सर्विस सेक्टर के बूते विकसित बनेगा भारत: राष्ट्रपति
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सर्विस सेक्टर को 'एजेंट ऑफ चेंज' (बदलाव का कारक) और मौजूदा सहस्राब्दी का सबसे बड़ा क्षेत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि 1991 में देश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में सर्विस सेक्टर की हिस्सेदारी 41 फीसदी थी जो 2014-15 में 66 फीसदी हो गई है। सबसे ज्यादा रोजगार, कौशल विकास, विदेशी निवेश और व्यापार बढ़ाने की क्षमता को देखते हुए सर्विस सेक्टर के दम पर ही भारत विकासशील से विकसित देश बनने में कामयाब होगा।
राष्ट्रपति ने बुधवार को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित ग्लोबल एग्जीबिशन ऑन सर्विसेज (जीईएस) का शुभारंभ किया। प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद, संस्कृति पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री डॉ. महेश शर्मा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमन, यूपी सरकार के मंत्री शाहिद मंजूर और सीआईआई के अध्यक्ष डॉ. नौशाद फोब्र्स की मौजूदगी में विभिन्न देशों के राजदूत और विदेशी प्रतिनिधियों को राष्ट्रपति ने संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि सर्विस सेक्टर में 2001 से सालाना 9 फीसदी की विकास दर बनी हुई है। 28.5 फीसदी रोजगार देने की हिस्सेदारी के साथ आईटी और आईटीईएस क्षेत्र सर्विस सेक्टर का आईना है जबकि पर्यटन इस क्षेत्र में गेम चेंजर साबित होगा। घरेलू और विदेशी पर्यटकों के लिए पूरी तरह स्वच्छ और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना होगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि अतिथि देवो भव: को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सभी पॉलिसी में बदलाव करते हुए हमें अपना रवैया बदलना होगा। भारत सरकार का स्वच्छ भारत मिशन इसे सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
सर्विस सेक्टर के ग्लोबल एक्सपोर्ट में भारत की हिस्सेदारी 3.2 फीसदी है जो मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर से दोगुना है। पिछले दिनों में 4300 नए तकनीकी स्टार्टअप के साथ भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बन गया है।
सर्विस एक्सपोर्ट में भारत आठवें स्थान पर है। 2020 तक भारत 40 करोड़ कुशल युवा तैयार करेगा। मालूम हो कि जीईएस का आयोजन 21 से 23 अप्रैल तक होगा, जिसमें 70 देशों के 400 एग्जीबीटर्स शामिल हो रहे हैं।
मोबाइल तो दे दिया नेटवर्क भी सुधार लें
प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद की मौजूदगी में यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि सर्विस सेक्टर का विस्तार होना खुशी की बात है लेकिन गुणवत्ता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
आज काम वाली बाई से लेकर केले बेचने वाले तक के पास मोबाइल है लेकिन कॉल ड्रॉप और नेटवर्क बड़ी समस्या है। मेडिकल टूरिज्म बढ़ता जा रहा है लेकिन ऑपरेशन थिएटर में बिजली चली जाए तो क्या होगा।
उन्होंने यूपी का बखान करते हुए कहा कि वे खुद मुंबई शहर से हैं जो देश की वित्तीय राजधानी हैं लेकिन इस मुकाम तक पहुंचाने में 25 फीसदी यूपी के लोगों की भागेदारी है। यूपी में लघु सूक्ष्म और मध्यम उद्योग क्षेत्र को आज ब्रांडिंग की जरूरत है। कुशल और अकुशल लोगों को रोजगार मुहैया कराना होगा।
सबसे ज्यादा रोजगार देगा पर्यटन
केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि पर्यटक क्षेत्र में सफाई, सुरक्षा और सत्कार भाव की कमी सबसे बड़ी समस्या है जिसमें सुधार किया जा रहा है।
ये कहना पीड़ादायक है कि दुनिया के पर्यटन उद्योग में भारत की हिस्सेदारी महज 0.68 फीसदी है लेकिन 2020 में इसे एक फीसदी और 2025 तक दो फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद ये क्षेत्र सबसे ज्यादा रोजगार देगा।
सर्विस सेक्टर में पर्यटन की भागेदारी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 116 पर्यटन स्थलों के लिए ई-टिकटिंग की सुविधा शुरू कर दी है जबकि 35 पर्यटन स्थलों के लिए मोबाइल एप जारी हो चुकी है। पर्यटकों के लिए 12 भाषाओं में 1363 हेल्पलाइन जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि वीजा ऑन अराइवल की योजना ने 1000 फीसदी विकास किया है। एक साल में 4.6 लाख पर्यटकों ने इसका लाभ उठाया है। मेडिकल टूरिज्म ने भी 23 फीसदी विकास दर हासिल की है।