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Noida News: बुजुर्ग की मौत के मामले में नाती बरी
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विरोधाभासी गवाही और पुख्ता साक्ष्य के अभाव में आरोप साबित नहीं हुए
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। संदिग्ध परिस्थितियों में 96 वर्षीय बुजुर्ग मुंशीलाल की मौत के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) ने आरोपी नाती रामू उर्फ रामबाबू को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष भारतीय साक्ष्य अधिनियम के मानकों के अनुरूप यह साबित नहीं कर सका कि आरोपी की मारपीट से बुजुर्ग की मौत हुई।
मामला थाना फेज-3 क्षेत्र के बुद्ध विहार छिजारसी का है। अभियोजन के अनुसार 22 अगस्त 2021 को किसी विवाद के बाद आरोपी ने अपने नाना मुंशीलाल से मारपीट की थी। घायल बुजुर्ग की उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। हालांकि सुनवाई के दौरान वादी ने अदालत को बताया कि मुंशीलाल चलने-फिरने में असमर्थ थे और सीढ़ियों से गिरने के कारण उन्हें चोट लगी थी। अदालत ने पाया कि मुख्य गवाहों के बयान परस्पर विरोधी हैं और प्रत्यक्ष साक्ष्य भी नहीं हैं। वादी ने स्वयं अदालत में अपने लिखित आरोपों के विपरीत बयान दिया। ऐसे में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। संदिग्ध परिस्थितियों में 96 वर्षीय बुजुर्ग मुंशीलाल की मौत के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) ने आरोपी नाती रामू उर्फ रामबाबू को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष भारतीय साक्ष्य अधिनियम के मानकों के अनुरूप यह साबित नहीं कर सका कि आरोपी की मारपीट से बुजुर्ग की मौत हुई।
मामला थाना फेज-3 क्षेत्र के बुद्ध विहार छिजारसी का है। अभियोजन के अनुसार 22 अगस्त 2021 को किसी विवाद के बाद आरोपी ने अपने नाना मुंशीलाल से मारपीट की थी। घायल बुजुर्ग की उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। हालांकि सुनवाई के दौरान वादी ने अदालत को बताया कि मुंशीलाल चलने-फिरने में असमर्थ थे और सीढ़ियों से गिरने के कारण उन्हें चोट लगी थी। अदालत ने पाया कि मुख्य गवाहों के बयान परस्पर विरोधी हैं और प्रत्यक्ष साक्ष्य भी नहीं हैं। वादी ने स्वयं अदालत में अपने लिखित आरोपों के विपरीत बयान दिया। ऐसे में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
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