{"_id":"5d62c7c58ebc3e012c651024","slug":"raid-in-clinic-atendent-fled-mewat-news-noi4571536124","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्भपात की शिकायत पर निजी क्लीनिक पर छापा, संचालिका गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्भपात की शिकायत पर निजी क्लीनिक पर छापा, संचालिका गिरफ्तार
विज्ञापन
गर्भपात की शिकायत पर निजी क्लीनिक पर छापा, संचालिका फरार
तावड़ू। नगर में एक निजी क्लीनिक संचालिका के खिलाफ अवैध रूप गर्भपात कराने का मामला सामने आया है। टीम ने क्लीनिक से गर्भपात में इस्तेमाल में आने वाले एमटीपी किट और दवाएं भी बरामद की है। छापे के दौरान तावडू पुलिस चौकी सहित महिला पुलिस भी मौजूद थीं। इधर मौका देखते ही संचालिका मौके से फरार हो गई। पुलिस ने क्लीनिक की संचालिका के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज जांच शुरू कर दी है। सिविल सर्जन नूंह को गुप्त सूचना मिली कि मदीना क्लीनिक की संचालिका डॉ. तस्लीमा द्वारा अवैध तरीके से गर्भपात कराया जाता है, इसके बदले में संचालिका ग्रामीण महिलाओं से मोटी फीस वसूल रही है। सूचना के बाद मांडीखेड़ा के डॉक्टर डिप्टी सिविल सर्जन आशीष सिंगला और डॉ. पंकज वत्स के नेतृत्व में 22 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक टीम गठित की गई। टीम ने शनिवार को दो गर्भवती महिलाओं को फर्जी ग्राहक बनाकर गर्भपात कराने के लिए क्लीनिक भेजा। महिलाओं के साथ दो अटेंडेंट भी थे। क्लीनिक में पहुंचने पर वहां पर मौजूद आरोपी संचालिका की अटेंडेंट ने फोन पर आरोपी संचालिका से गर्भपात से संबंधित बातें कराई। संचालिका ने फोन पर महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। कुछ देर बाद दोनों महिलाएं अल्ट्रासाउंड करा कर क्लीनिक पर पहुंच गई, जिन्हें आरोपी संचालिका अलग कमरे में ले गई और उनसे गर्भपात कराने के बदले में 13 हजार रुपये की मांग की। महिलाओं के साथ गए अटेंडेंट ने एटीएम से रुपये लाने के बहाने स्वास्थ्य विभाग की टीम को इशारा कर दिया। इशारा करते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम और तावडू पुलिस टीम क्लीनिक में घुस गई। छापेमारी की भनक लगते ही आरोपी संचालिका मौके से फरार हो गई। छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से गर्भपात कराने में प्रयोग करने वाले चार रजिस्टर, एक फोटो एलबम, एक अस्पताल का बोर्ड, इंजेक्शन व दवाओं सहित एक वैक्यूम पंप आदि सामान बरामद किया है। वहीं क्लीनिक की संचालिका तसलीमा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा छापा मारा गया है। मगर कोई औजार व दवाएं नहीं मिली हैं। क्लीनिक पर किसी भी महिला का गर्भपात नहीं किया गया। न ही ऐसे कोई मरीज मिले हैं। किसी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को गलत सूचना दी है।
विज्ञापन
तावड़ू। नगर में एक निजी क्लीनिक संचालिका के खिलाफ अवैध रूप गर्भपात कराने का मामला सामने आया है। टीम ने क्लीनिक से गर्भपात में इस्तेमाल में आने वाले एमटीपी किट और दवाएं भी बरामद की है। छापे के दौरान तावडू पुलिस चौकी सहित महिला पुलिस भी मौजूद थीं। इधर मौका देखते ही संचालिका मौके से फरार हो गई। पुलिस ने क्लीनिक की संचालिका के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज जांच शुरू कर दी है। सिविल सर्जन नूंह को गुप्त सूचना मिली कि मदीना क्लीनिक की संचालिका डॉ. तस्लीमा द्वारा अवैध तरीके से गर्भपात कराया जाता है, इसके बदले में संचालिका ग्रामीण महिलाओं से मोटी फीस वसूल रही है। सूचना के बाद मांडीखेड़ा के डॉक्टर डिप्टी सिविल सर्जन आशीष सिंगला और डॉ. पंकज वत्स के नेतृत्व में 22 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक टीम गठित की गई। टीम ने शनिवार को दो गर्भवती महिलाओं को फर्जी ग्राहक बनाकर गर्भपात कराने के लिए क्लीनिक भेजा। महिलाओं के साथ दो अटेंडेंट भी थे। क्लीनिक में पहुंचने पर वहां पर मौजूद आरोपी संचालिका की अटेंडेंट ने फोन पर आरोपी संचालिका से गर्भपात से संबंधित बातें कराई। संचालिका ने फोन पर महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। कुछ देर बाद दोनों महिलाएं अल्ट्रासाउंड करा कर क्लीनिक पर पहुंच गई, जिन्हें आरोपी संचालिका अलग कमरे में ले गई और उनसे गर्भपात कराने के बदले में 13 हजार रुपये की मांग की। महिलाओं के साथ गए अटेंडेंट ने एटीएम से रुपये लाने के बहाने स्वास्थ्य विभाग की टीम को इशारा कर दिया। इशारा करते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम और तावडू पुलिस टीम क्लीनिक में घुस गई। छापेमारी की भनक लगते ही आरोपी संचालिका मौके से फरार हो गई। छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से गर्भपात कराने में प्रयोग करने वाले चार रजिस्टर, एक फोटो एलबम, एक अस्पताल का बोर्ड, इंजेक्शन व दवाओं सहित एक वैक्यूम पंप आदि सामान बरामद किया है। वहीं क्लीनिक की संचालिका तसलीमा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा छापा मारा गया है। मगर कोई औजार व दवाएं नहीं मिली हैं। क्लीनिक पर किसी भी महिला का गर्भपात नहीं किया गया। न ही ऐसे कोई मरीज मिले हैं। किसी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को गलत सूचना दी है।