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एमपी से साइबर सेल अधिकारी जांच के लिए नोएडा पहुंचे
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एमपी से साइबर सेल अधिकारी जांच के लिए नोएडा पहुंचे
नोएडा। अवैध वसूली के मामले में जेल गए मध्य प्रदेश के पुलिसकर्मियों की जांच के लिए एमपी साइबर सेल से अधिकारी बृहस्पतिवार को नोएडा पहुंचे। दिनभर उन्होंने सेक्टर-20 कोतवाली पुलिस से बात की और मामले से जुड़े साक्ष्य भी जुटाए। शुक्रवार को अधिकारी जेल जाकर पुलिसकर्मियों के भी बयान लेंगे।
एमपी जबलपुर स्टेट साइबर सेल के एसआई पंकज साहू, एसआई राशिद परवेज खान मामले की जांच के लिए सेक्टर-18 स्थित आईसीआईसीआई बैंक आए थे। 15 दिसंबर को उन्होंने पोंजी स्कीम के संचालक सूर्यभान और शशिकांत को हिरासत में लेकर दबाव बनाया और 28.70 लाख रुपये कांस्टेबल आसिफ के खाते में ट्रांसफर करा दिए थे। इसके बाद भी वह 58 लाख रुपये हड़पने की जुगत में थे। 18 दिसंबर को पाेंजी स्कीम संचालकों का दोस्त मनोज तिवारी का दोनों सब इंस्पेक्टरों से विवाद हो गया। मनोज एक सब इंस्पेक्टर की पिस्टल लूटकर भाग गया था। इसके बाद पूरा मामला प्रकाश में आया और तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में एमपी पुलिस ने पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की तैयारी शुरू कर दी है। एमपी साइबर सेल केएसपी गुरुकरन सिंह टीम के साथ सेक्टर-20 कोतवाली पहुंचे। वहां अधिकारियों के बयान दर्ज कर साक्ष्य जुटाए। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट बनाकर एमपी सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद ही पुलिसकर्मियों पर निर्णय लिया जाएगा। 27 दिसंबर तक एडीजी स्टेट साइबर सेल को रिपोर्ट सौंपनी है। वहीं, एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि एमपी के अफसरों को साक्ष्य मुहैया करा दिए गए हैं। जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
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नोएडा। अवैध वसूली के मामले में जेल गए मध्य प्रदेश के पुलिसकर्मियों की जांच के लिए एमपी साइबर सेल से अधिकारी बृहस्पतिवार को नोएडा पहुंचे। दिनभर उन्होंने सेक्टर-20 कोतवाली पुलिस से बात की और मामले से जुड़े साक्ष्य भी जुटाए। शुक्रवार को अधिकारी जेल जाकर पुलिसकर्मियों के भी बयान लेंगे।
एमपी जबलपुर स्टेट साइबर सेल के एसआई पंकज साहू, एसआई राशिद परवेज खान मामले की जांच के लिए सेक्टर-18 स्थित आईसीआईसीआई बैंक आए थे। 15 दिसंबर को उन्होंने पोंजी स्कीम के संचालक सूर्यभान और शशिकांत को हिरासत में लेकर दबाव बनाया और 28.70 लाख रुपये कांस्टेबल आसिफ के खाते में ट्रांसफर करा दिए थे। इसके बाद भी वह 58 लाख रुपये हड़पने की जुगत में थे। 18 दिसंबर को पाेंजी स्कीम संचालकों का दोस्त मनोज तिवारी का दोनों सब इंस्पेक्टरों से विवाद हो गया। मनोज एक सब इंस्पेक्टर की पिस्टल लूटकर भाग गया था। इसके बाद पूरा मामला प्रकाश में आया और तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में एमपी पुलिस ने पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की तैयारी शुरू कर दी है। एमपी साइबर सेल केएसपी गुरुकरन सिंह टीम के साथ सेक्टर-20 कोतवाली पहुंचे। वहां अधिकारियों के बयान दर्ज कर साक्ष्य जुटाए। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट बनाकर एमपी सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद ही पुलिसकर्मियों पर निर्णय लिया जाएगा। 27 दिसंबर तक एडीजी स्टेट साइबर सेल को रिपोर्ट सौंपनी है। वहीं, एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि एमपी के अफसरों को साक्ष्य मुहैया करा दिए गए हैं। जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
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