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निजी हाथों में नोएडा स्टेडियम : खिलाड़ियों और कोचों की चिंता बढ़ी

Tue, 21 Jul 2026 07:38 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 07:38 PM IST
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Noida Stadium in private hands: Concerns mount among players and coaches.
सार्थक सोम, बैडमिंटन खिलाड़ी
नोएडा स्टेडियम के संचालन, रखरखाव निजी एजेंसी को सौंपने की तैयारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम के संचालन, रखरखाव और खेल सुविधाओं को एक निजी एजेंसी को सौंपने की तैयारी ने खिलाड़ियों, कोचों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। नोएडा प्राधिकरण का दावा है कि एक ही एजेंसी के पास पूरे स्टेडियम की जिम्मेदारी होने से रखरखाव बेहतर होगा। साथ ही सुविधाओं का स्तर सुधरेगा और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। दूसरी ओर खिलाड़ियों और कोचों का कहना है कि इस फैसले का सबसे बड़ा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के उन बच्चों पर पड़ेगा, जो सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सपना देखते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी तो सुबह-शाम का टहलना, दौड़ना एवं साइकिल चलाना फ्री है। निजीकरण हुआ तो इन सभी गतिविधियों के लिए मोटी फीस चुकानी पड़ेगी।

बैडमिंटन कोच आनंद खरे का कहना है कि अभी स्टेडियम में अनुभवी और योग्य प्रशिक्षकों का चयन तकनीकी योग्यता और उपलब्धियों के आधार पर होता है। निजी एजेंसी का मुख्य उद्देश्य मुनाफा कमाना होता है जिससे कम लागत वाले प्रशिक्षकों को प्राथमिकता मिलेगी। ऐसे में खिलाड़ियों की तकनीकी तैयारी और प्रदर्शन प्रभावित होगा। कराटे कोच कमल थापा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी तैयार करने में वर्षों की मेहनत, आधुनिक प्रशिक्षण और अनुभवी कोचिंग की जरूरत होती है। यदि प्रशिक्षण का मॉडल पूरी तरह मुनाफा और पैसा कमाना हो गया तो सभी खेलों में जिले के प्रदर्शन और मेडल पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा।
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कोट
निजीकरण होने से फीस बढ़ेगी और मेरे जैसे मध्यमवर्गीय परिवार के लिए प्रशिक्षण जारी रखना मुश्किल हो जाएगा।-वैष्णवी शर्मा, कराटे खिलाड़ी

यहां कम खर्च में अच्छी कोचिंग मिल जाती है। निजी व्यवस्था में हम जैसे गरीब बच्चों के लिए खेलना मुश्किल हो जाएगा।- अरायना गोविल, तीरंदाज खिलाड़ी
निजी एजेंसी मेडल जीतने और जिले का नाम रोशन करने के बजाय कमाई पर ज्यादा ध्यान देगी। इससे खिलाड़ियों का भविष्य प्रभावित होगा।-वान्या चौधरी, बैडमिंटन खिलाड़ी
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अगर खेल महंगा हो गया तो हम जैसे न जाने कितने खिलाड़ियों का प्रशिक्षण बीच में ही रुक जाएगा।-सार्थक सोम, बैडमिंटन खिलाड़ी

सार्थक सोम, बैडमिंटन खिलाड़ी

सार्थक सोम, बैडमिंटन खिलाड़ी

सार्थक सोम, बैडमिंटन खिलाड़ी

सार्थक सोम, बैडमिंटन खिलाड़ी

सार्थक सोम, बैडमिंटन खिलाड़ी

सार्थक सोम, बैडमिंटन खिलाड़ी

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