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Noida News: मई दिवस पर नूंह में मजदूर संगठनों का प्रदर्शन
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प्रदर्शन करते मजदूर संगठन के सदस्य।
-प्रदर्शनकारियों ने चार श्रम संहिताओं पर विरोध जताते हुए की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। मई दिवस के अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और सीटू नूंह जिला कमेटी ने संयुक्त रूप से विभिन्न विभागों में नुक्कड़ सभाएं कर केंद्र सरकार की श्रम नीतियों का विरोध किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समुन खान और अनिल कुमार ने की। इस दौरान रोडवेज, बिजली, सिंचाई, नगर पालिका और दमकल विभाग के कर्मचारियों ने भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को बदलकर 4 श्रम संहिताएं लागू करने की नीति मजदूर, किसान और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे कर्मचारियों के अधिकार कमजोर होंगे और उन्हें 12 घंटे तक काम करने के लिए बाध्य किया जा सकता है। साथ ही पेंशन लाभ, जोखिम भत्ता और अन्य सुविधाओं में कटौती की आशंका जताई गई। नेताओं ने यह भी कहा कि महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने के लिए मजबूर किया जा सकता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर सवाल उठेंगे। इसके अलावा, महंगाई और जुर्माने के कारण गरीब वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सभा में नगर पालिका और दमकल विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए सरकार से वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की गई। चेतावनी दी गई कि मांगें नहीं मानी गईं तो सभी विभागीय यूनियनें हड़ताल पर जाएंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। मई दिवस के अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और सीटू नूंह जिला कमेटी ने संयुक्त रूप से विभिन्न विभागों में नुक्कड़ सभाएं कर केंद्र सरकार की श्रम नीतियों का विरोध किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समुन खान और अनिल कुमार ने की। इस दौरान रोडवेज, बिजली, सिंचाई, नगर पालिका और दमकल विभाग के कर्मचारियों ने भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को बदलकर 4 श्रम संहिताएं लागू करने की नीति मजदूर, किसान और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे कर्मचारियों के अधिकार कमजोर होंगे और उन्हें 12 घंटे तक काम करने के लिए बाध्य किया जा सकता है। साथ ही पेंशन लाभ, जोखिम भत्ता और अन्य सुविधाओं में कटौती की आशंका जताई गई। नेताओं ने यह भी कहा कि महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने के लिए मजबूर किया जा सकता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर सवाल उठेंगे। इसके अलावा, महंगाई और जुर्माने के कारण गरीब वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सभा में नगर पालिका और दमकल विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए सरकार से वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की गई। चेतावनी दी गई कि मांगें नहीं मानी गईं तो सभी विभागीय यूनियनें हड़ताल पर जाएंगी।
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