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Noida News: शिक्षकों-कर्मचारियों का ब्योरा हुआ गलत तो प्रधानाचार्य होंगे जिम्मेदार
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सभी माध्यमिक कॉलेजों को शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का विवरण ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को यह प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी करनी होगी। इसके लिए परिषद की वेबसाइट upmsp.edu.in पर पोर्टल उपलब्ध कराया गया है।
बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि किसी शिक्षक का विवरण एक से अधिक कॉलेजों से अपलोड नहीं किया जाए। गलत जानकारी के आधार पर अयोग्य शिक्षक की परीक्षक के रूप में नियुक्ति होने पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि सभी कॉलेजों को शिक्षकों और कर्मचारियों का पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज करने के साथ पहले से उपलब्ध जानकारी को भी अपडेट करना होगा। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान प्रायोगिक परीक्षा, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और कक्ष निरीक्षण समेत विभिन्न कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसे में उनकी सही जानकारी के आधार पर जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। शिक्षकों और कर्मचारियों के डिजिटल पहचान पत्र भी तैयार किए जाएंगे।
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नाम से लेकर विषय कोड तक भरना होगा :
प्रधानाचार्यों को शिक्षकों का नाम, जन्मतिथि, पद, नियुक्ति की तारीख, मोबाइल नंबर और शैक्षिक योग्यता दर्ज करनी होगी। इसके अलावा शिक्षक हाईस्कूल या इंटरमीडिएट में जिस विषय को पढ़ाते हैं, उसका नाम और विषय कोड भी सही भरना अनिवार्य होगा। इससे विषयवार परीक्षकों और अन्य परीक्षा कर्मियों की तैनाती में आसानी होगी।
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ग्रेटर नोएडा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सभी माध्यमिक कॉलेजों को शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का विवरण ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को यह प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी करनी होगी। इसके लिए परिषद की वेबसाइट upmsp.edu.in पर पोर्टल उपलब्ध कराया गया है।
बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि किसी शिक्षक का विवरण एक से अधिक कॉलेजों से अपलोड नहीं किया जाए। गलत जानकारी के आधार पर अयोग्य शिक्षक की परीक्षक के रूप में नियुक्ति होने पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे।
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जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि सभी कॉलेजों को शिक्षकों और कर्मचारियों का पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज करने के साथ पहले से उपलब्ध जानकारी को भी अपडेट करना होगा। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान प्रायोगिक परीक्षा, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और कक्ष निरीक्षण समेत विभिन्न कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसे में उनकी सही जानकारी के आधार पर जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। शिक्षकों और कर्मचारियों के डिजिटल पहचान पत्र भी तैयार किए जाएंगे।
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नाम से लेकर विषय कोड तक भरना होगा :
प्रधानाचार्यों को शिक्षकों का नाम, जन्मतिथि, पद, नियुक्ति की तारीख, मोबाइल नंबर और शैक्षिक योग्यता दर्ज करनी होगी। इसके अलावा शिक्षक हाईस्कूल या इंटरमीडिएट में जिस विषय को पढ़ाते हैं, उसका नाम और विषय कोड भी सही भरना अनिवार्य होगा। इससे विषयवार परीक्षकों और अन्य परीक्षा कर्मियों की तैनाती में आसानी होगी।