चिट दी है। जबकि दूसरी में 160 से अधिक ऐसे मामले पाए गए हैं जिनकी दोबारा जांच की जाएगी। यहां पर केवल अस्थायी ही नहीं, बल्कि स्थायी कनेक्शन में भी धांधली मिली है। कई जगह पर बिना रीडिंग के बिल बनाए जा रहे थे तो कुछ जगहों पर बिना मीटर के बिल बनाकर दिए जा रहे थे, जबकि कुछ कनेक्शन पर बिल ही नहीं बनाए जा रहे थे और कुछ को बंद दिखाया गया था। जब अधिकारियों ने कर्मचारियों से पूछताछ की तो पता चला कि वे एक आला अधिकारी की सिफारिश पर काम कर रहे थे।
जब भी शिकायत आती और अधिकारी नोटिस जारी करते तो आला अफसर कर्मचारियों को चुप करा देते थे, इसलिए ऐसे कर्मचारियों की सिफारिश करने वाले अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा और जेवर में 200 से अधिक मामले हैं। जबकि जिले में 250 से अधिक मामले गड़बड़ी के बताए जा रहे हैं।
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जिले में जांच कर रही है कमेटी
अस्थायी कनेक्शन की वैसे तो पूरे पश्चिमांचल में जांच शुरू हो गई है, लेकिन दूसरों जिलों में कुछ ही डिवीजन की जांच की जाएगी। गौतमबुद्ध नगर के सभी डिवीजन की जांच की जाएगी और इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इनमें अधीक्षण अभियंता संजीव राजवंशी, अधिशासी अभियंता अजय कुमार और सहायक लेखाधिकारी राकेश गौतम शामिल हैं।
जांच कमेटी ही प्रत्येक डिवीजन में जाकर जांच करेगी। जांच कमेटी को क्या मिला है और क्या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। प्रत्येक डिवीजन की जांच होगी और कुछ का निरीक्षण भी हो गया है।
- वीएन सिंह, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम
स्कूल में पकड़ी बिजली चोरी
ग्रेटर नोएडा डिवीजन में पुराने अधिकारी-कर्मचारियों की धांधली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कर्मचारियों की शह पर पुराना हैबतपुर ग्रेनो वेस्ट के डीएवीस्कूल में चोरी की बिजली इस्तेमाल की जा रही थी। स्कूल की तीन मंजिला इमारत है। एक मंजिल पर परिवार रहता है और वहां पर मीटर से बिजली चल रही थी, जबकि दो मंजिल पर कोचिंग व स्कूल है। यहां चोरी की बिजली चल रही थी। अधिशासी अभियंता धीरेंद्र सिंह का कहना है कि वह लगातार इस तरह की चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।
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सूत्रों ने बताया कि मेरठ से जिले के सभी डिवीजन की जांच करने के लिए आई कमेटी ने एक डिवीजन को क्लीन चिट दी है। जबकि दूसरी में 160 से अधिक ऐसे मामले पाए गए हैं जिनकी दोबारा जांच की जाएगी। यहां पर केवल अस्थायी ही नहीं, बल्कि स्थायी कनेक्शन में भी धांधली मिली है। कई जगह पर बिना रीडिंग के बिल बनाए जा रहे थे तो कुछ जगहों पर बिना मीटर के बिल बनाकर दिए जा रहे थे, जबकि कुछ कनेक्शन पर बिल ही नहीं बनाए जा रहे थे और कुछ को बंद दिखाया गया था। जब अधिकारियों ने कर्मचारियों से पूछताछ की तो पता चला कि वे एक आला अधिकारी की सिफारिश पर काम कर रहे थे।
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जब भी शिकायत आती और अधिकारी नोटिस जारी करते तो आला अफसर कर्मचारियों को चुप करा देते थे, इसलिए ऐसे कर्मचारियों की सिफारिश करने वाले अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा और जेवर में 200 से अधिक मामले हैं। जबकि जिले में 250 से अधिक मामले गड़बड़ी के बताए जा रहे हैं।
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जिले में जांच कर रही है कमेटी
अस्थायी कनेक्शन की वैसे तो पूरे पश्चिमांचल में जांच शुरू हो गई है, लेकिन दूसरों जिलों में कुछ ही डिवीजन की जांच की जाएगी। गौतमबुद्ध नगर के सभी डिवीजन की जांच की जाएगी और इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इनमें अधीक्षण अभियंता संजीव राजवंशी, अधिशासी अभियंता अजय कुमार और सहायक लेखाधिकारी राकेश गौतम शामिल हैं।
जांच कमेटी ही प्रत्येक डिवीजन में जाकर जांच करेगी। जांच कमेटी को क्या मिला है और क्या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। प्रत्येक डिवीजन की जांच होगी और कुछ का निरीक्षण भी हो गया है।
- वीएन सिंह, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम
स्कूल में पकड़ी बिजली चोरी
ग्रेटर नोएडा डिवीजन में पुराने अधिकारी-कर्मचारियों की धांधली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कर्मचारियों की शह पर पुराना हैबतपुर ग्रेनो वेस्ट के डीएवीस्कूल में चोरी की बिजली इस्तेमाल की जा रही थी। स्कूल की तीन मंजिला इमारत है। एक मंजिल पर परिवार रहता है और वहां पर मीटर से बिजली चल रही थी, जबकि दो मंजिल पर कोचिंग व स्कूल है। यहां चोरी की बिजली चल रही थी। अधिशासी अभियंता धीरेंद्र सिंह का कहना है कि वह लगातार इस तरह की चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।