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सुपरटेक, होम एंड सोल और मॉर्फियस बिल्डर का ऑफिस सील

Sun, 06 Mar 2022 01:26 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 06 Mar 2022 01:26 AM IST
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Office Of Supertech, Home And Soul And Morpheus Builder sealed.
सेक्टर-96 के ई-स्क्वायर टावर स्थित सुपरटेक बिल्डर के ऑफिस को सील करती जिला प्रशासन की टीम। - फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन ने शनिवार को सुपरटेक, होम एंड सोल और मॉर्फियस बिल्डर का ऑफिस सील कर दिया। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) की धनराशि जमा नहीं करने पर प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। तीनों बिल्डरों पर कुल 138 करोड़ रुपये बकाया हैं। बार-बार चेतावनी के बाद भी बिल्डर पैसा जमा नहीं कर रहे थे।
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अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि सुपरटेक बिल्डर के खिलाफ दादरी तहसील में 300 से अधिक आरसी हैं। जो 124 करोड़ की है। बिल्डर को कई बार नोटिस जारी किया गया था। उसके बाद भी आरसी का पैसा जमा नहीं कराया गया। शनिवार को तहसील दादरी की टीम ने नोएडा के सेक्टर 96 स्थित ई-स्क्वायर टावर में सुपरटेक बिल्डर का ऑफिस सील कर दिया है। टावर में कुल पांच फ्लोर पर बिल्डर का ऑफिस बना हुआ है। सभी फ्लोर पर कर्मचारियों को बाहर निकालकर ऑफिस सील किए गए है।
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वहीं नोएडा के सेक्टर-126 स्थित होम एडं सोल प्राइवेट लिमिटेड पर आरसी का करीब 4 करोड़ रुपये बकाया है। बिल्डर को कई बार मौका दिया गया। अब बिल्डर के कार्यालय को सील कर दिया गया है। उधर ग्रेनो वेस्ट स्थित मॉर्फियस बिल्डर का कार्यालय सील किया गया है। मॉर्फियस के खिलाफ 10 करोड़ रुपये की आरसी है। एडीएम ने बताया कि आरसी का पैसा जमा करने के बाद ही बिल्डरों के ऑफिस को खोलने की अनुमति दी जाएगी।
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मतगणना से पहले कई और बिल्डरों पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने बिल्डरों के खिलाफ आरसी की वसूली का अभियान तेज कर दिया है। पिछले कुछ दिन में पांच से अधिक बिल्डरों का ऑफिस सील किया जा चुका है। शुक्रवार को भी ग्रेनो वेस्ट स्थित गायत्री हॉस्पिटैलिटी बिल्डर का कार्यालय सील किया गया था। अफसरों का कहना है कि जल्द ही कई अन्य बिल्डरों के ऑफिस को सील किया जाएगा।
पैसा नहीं दिया तो गाड़ी समेत अन्य चल संपत्ति होगी जब्त
ग्रेटर नोएडा (नवीन कुमार)। जिला प्रशासन बकायेदार बिल्डरों की चल संपत्ति भी जब्त करेगा। सोमवार को इसकी शुरुआत सुपरटेक बिल्डर के साथ होगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) का पैसा जमा नहीं कराया गया तो चल संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। इसमें गाड़ी, ऑफिस का सामान और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। प्रशासन की टीम सुपरटेक समेत अन्य बिल्डरों की चल संपत्ति को जब्त करने की तैयारी कर रही है।
जिला प्रशासन के पास करीब 1000 करोड़ रुपये की आरसी है। इसमें से यूपी रेरा की आरसी सबसे अधिक है। प्रशासन की तरफ से लगातार पैसा जमा करने का नोटिस बिल्डरों को भेजा जा रहा है। बिल्डरों के पैसा जमा नहीं करने पर जिला प्रशासन ने वसूली की कार्रवाई तेज कर दी है। प्रशासनिक अफसरों ने बताया कि बिल्डरों की करीब 400 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। जिसकी नीलामी नहीं हो पा रही है। जिस कारण आरसी अभी भी लंबित हैं। परेशान होकर प्रशासन ने बिल्डरों के ऑफिस को सील करना शुरू कर दिया है।
अब प्रशासन ने बिल्डरों की चल संपत्ति को जब्त करने का फैसला लिया है। अफसरों ने बताया कि ऑफिस सील होने के बाद पैसा नहीं जमा कराने पर चल संपत्ति को जब्त की जाएगी। सोमवार को सुपरटेक बिल्डर से इसकी शुरूआत होगी। अगर बिल्डर पैसा जमा नहीं कराता है तो फिर सेक्टर-96 के ई-स्क्वायर टावर स्थित बिल्डर के पांच फ्लोर पर बने ऑफिस के सामान को जब्त किया जाएगा। साथ ही बिल्डर की कार और अन्य चल संपत्ति को भी जब्त किया जाएगा। अफसरों ने बताया कि सुपरटेक के अलावा अन्य बिल्डरों की चल संपत्ति का डाटा एकत्र कर सूची तैयारी की जा रही है।
जनवरी में भी सील हुआ था सुपरटेक का ऑफिस
सुपरटेक बिल्डर प्रशासन के बड़े बकायेदारों में से एक है। प्रशासन लगातार उस पर कार्रवाई कर रहा है। इसी 8 जनवरी को भी बिल्डर का ऑफिस सील किया गया था। तब एक करोड़ रुपये जमा करने के बाद बिल्डर ने हर माह पैसे जमा करने का वादा किया था। लेकिन बिल्डर ने ऐसा नहीं किया। सदर तहसील की टीम ने भी फरवरी में सुपरटेक के 6 बैंक खातों को सीज कर करीब एक करोड़ रुपये जब्त किया था। अब यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है।
दादरी तहसील में लंबित हैं 400 करोड़ की 1200 आरसी
दादरी तहसील में सबसे अधिक आरसी लंबित हैं। कुल लंबित 1200 आरसी करीब 400 करोड़ से अधिक की है। तहसील की टीम लगातार बिल्डरों से धनराशि वसूलने का प्रयास कर रही है। जिसमें सफलता नहीं मिल रही है। अब प्रशासन को इस कार्रवाई का असर होने की उम्मीद है।

वसूली नहीं होने पर हाईकोर्ट जा रहे हैं खरीदार
आरसी पर वसूली नहीं होने के कारण खरीदार हाईकोर्ट का रुख कर रहे हैं। हाईकोर्ट सुनवाई के बाद प्रशासन को आरसी पर वसूली करने का आदेश दे रहा है। हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सबसे अधिक दादरी तहसील में हाईकोर्ट के आदेश आ चुके हैं।
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