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Noida News: लोन दिलाने का झांसा देकर ठगने वाले अवैध कॉल सेंटर का खुलासा
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सेक्टर-2 से आरोपी गिरफ्तार, सरगना समेत अन्य की तलाश जारी
एनसीआरपी की शिकायतों की जांच में खुला साइबर ठगी का नेटवर्क
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस और कमीशन के नाम पर ठगी करने वाले अवैध कॉल सेंटर का साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। सेक्टर-2 स्थित कार्यालय पर छापेमारी कर मेरठ निवासी आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी और उसके साथी बैंक अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते थे और लोन स्वीकृत कराने के नाम पर रकम जमा कराकर संपर्क भंग कर देते थे।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि एनसीआरपी पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान गिरोह का सुराग मिला। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, ग्राहक आवेदन फॉर्म और सर्विलांस की मदद से एक मोबाइल नंबर मेरठ के सरधना के रहने वाले तरुण चौहान के नाम पर मिला। उसकी लोकेशन सेक्टर-2 में मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की। जांच में पता चला कि सेक्टर-2 के डी-36 स्थित कार्यालय में फर्स्ट एडवाइजर नाम से कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। वहां छापा मारकर पुलिस ने तरुण चौहान को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से बरामद मोबाइल फोन में वही नंबर सक्रिय मिला, जिससे पीड़ितों से संपर्क किया जाता था।
आरोपी ने बताया कि गिरोह का संचालन दीपक राय करता है। जिन खातों में पैसा आता है, उनके एटीएम कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग का नियंत्रण भी सरगना के पास ही है।
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एनसीआरपी की शिकायतों की जांच में खुला साइबर ठगी का नेटवर्क
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस और कमीशन के नाम पर ठगी करने वाले अवैध कॉल सेंटर का साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। सेक्टर-2 स्थित कार्यालय पर छापेमारी कर मेरठ निवासी आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी और उसके साथी बैंक अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते थे और लोन स्वीकृत कराने के नाम पर रकम जमा कराकर संपर्क भंग कर देते थे।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि एनसीआरपी पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान गिरोह का सुराग मिला। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, ग्राहक आवेदन फॉर्म और सर्विलांस की मदद से एक मोबाइल नंबर मेरठ के सरधना के रहने वाले तरुण चौहान के नाम पर मिला। उसकी लोकेशन सेक्टर-2 में मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की। जांच में पता चला कि सेक्टर-2 के डी-36 स्थित कार्यालय में फर्स्ट एडवाइजर नाम से कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। वहां छापा मारकर पुलिस ने तरुण चौहान को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से बरामद मोबाइल फोन में वही नंबर सक्रिय मिला, जिससे पीड़ितों से संपर्क किया जाता था।
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आरोपी ने बताया कि गिरोह का संचालन दीपक राय करता है। जिन खातों में पैसा आता है, उनके एटीएम कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग का नियंत्रण भी सरगना के पास ही है।
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