फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Noida Accident: Rescue Delayed by 50 Minutes, Cold Water Fear Cost Software Engineer His Life

UP: 80 मिनट कार पर खड़े होकर टार्च जला बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा युवराज, मिन्नतें करते रहे बेबस पिता; बेटे की मौत

Sun, 18 Jan 2026 01:16 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा/ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा/ग्रेटर नोएडा Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 18 Jan 2026 01:16 PM IST
सार

नोएडा के सेक्टर-150 एटीएस ली ग्रैंडियोस के टी प्वाइंट के पास दर्दनाक हादसा हुआ। 30 फुट गहरे पानी से भरे बेसमेंट के गड्ढे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार गिर गई। इंजीनियर कार पर टार्च जलाकर मदद मांगता रहा। लेकिन मदद नहीं मिली। पिता के सामने बेटे की जान चली गई। हादसे के बाद युवक ने पिता को फोन कर सूचना दी थी।

विज्ञापन
Noida Accident: Rescue Delayed by 50 Minutes, Cold Water Fear Cost Software Engineer His Life
Noida Accident - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

नोएडा के सेक्टर-150 एटीएस ली ग्रैंडियोस के समीप टी प्वाइंट के पास हुए हादसे के बाद मौके पर पुलिस और दकमकल कर्मियों को पहुंचने में 50 मिनट का वक्त लग गया। इस बीच युवराज पानी पर तैर रही कार के ऊपर खड़े होकर जान बचाने की गुहार लगाते रहे। दूर खड़े पिता राजकुमार मेहता के बार-बार मिन्नत करने के बावजूद मौके पर पुलिसकर्मी और दमकलकर्मी युवराज को बचाने के लिए पानी में नहीं उतरे।  
विज्ञापन


बचाव कार्य शुरू करने से इन्कार कर रहे कर्मियों ने कोहरे के बीच प्लॉट मे भरे ठंडे पानी और उसमे बने निर्माणाधीन कॉलम से टकराने के डर का हवाला दिया। वहीं, नॉलेज पार्क फायर स्टेशन से दमकल कर्मी भी छोटी और बड़ी क्रेन के साथ मौके पर पहुंचे। 
विज्ञापन


उन्होंने क्रेन लगाकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर को निकालने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। इस बीच रात 1:45 बजे युवराज कार सहित पानी के अंदर जा समाया। कुछ देर बाद एसडीआरएफ की टीम आई।  लेकिन स्टीमर नहीं होने की वजह से बचाव कार्य के लिए इंतजार करना पड़ा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
Trending Videos

गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। पानी में स्टीमर उतारने के बाद और टार्च की रोशनी में युवराज को पानी से बाहर निकाला। उसे बेहोशी की हालत में इलाज के लिए  कैलाश अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता, रिश्तेदारों, गांव के निवासियों, डिलीवरी ब्वॉय ने रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी के आरोप लगाए हैं। 
 

कोहरे में घर से 500 मीटर पहले हुआ हादसा 
गुरुग्राम से घर लौट युवराज मेहता की ग्रैंड विटारा कार घर से करीब 500 मीटर पहले नाले की दीवार को तोड़कर पानी से भरे बेसमेंट के लिए बनाए गए गड्ढे में  जा गिरी। पहले सेक्टर-150 एटीएस ली ग्रैंडियोस के समीप टी प्वाइंट के पास कोहरे में उनकी कार  कार पलटने के बाद तैरने लगी। 
 

30 फुट गहरे पानी से भरे बेसमेंट के गड्ढे में गिरी सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार, मौत
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 एटीएस ली ग्रैंडियोस के टी-प्वाइंट के पास शुक्रवार देर रात कोहरे में अनियंत्रित तेज रफ्तार कार नाले की दीवार तोड़कर पानी से भरे बेसमेंट के लिए बनाए गए गड्ढे में जा गिरी। टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (27) ने फोन कर पिता राजकुमार मेहता से मदद मांगी। 

करीब 80 मिनट तक कार पर खड़े होकर युवराज टार्च जलाकर मदद की गुहार लगाता रहा। पिता पुलिस, दमकल, एसडीआरफ और एनडीआरफ की टीम से बेटे को बचाने की मिन्नते करते रहे। पिता की आंखों के सामने बेटा कार समेत पानी में समा गया।
 

पुलिस, दमकल टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम ने करीब साढ़े चार घंटे तक बचाव अभियान के बाद करीब 30 फीट गहरे पानी से युवक को निकालकर अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। युवक की पहचान सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (27) के रूप में हुई है।

अपनी आंखों के सामने बेटे को डूबता देखने वाले पिता राजकुमार मेहता ने नॉलेज पार्क कोतवाली में घटना स्थल के पास बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर नहीं होने पर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
 

टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी में निवासी राजकुमार मेहता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के निदेशक पद से सेवानिवृत है। कुछ साल पहले बीमारी के कारण उनकी पत्नी का निधन हो चुका है। बड़ी बेटी यूनाइटेड किंगडम (यूके) में रहती है। पुत्र युवराज मेहता गुरुग्राम के सेक्टर-54 स्थित डनहमबी इंडिया कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। वह वर्क फ्रॉम होम के साथ बीच-बीच में गुरुग्राम स्थित कंपनी जाते थे। शुक्रवार रात वह गुरुग्राम स्थिति कंपनी से अपनी ग्रैंड विटारा कार से घर लौट रहे थे।

