Greater Noida: एलपीजी इक्विपमेंट रिसर्च सेंटर ने विकसित की नई तकनीक, अब एलपीजी चोरी नहीं कर पाएंगे वेंडर
एलपीजी इक्विपमेंट रिसर्च सेंटर बेंगलूरू संस्थान ने गैस बचत के तरीके ईजाद किए हैं। संस्थान की ओर से हाल ही में एक हाई थर्मल एफिसिएंसी स्टोव बनाया गया है। इस चूल्हे से निकलने वाली करीब 74% एलपीजी गैस का उपयोग हो पाता है। वहीं, पूर्व में आने वाले चूल्हे में 66% ही गैस का उपयोग हो पाता था। इससे घरों में करीब 8% तक एलपीजी अधिक चलेगी।
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अब वेंडर सिलेंडर से एलपीजी चोरी नहीं कर पाएंगे। एलपीजी की टेस्टिंग करने वाली एजेंसी एलपीजी इक्विपमेंट रिसर्च सेंटर बेंगलूरू की ओर से नई तकनीक विकसित की गई है, जिसमें सिलेंडर उल्टा कर गैस निकालने की कोशिश करने पर भी गैस नहीं निकलेगी।
इंडेन, भारत गैस और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनियों की संयुक्त टेस्टिंग और रिसर्च संस्था बेंगलूरू में एलपीजी इक्विपमेंट रिसर्च सेंटर है। सेंटर के मुख्य प्रबंधक संतोष गुप्ता ने बताया कि सिलिंडरों से एलपीजी चोरी की शिकायतों के निवारण के लिए संस्था प्रयास कर रही थी। शिकायतें मिलती थीं कि खाली सिलेंडर के ऊपर नोजल लगाकर भरा सिलेंडर रखकर गैस चुरा ली जाती है। इसके निवारण के लिए अब ऐसी तकनीक विकसित की गई है कि जिससे सिलेंडर उल्टा करते ही गैस जाना बंद हो जाएगी। जल्द ही यह परीक्षण पूरा कर इसको एलपीजी कंपनियों को दे दिया जाएगा। इससे सिलिंडरों से गैस चोरी करना आसान नहीं रह जाएगा।
लीक टेस्टर बताएगा सिलेंडर की लीकेज
घरों में आने वाली एलपीजी सिलिंडर में अक्सर लीकेज की शिकायत आती है। इस समस्या का समाधान करने के लिए एजेंसियों के कर्मियों को एक लीक टेस्टर दिया जाएगा। इसको सिलेंडर के ऊपर लगाने पर सिलेंडर की लीकेज बता देगा। एलपीजी इक्विपमेंट रिसर्च सेंटर बेंगलूरू ने इस उपकरण को बनाया है।
नए चूल्हे से हो सकेगी 8 फीसदी गैस की बचत
एलपीजी इक्विपमेंट रिसर्च सेंटर बेंगलूरू संस्थान ने गैस बचत के तरीके ईजाद किए हैं। संस्थान की ओर से हाल ही में एक हाई थर्मल एफिसिएंसी स्टोव बनाया गया है। इस चूल्हे से निकलने वाली करीब 74% एलपीजी गैस का उपयोग हो पाता है। वहीं, पूर्व में आने वाले चूल्हे में 66% ही गैस का उपयोग हो पाता था। इससे घरों में करीब 8% तक एलपीजी अधिक चलेगी।