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बिजली की कटौती से लोग बेहाल, मांग ने तोड़ा रिकॉर्ड
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नोएडा। आसमान से बरस रही आग लोगों को झुलसा रही है। तपती गर्मी से परेशान लोगों पर बिजली कटौती का सितम भी भारी पड़ रहा है। जिले में बिजली की मांग ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मांग 2000 मेगावाट तक पहुंच गई है। आवासीय और औद्योगिक इलाकों में हर तीसरे-चौथे घंटे कटौती से लोग बेहाल हैं। लाइन पर अधिक दबाव के कारण करीब 4.5 लाख उपभोक्ता परिवारों को दिन में कई बार कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
कोरोना की पाबंदियों के कारण बीते दो साल तक कम खपत से राहत बरकरार रही। साल 2020 में लॉकडाउन के असर के कारण बिजली की मांग 950 मेगावाट थी। साल 2021 में मांग बढ़कर 1200 से 1550 मेगावाट के बीच रही, लेकिन इस साल जून में में दो हजार मेगावाट मांग पहुंचते ही जर्जर बिजली तंत्र लड़खड़ा गया है। पिछले साल की तुलना में 450 मेगावाट मांग अधिक है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (पीवीवीएनएल) के जर्जर बिजली तंत्र की ओवरलोडिंग के कारण सांसें फूलने लगी हैं।
कमी नहीं, खराब सिस्टम दे रहा जवाब
प्रदेश सरकार ने नोएडा को नो पावर कट जोन में शामिल कर रखा है। इसके बावजूद शहर के लोग रोज चार से छह घंटे बिजली कटौती की मार झेल रहे हैं। शहर में बिजली का आधारभूत ढांचा करीब 40 साल पहले तैयार किया गया था। उस समय के हिसाब से परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं, लेकिन समय के साथ बिजली विभाग के ढांचे में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। इस वजह से करीब 1500 मेगावाट बिजली क्षमता वाली लाइन पर दो हजार मेगावाट आपूर्ति का दबाव है।
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औद्योगिक में चार तो आवासीय सेक्टरों में छह घंटे कटौती
फॉल्ट और शटडाउन की वजह से औद्योगिक सेक्टरों में दिन में तीन से चार घंटे तो आवासीय सेक्टरों में चार से छह घंटे लोगों को कटौती का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बाद भी को सुबह से ही कटौती का सिलसिला शुरू हो गया। नोएडा के सेक्टर-2,3,4,5,6,7,8,9,10,11, 64,65,57, हौजरी कांप्लेक्स आदि औद्योगिक क्षेत्रों में दिन में कई बार बिजली काटी गई। वहीं, सेक्टर-22, 23, 24, 32 में भी दिनभर ट्रिपिंग का सिलसिला चलता रहा।
पिछले दिनों बारिश की वजह से बिजली की मांग में कमी आई थी, लेकिन तापमान फिर 40 डिग्री तक पहुंच गया है। हमारी कोशिश रहती है कि निर्बाध रूप से आपूर्ति की जाए। कुछ स्थानों पर तकनीकी खामियों के कारण आपूर्ति प्रभावित हो रही है। - वीएन सिंह, मुख्य अभियंता, पीवीवीएनएल
जिले में तीन साल में ऐसे बढ़ी मांग
साल बिजली की मांग
2020 950
2021 1550
2022 2000
बिजली सब स्टेशन
400 केवी 2
132 केवी 4
33 केवी 100
11 केवी 566
- 24600 ट्रांसफार्मरों से बिजली आपूर्ति होती है।
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कोरोना की पाबंदियों के कारण बीते दो साल तक कम खपत से राहत बरकरार रही। साल 2020 में लॉकडाउन के असर के कारण बिजली की मांग 950 मेगावाट थी। साल 2021 में मांग बढ़कर 1200 से 1550 मेगावाट के बीच रही, लेकिन इस साल जून में में दो हजार मेगावाट मांग पहुंचते ही जर्जर बिजली तंत्र लड़खड़ा गया है। पिछले साल की तुलना में 450 मेगावाट मांग अधिक है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (पीवीवीएनएल) के जर्जर बिजली तंत्र की ओवरलोडिंग के कारण सांसें फूलने लगी हैं।
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कमी नहीं, खराब सिस्टम दे रहा जवाब
प्रदेश सरकार ने नोएडा को नो पावर कट जोन में शामिल कर रखा है। इसके बावजूद शहर के लोग रोज चार से छह घंटे बिजली कटौती की मार झेल रहे हैं। शहर में बिजली का आधारभूत ढांचा करीब 40 साल पहले तैयार किया गया था। उस समय के हिसाब से परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं, लेकिन समय के साथ बिजली विभाग के ढांचे में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। इस वजह से करीब 1500 मेगावाट बिजली क्षमता वाली लाइन पर दो हजार मेगावाट आपूर्ति का दबाव है।
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औद्योगिक में चार तो आवासीय सेक्टरों में छह घंटे कटौती
फॉल्ट और शटडाउन की वजह से औद्योगिक सेक्टरों में दिन में तीन से चार घंटे तो आवासीय सेक्टरों में चार से छह घंटे लोगों को कटौती का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बाद भी को सुबह से ही कटौती का सिलसिला शुरू हो गया। नोएडा के सेक्टर-2,3,4,5,6,7,8,9,10,11, 64,65,57, हौजरी कांप्लेक्स आदि औद्योगिक क्षेत्रों में दिन में कई बार बिजली काटी गई। वहीं, सेक्टर-22, 23, 24, 32 में भी दिनभर ट्रिपिंग का सिलसिला चलता रहा।
पिछले दिनों बारिश की वजह से बिजली की मांग में कमी आई थी, लेकिन तापमान फिर 40 डिग्री तक पहुंच गया है। हमारी कोशिश रहती है कि निर्बाध रूप से आपूर्ति की जाए। कुछ स्थानों पर तकनीकी खामियों के कारण आपूर्ति प्रभावित हो रही है। - वीएन सिंह, मुख्य अभियंता, पीवीवीएनएल
जिले में तीन साल में ऐसे बढ़ी मांग
साल बिजली की मांग
2020 950
2021 1550
2022 2000
बिजली सब स्टेशन
400 केवी 2
132 केवी 4
33 केवी 100
11 केवी 566
- 24600 ट्रांसफार्मरों से बिजली आपूर्ति होती है।