घर से करीब 500 मीटर पहले सेक्टर-150 एटीएस ली ग्रैंडियोस के समीप टी प्वाइंट के पास कोहरे में उनकी कार नाले की दीवार को तोड़कर पानी से भरे बेसमेंट के लिए बनाए गए गड्ढे में जा गिरी। कार पलटने के बाद तैरने लगी। किसी तरह युवराज ने कार से बाहर आकर पिता को घटना की सूचना दी। 
 

पिता तुरंत डायल-112 पर सूचना देकर मौके पर पहुंचे। कोतवाली प्रभारी सर्वेश सिंह दमकल को सूचना देकर मौके पर पहुंचे। वहीं नॉलेज पार्क फायर स्टेशन से दमकल कर्मी भी छोटी और बड़ी क्रेन के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्रेन लगाकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर को निकालने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी।
 

इस दौरान युवक ने बीच-बीच में कार के ऊपर ही किसी तरह खड़े होकर टार्च जलाकर बचाओ-बचाओ की पुकार लगाता रहा। पानी में निर्माणाधीन कॉलम से टकराने के डर से पुलिस और दमकलकर्मी पानी के अंदर नहीं गए। पिता बार-बार पुलिस और दमकल से बेटे को बचाने की गुहार लगाते रहे। रात 1:45 बजे उनका पुत्र कार सहित पानी के अंदर जा समाया। कुछ देर बाद एसडीआरएफ की टीम आई। लेकिन जरूरी संसाधन नहीं होने के कारण एसडीआरएफ को कामयाबी नहीं मिल पाई।

गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। पानी में स्टीमर उतारने के बाद और टार्च की रोशनी में युवराज को पानी से बाहर निकाला। उसे बेहोशी की हालत में इलाज के लिए कैलाश अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता, रिश्तेदारों, गांव के निवासियों, डिलीवरी ब्वॉय ने रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी के आरोप लगाए हैं।

नोएडा प्राधिकरण की उदासीनता पड़ी भारी
पुलिस को दी तहरीर में राजकुमार मेहता ने कहा कि सेक्टर-150 के निवासियों द्वारा पहले भी नोएडा प्राधिकरण से कई बार नाले के आसपास मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड लगाने की मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिससे आए दिन हादसे होते हैं। लेकिन प्राधिकरण की उदासीनता के कारण सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। इसलिए मामले में संबंधित विभाग के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो। जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो सके।
 

प्रथम दृष्टया हादसे का कारण तेज रफ्तार और कोहरे के कारण वाहन से नियंत्रण खोना प्रतीत हो रहा है। कार सीधे गहरे पानी में जा गिरी। युवक के पिता ने तहरीर दी है। मामले की जांच की जा रही है। -सर्वेश सिंह, कोतवाली प्रभारी, नॉलेज पार्क

घटना की टाइम लाइन
रात 12 :05 बजे -अनियंत्रित कार बेसमेंट में गिरी
12ः25 बजे -युवक ने पिता को फोन से सूचना दी
12ः30 बजे - पिता ने डायल 112 पर सूचना दी
12ः41 बजे -कंट्रोल रूम से कोतवाली प्रभारी के पास फोन आया
12ः50 बजे -पुलिस फोर्स और दमकल कर्मी घटना स्थल पर पहुंचे
1ः15 बजे -एसडीआरएफ टीम घटना स्थल पर पहुंची
1ः45 बजे - बेसमेंट में भरे पानी में कार समेत युवक डूबा
1ः55 बजे -गाजियाबाद से एनडीआरएफ टीम पहुंची
4:30 बजे -युवक को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया
नोट : समय जैसा पुलिस और परिजनों ने बताया।

नाम आंखों से किया अंतिम संस्कार
शनिवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने सफीपुर में नम आंखों से युवराज का अंतिम संस्कार किया। पिता, रिश्तेदार और दोस्त शामिल हुए। दोस्तों ने बताया कि युवराज मिलनसार और काम में बेहद अच्छा था। करीब एक साल से गुरुग्राम की कंपनी में काम कर रहे थे। उनकी बहन, जो यूके में रहती है, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकी। घटना के बाद पिता अकेले पड़ गए हैं और उन्होंने अपने बुढ़ापे का सहारा खो दिया है

 

निवासियों ने उठाया लापरवाही का मुद्दा 
हादसे के बाद सेक्टर निवासियों ने लापरवाही का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा है कि करीब  16 दिन पहले भी यहां हादसा हुआ था। उस वक्त शिकायत के बाद अधिकारी जाग जाते तो शुक्रवार को युवराज की जान बच सकती थी। निवासियों ने बताया कि सेक्टर में ऐेसे अधबने प्लॉटों की संख्या अच्छी खासी है। जहां कभी भी हादसो हो सकते हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed