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ग्रेटर नोएडा: एसटीपी से शोधित पानी के गुणवत्ता की होगी ऑनलाइन निगरानी, चारों एसटीपी ओसीईएमएस से होंगे लैस

Tue, 19 Apr 2022 04:52 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 19 Apr 2022 04:52 PM IST
सार

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से चार एसटीपी बनाए गए हैं। सबसे बड़ा एसटीपी कासना में है। इसकी क्षमता 137 एमएलडी है। मौजूदा समय में इस एसटीपी से रोजाना  90 एमएलडी से अधिक सीवर शोधित हो रहा है।

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Greater Noida STP plant quality monitoring online tender issue
ग्रेटर नोएडा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्रेटर नोएडा में बने चारों एसटीपी से शोधित पानी के गुणवत्ता की निगरानी ऑनलाइन कॉन्टिन्युअस एफ्लुएंट मॉनिटरिंग सिस्टम (ओसीईएमएस) के जरिए कंप्यूटर पर ऑनलाइन हो सकेगी। प्राधिकरण ने इसके टेंडर जारी कर दिए हैं। इसे मिलाकर  प्राधिकरण ने कुल 12 कार्यों के लिए करीब 29 करोड़ रुपये के टेंडर निकाले हैं।

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से चार एसटीपी बनाए गए हैं। सबसे बड़ा एसटीपी कासना में है। इसकी क्षमता 137 एमएलडी है। मौजूदा समय में इस एसटीपी से रोजाना  90 एमएलडी से अधिक सीवर शोधित हो रहा है। इकोटेक दो स्थित एसटीपी से करीब 7 एमएलडी सीवर रोजाना शोधित हो रहा है। इसकी क्षमता 15 एमएलडी रोजाना एसटीपी शोधित करने की है।
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ईकोटेक तीन स्थित एसटीपी की क्षमता 20 एमएलडी की है। इस एसटीपी से मौजूदा समय में रोजाना करीब 12 एमएलडी शोधित हो रहा है। बादलपुर स्थित एसटीपी से 2 एमएलडी सीवर शोधित हो रहा है। इसकी क्षमता भी दो एमएलडी ही है। इन एसटीपी से शोधित पानी का इस्तेमाल सिंचाई व निर्माण आदि कार्यों के लिए किया जा रहा है।
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण की मंशा है कि इन एसटीपी के पानी की गुणवत्ता में कोई कमी न होने पाए, इसकी निगरानी के लिए सभी एसटीपी पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम अपनाया जाए। इसके मद्देनजर प्राधिकरण के सीवर विभाग ने चारों एसटीपी को ओसीईएमएस से लैस करने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इसके अंतर्गत एसटीपी से शोधित पानी की निकासी वाले जगह पर उपकरण लगा दिए जाएंगे।

वे प्राधिकरण के कंप्यूटर सिस्टम से कनेक्ट हो जाएंगे। इसके जरिए शोधित पानी की रियल टाइम गुणवत्ता का ब्योरा अधिकारियों को मिलती रहेगी। इससे गुणवत्ता पर नजर रखना आसान हो जाएगा। अभी मौके पर जाकर देखना पड़ता है। बाद में इसे वन मैप ग्रेटर नोएडा से लिंक किया जाएगा। जहां ग्रेटर नोएडा के निवासी जब चाहें, खुद भी देख सकेंगे।

चारों एसटीपी को ओसीईएमएस से लैस करने में करीब 1.49 करोड़ रुपये खर्च होने का आकलन है। प्राधिकरण के सीवर विभाग ने इसके टेंडर जारी कर दिए हैं। इस काम को करने की इच्छुक कंपनी 19 अप्रैल से 28 अप्रैल तक डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकती हैं। 02 मई को प्री क्वालीफिकेशन बिड खुलेगी।

जोन टू सीवरेज सिस्टम पर खर्च होंगे 8 करोड़

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने नॉलेज पार्क वन, टू, थ्री, गामा वन व टू, अल्फा वन व टू, तुगलपुर, नरौली, रोहिल्लापुर, अमृतपुरम व नवादा (सभी जोन टू) के सीवरेज सिस्टम के तीन वर्ष के मेनटेनेंस के लिए करीब 8 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए हैं। इसके साथ ही कासना स्थित 137 एमएलडी एसटीपी में 10 एमएलडी क्षमता के इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन की डिजाइन, कंस्ट्रक्शन,कमिशनिंग आदि के लिए 3.87 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए हैं। 

5.60 करोड़ से सुधरेंगी इकोटेक वन एक्सटेंशन वन की सड़कें

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इकोटेक वन एक्सटेंशन वन की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए करीब 5.60 करोड़ रुपये के टेंडर जारी कर दिए हैं। कॉन्ट्रैक्टर का चयन कर शीघ्र ही काम शुरू कराया जाएगा। वहीं, बादलपुर व दादरी बाइपास में लगे पेड़ पौधों के लॉन व रखरखाव के कार्य, नॉलेज पार्क टू में पंचवटी पार्क, कलाग्राम व प्रमोनेड पार्क  के सिविर कार्य व रखरखाव, तिलपता रोटरी से इटैहरा रोटरी तक 130 मीटर रोड के सेंट्रल वर्ज पर लगे पेड़-पौधे व लॉन का रखरखाव, 105 मीटर रोड के टी प्वाइंट से एलजी रोटरी तक, दुर्गा टाकीज रोटरी से सूरजपुर टी प्वाइंट तक सेंट्रल वर्ज, ग्रीन बेल्ट, फूड प्लाजा व अक्वा लिवेज पर लगे पेड़ पौधों का तीन साल तक रखरखाव, सेक्टर ईकोटेक 6. 7, 8, 9, 10, 11 आईटी सिटी टेकजोन वन व टू के डिमार्केशन व लेवलिंग, डेरी मच्छा में श्मशान घाट के मरम्मत व इंटरलॉकिंग टाइल्स के कार्य, भोला रावल में सीसी रोड को ऊंचा उठाने, देवटा के श्मशान घाट में शेड व चबूतरा का निर्माण, बाउंड्रीवॉल की मरम्मत, ड्रेन व इंटरलॉकिंग टाइल्स आदि कार्य कराए जाएंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना एके अरोड़ा ने कहा है कि निविदा के जरिए कॉन्ट्रैक्टरों का चयन कर इन कार्यों को शीघ्र कराने की कोशिश की जाएगी।

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