{"_id":"5debe5df8ebc3e1be97ce9ad","slug":"not-upgraded-school-mewat-news-noi477841226","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों के अपग्रेड नहीं होने से उच्च शिक्षा से वंचित हो रही बेटियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों के अपग्रेड नहीं होने से उच्च शिक्षा से वंचित हो रही बेटियां
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नगीना/ फिरोजपुर झिरका। छात्रों की बढ़ती संख्या के बावजूद विधानसभा क्षेत्र के नगीना व फिरोजपुर झिरका खंड में स्कूलों का अपग्रेड नहीं होना बेटियों की शिक्षा पर भारी पड़ रहा है। ऐसे में छात्राओं को आठवीं कक्षा के बाद शिक्षा लेने के लिए अपने गांव से 8 से 10 और कहीं-कहीं 15 किलोमीटर दूर तक आवागमन करना पड़ रहा है। इस स्थिति में बेटियों की सुरक्षा और परिवार की आर्थिक तंगी के कारण अभिभावक बेटियों को घर बैठाना ज्यादा उचित समझते हैं। कुछ स्कूलों को लंबे वक्त से अपग्रेड करने की मांग उठती आ रही है लेकिन सरकार के उदासीन रवैया ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पर प्रश्नचिन्ह खड़े किए हैं। यही कारण है कि विधानसभा क्षेत्र के 65 गांव में 5 हजार से अधिक बेटियों ने आठवीं के बाद स्कूल छोड़ दिया।
सामाजिक संगठन गालिब मौजी फाउंडेशन, महिला संगठन जागो चलो तथा मेवात आरटीआई मंच ने इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। इन संगठनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर गत वर्ष 5 स्कूलों के लिए अलग-अलग महीनों को मिलाकर 40 दिन धरने दिए। तब जाकर मुलथान व मांडी खेड़ा को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का दर्जा मिला। सामाजिक संगठनों से मिले आंकड़ों के अनुसार 65 गांव में पिछले 5 साल के दौरान 5000 से अधिक लड़कियां ड्रॉपआउट हुई है।
नांगल मुबारिकपुर गांव के सरपंच जुबेर अहमद ने बताया कि उनके गांव में मिडिल स्कूल है जिसमें 300 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। अपग्रेड के लिए प्रस्ताव कई बार दिया गया, कोई कार्रवाई नहीं हुई। भादस गांव की सरपंच अंजूबाला ने बताया कि नौवीं और दसवीं में 137 छात्रों का दाखिला है पिछली बार तो इससे भी अधिक विद्यार्थी थे। बसई खांजादा गांव की सरपंच रुखसीना का कहना है कि 117 विद्यार्थी पिछले साल दसवीं में पढ़ाई कर रहे हैं। अब 150 के आसपास विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। मरोड़ा गांव के शिक्षक शब्बीर अहमद, नंबरदार अरशद खान ने बताया कि 132 विद्यार्थी राजकीय माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं जिनमें 45 छात्राएं शामिल हैं इसे अपग्रेड करने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को आगे पढ़ने के लिए 8 से 10 किलोमीटर दूर नगीना व पिनगवां राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाना पड़ता है। उमरा गांव के पूर्व सरपंच हारून खान ने बताया कि दसवीं में 71 लड़के और 40 लड़कियां पढ़ाई कर रही है जबकि इसके आसपास कोई बारहवीं का कोई स्कूल नहीं है अधिकतर लड़कियां दूरी के कारण ड्रॉपआउट हो जाती हैं। नगीना खंड के खेड़ली नूंह, घागस और फिरोजपुर झिरका खंड के आधा दर्जन गांव के स्कूलों को अपग्रेड कराने की मांग एक दशक से हो रही है।
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नगीना के खंड शिक्षा अधिकारी हयात खान ने बताया कि सामाजिक संगठनों के सहयोग से आधा दर्जन स्कूलों को अपग्रेड कराने का प्रयास किया जा रहा है। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी हुई है। लड़कियों का ड्रॉप आउट पर घटा है लेकिन दूर स्कूल होने के कारण ड्रॉपआउट रोक पाना कठिन है।
जिला शिक्षा अधिकारी सूरजभान यादव ने कहा कि स्कूलों को अपग्रेड कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों से सूची मांगी जाएगी। आवश्यकता अनुसार स्कूलों को अपग्रेड कराया जाएगा।
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सामाजिक संगठन गालिब मौजी फाउंडेशन, महिला संगठन जागो चलो तथा मेवात आरटीआई मंच ने इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। इन संगठनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर गत वर्ष 5 स्कूलों के लिए अलग-अलग महीनों को मिलाकर 40 दिन धरने दिए। तब जाकर मुलथान व मांडी खेड़ा को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का दर्जा मिला। सामाजिक संगठनों से मिले आंकड़ों के अनुसार 65 गांव में पिछले 5 साल के दौरान 5000 से अधिक लड़कियां ड्रॉपआउट हुई है।
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नांगल मुबारिकपुर गांव के सरपंच जुबेर अहमद ने बताया कि उनके गांव में मिडिल स्कूल है जिसमें 300 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। अपग्रेड के लिए प्रस्ताव कई बार दिया गया, कोई कार्रवाई नहीं हुई। भादस गांव की सरपंच अंजूबाला ने बताया कि नौवीं और दसवीं में 137 छात्रों का दाखिला है पिछली बार तो इससे भी अधिक विद्यार्थी थे। बसई खांजादा गांव की सरपंच रुखसीना का कहना है कि 117 विद्यार्थी पिछले साल दसवीं में पढ़ाई कर रहे हैं। अब 150 के आसपास विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। मरोड़ा गांव के शिक्षक शब्बीर अहमद, नंबरदार अरशद खान ने बताया कि 132 विद्यार्थी राजकीय माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं जिनमें 45 छात्राएं शामिल हैं इसे अपग्रेड करने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को आगे पढ़ने के लिए 8 से 10 किलोमीटर दूर नगीना व पिनगवां राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाना पड़ता है। उमरा गांव के पूर्व सरपंच हारून खान ने बताया कि दसवीं में 71 लड़के और 40 लड़कियां पढ़ाई कर रही है जबकि इसके आसपास कोई बारहवीं का कोई स्कूल नहीं है अधिकतर लड़कियां दूरी के कारण ड्रॉपआउट हो जाती हैं। नगीना खंड के खेड़ली नूंह, घागस और फिरोजपुर झिरका खंड के आधा दर्जन गांव के स्कूलों को अपग्रेड कराने की मांग एक दशक से हो रही है।
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नगीना के खंड शिक्षा अधिकारी हयात खान ने बताया कि सामाजिक संगठनों के सहयोग से आधा दर्जन स्कूलों को अपग्रेड कराने का प्रयास किया जा रहा है। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी हुई है। लड़कियों का ड्रॉप आउट पर घटा है लेकिन दूर स्कूल होने के कारण ड्रॉपआउट रोक पाना कठिन है।
जिला शिक्षा अधिकारी सूरजभान यादव ने कहा कि स्कूलों को अपग्रेड कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों से सूची मांगी जाएगी। आवश्यकता अनुसार स्कूलों को अपग्रेड कराया जाएगा।