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Noida News: फीस भी दी, सुविधा भी छिनी... गौड़ स्टेडियम बंद होने पर फूटा लोगों का गुस्सा
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- दो महीने के लिए बंद गौड़ स्टेडियम, 25 हजार लोगों की मॉर्निंग रूटीन पर लगा ब्रेक
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट में गौड़ स्टेडियम को करीब दो माह के लिए बंद किए जाने के फैसले ने 20 से अधिक सोसाइटियों में रहने वाले 25 हजार से अधिक निवासियों की रोजमर्रा की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। सुबह-शाम टहलने, दौड़ लगाने, योग और बच्चों की खेल गतिविधियों के लिए यह स्टेडियम सबसे प्रमुख सार्वजनिक स्थान माना जाता है। अब प्रवेश पर रोक लगने से लोगों में नाराजगी के साथ-साथ चिंता भी बढ़ गई है।
लोगों का कहना है कि 20 जुलाई को प्रबंधन की ओर से एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि वॉकिंग ट्रैक के रिनोवेशन के चलते करीब दो महीने तक स्टेडियम आम लोगों के लिए बंद रहेगा। उनका कहना है कि निर्माण कार्य स्टेडियम के केवल एक छोटे हिस्से में चल रहा है, जबकि बाकी हिस्से में आसानी से लोगों को प्रवेश दिया जा सकता है। वहीं, रविवार सुबह जब कई लोग अपने बच्चों के साथ स्टेडियम पहुंचे तो सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। लोगों का कहना है कि स्टेडियम में प्रवेश के लिए उनसे वार्षिक शुल्क लिया जाता है और वे समय पर उसका भुगतान भी करते हैं। इसके बावजूद बिना पर्याप्त कारण पूरे स्टेडियम को बंद कर देना उचित नहीं है।
स्टेडियम केवल खेल का मैदान नहीं : निवासी अनीता प्रजापति ने बताया कि स्टेडियम केवल खेल का मैदान नहीं, बल्कि पूरे टाउनशिप के लोगों के स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां प्रतिदिन बुजुर्ग मॉर्निंग वॉक करते हैं, महिलाएं योग और व्यायाम करती हैं, युवा दौड़ और फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं, जबकि बच्चे खेलकूद के जरिए शारीरिक विकास करते हैं।
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वार्षिक शुल्क लेने के बाद भी बंद कर दी सुविधाएं : निवासी अमरजीत का कहना है कि यदि निर्माण कार्य केवल एक हिस्से में हो रहा है तो पूरे स्टेडियम को बंद करने की आवश्यकता नहीं है। वार्षिक शुल्क लेने के बाद भी सुविधाएं बंद कर दी गई। उनका कहना है कि सुरक्षित क्षेत्र में लोगों को प्रवेश देकर समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट में गौड़ स्टेडियम को करीब दो माह के लिए बंद किए जाने के फैसले ने 20 से अधिक सोसाइटियों में रहने वाले 25 हजार से अधिक निवासियों की रोजमर्रा की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। सुबह-शाम टहलने, दौड़ लगाने, योग और बच्चों की खेल गतिविधियों के लिए यह स्टेडियम सबसे प्रमुख सार्वजनिक स्थान माना जाता है। अब प्रवेश पर रोक लगने से लोगों में नाराजगी के साथ-साथ चिंता भी बढ़ गई है।
लोगों का कहना है कि 20 जुलाई को प्रबंधन की ओर से एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि वॉकिंग ट्रैक के रिनोवेशन के चलते करीब दो महीने तक स्टेडियम आम लोगों के लिए बंद रहेगा। उनका कहना है कि निर्माण कार्य स्टेडियम के केवल एक छोटे हिस्से में चल रहा है, जबकि बाकी हिस्से में आसानी से लोगों को प्रवेश दिया जा सकता है। वहीं, रविवार सुबह जब कई लोग अपने बच्चों के साथ स्टेडियम पहुंचे तो सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। लोगों का कहना है कि स्टेडियम में प्रवेश के लिए उनसे वार्षिक शुल्क लिया जाता है और वे समय पर उसका भुगतान भी करते हैं। इसके बावजूद बिना पर्याप्त कारण पूरे स्टेडियम को बंद कर देना उचित नहीं है।
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स्टेडियम केवल खेल का मैदान नहीं : निवासी अनीता प्रजापति ने बताया कि स्टेडियम केवल खेल का मैदान नहीं, बल्कि पूरे टाउनशिप के लोगों के स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां प्रतिदिन बुजुर्ग मॉर्निंग वॉक करते हैं, महिलाएं योग और व्यायाम करती हैं, युवा दौड़ और फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं, जबकि बच्चे खेलकूद के जरिए शारीरिक विकास करते हैं।
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वार्षिक शुल्क लेने के बाद भी बंद कर दी सुविधाएं : निवासी अमरजीत का कहना है कि यदि निर्माण कार्य केवल एक हिस्से में हो रहा है तो पूरे स्टेडियम को बंद करने की आवश्यकता नहीं है। वार्षिक शुल्क लेने के बाद भी सुविधाएं बंद कर दी गई। उनका कहना है कि सुरक्षित क्षेत्र में लोगों को प्रवेश देकर समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।