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Noida News: फर्जी मुख्तारनामा के जरिए स्वतंत्रता सेनानी परिवार की जमीन हड़पने की कोशिश
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- सेक्टर-142 थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज
- शिकायतकर्ता का कहना, उनके ससुर शहीद-ए-आजम भगत सिंह और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथी रहे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना सेक्टर-142 में एक 82 वर्षीय वृद्ध महिला की जमीन हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेजों के सहारे रचे गए बड़े षड्यंत्र का मामला सामने आया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता मंजीत कौर निवासी गांव नलगढ़ा ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उनका परिवार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से गहरे जुड़ा रहा है। उनके ससुर शहीद-ए-आजम भगत सिंह और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथी रहे थे। इसी योगदान के चलते भारत सरकार ने उनके परिवार को गांव नलगढ़ा में कृषि व निवास के लिए भूमि आवंटित की थी। समय के साथ जमीनों के दाम आसमान छूने लगे, जिसके बाद भूमाफिया और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की नजर स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की जमीनों पर पड़ गई।
आरोपी है अनिल कुमार, धीर सिंह, जयदीप, हुकुम पाल और अशोक कुमार ने मिलकर एक फर्जी मुख्तारनामा तैयार करवाया, जिसे मध्य प्रदेश के सीहोर जिले स्थित उप-निबंधक कार्यालय दोहरा में पंजीकृत बताया गया। इसी कथित मुख्तारनामे के आधार पर आरोपियों ने 14 दिसंबर 2023 को एक बैनामा निष्पादित करवाया और शिकायतकर्ता की जमीन पर अपना अधिकार जताते हुए उस पर कब्जे का प्रयास शुरू कर दिया।
जब शिकायतकर्ता ने बैनामे और उससे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कराई तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। बैनामे में दर्ज खसरा उस जमीन से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित है। अपने अधिवक्ता के माध्यम से मुख्तारनामे की सत्यता की जानकारी मांगी तो कार्यालय ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि उक्त मुख्तारनामा वहां कभी पंजीकृत ही नहीं हुआ। साथ ही यह भी बताया गया कि उस कार्यालय में 1 अगस्त 2015 से मैनुअल पंजीयन उसी दिन से बंद कर दिया गया था। इससे स्पष्ट हो गया कि आरोपियों ने कंप्यूटर के जरिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे असली और ऑनलाइन पंजीकृत बताकर बैनामा करवाया। आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े और धमकी देने जैसे मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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- शिकायतकर्ता का कहना, उनके ससुर शहीद-ए-आजम भगत सिंह और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथी रहे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना सेक्टर-142 में एक 82 वर्षीय वृद्ध महिला की जमीन हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेजों के सहारे रचे गए बड़े षड्यंत्र का मामला सामने आया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता मंजीत कौर निवासी गांव नलगढ़ा ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उनका परिवार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से गहरे जुड़ा रहा है। उनके ससुर शहीद-ए-आजम भगत सिंह और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथी रहे थे। इसी योगदान के चलते भारत सरकार ने उनके परिवार को गांव नलगढ़ा में कृषि व निवास के लिए भूमि आवंटित की थी। समय के साथ जमीनों के दाम आसमान छूने लगे, जिसके बाद भूमाफिया और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की नजर स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की जमीनों पर पड़ गई।
आरोपी है अनिल कुमार, धीर सिंह, जयदीप, हुकुम पाल और अशोक कुमार ने मिलकर एक फर्जी मुख्तारनामा तैयार करवाया, जिसे मध्य प्रदेश के सीहोर जिले स्थित उप-निबंधक कार्यालय दोहरा में पंजीकृत बताया गया। इसी कथित मुख्तारनामे के आधार पर आरोपियों ने 14 दिसंबर 2023 को एक बैनामा निष्पादित करवाया और शिकायतकर्ता की जमीन पर अपना अधिकार जताते हुए उस पर कब्जे का प्रयास शुरू कर दिया।
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जब शिकायतकर्ता ने बैनामे और उससे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कराई तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। बैनामे में दर्ज खसरा उस जमीन से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित है। अपने अधिवक्ता के माध्यम से मुख्तारनामे की सत्यता की जानकारी मांगी तो कार्यालय ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि उक्त मुख्तारनामा वहां कभी पंजीकृत ही नहीं हुआ। साथ ही यह भी बताया गया कि उस कार्यालय में 1 अगस्त 2015 से मैनुअल पंजीयन उसी दिन से बंद कर दिया गया था। इससे स्पष्ट हो गया कि आरोपियों ने कंप्यूटर के जरिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे असली और ऑनलाइन पंजीकृत बताकर बैनामा करवाया। आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े और धमकी देने जैसे मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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