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Noida News: प्लॉट के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में बिल्डर कंपनी और निदेशक पर मुकदमा दर्ज
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- सेक्टर-150 में आंचल होम्स का प्लॉट दिलाने के बाद कब्जा देने के नाम पर रुपये मांगने
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में रविवार को कोर्ट के आदेश पर न्यूशेप इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक योगेश कुमार सिंह निवासी गाजियाबाद, उसके भाई सोनू मलिक और 2-3 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
गुरुग्राम निवासी नयन प्रकाश भंसाली वर्तमान में फरीदाबाद में रहते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में वह नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास प्लॉट लेना चाहते थे। इसी दौरान न्यूशेप इंफ्राटेक की ओर से उनके पास लगातार फोन आते थे। संपर्क करने पर कंपनी की टीम ने उन्हें सेक्टर-150 नोएडा में पुस्ता रोड पर स्थित आंचल होम्स प्रोजेक्ट का प्लॉट दिखाया। मौके पर प्रोजेक्ट का बोर्ड भी लगा था।
पीड़ित के मुताबिक किस्तों में भुगतान तय हुआ। सितंबर 2016 में उन्होंने सभी किस्तें जमा कर दीं और 2 नवंबर 2016 को ग्रेटर नोएडा के सब रजिस्ट्रार कार्यालय में प्लॉट संख्या रजिस्ट्री उनके नाम हो गई। इसके बाद कंपनी के कई कर्मचारी कंपनी छोड़ चुके थे। दिसंबर 2016 में म्यूटेशन के लिए 20 हजार रुपये लिए गए। मार्च 2017 में योगेश के भाई सोनू मलिक ने बताया कि पटवारी का तबादला हो गया है और वह पैसे वापस नहीं कर रहा। इसके बाद जब भी उन्होंने प्लॉट का कब्जा मांगा, कंपनी की टीम ने बेवजह बहाने बनाए। इसके बाद योगेश और सोनू मलिक ने दुर्व्यवहार शुरू कर दिया और फोन व मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। जब पीड़ित प्रोजेक्ट साइट पर पहुंचे तो कार्यालय बंद मिला और सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि इस नाम का कोई ऑफिस नहीं है। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में रविवार को कोर्ट के आदेश पर न्यूशेप इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक योगेश कुमार सिंह निवासी गाजियाबाद, उसके भाई सोनू मलिक और 2-3 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
गुरुग्राम निवासी नयन प्रकाश भंसाली वर्तमान में फरीदाबाद में रहते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में वह नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास प्लॉट लेना चाहते थे। इसी दौरान न्यूशेप इंफ्राटेक की ओर से उनके पास लगातार फोन आते थे। संपर्क करने पर कंपनी की टीम ने उन्हें सेक्टर-150 नोएडा में पुस्ता रोड पर स्थित आंचल होम्स प्रोजेक्ट का प्लॉट दिखाया। मौके पर प्रोजेक्ट का बोर्ड भी लगा था।
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पीड़ित के मुताबिक किस्तों में भुगतान तय हुआ। सितंबर 2016 में उन्होंने सभी किस्तें जमा कर दीं और 2 नवंबर 2016 को ग्रेटर नोएडा के सब रजिस्ट्रार कार्यालय में प्लॉट संख्या रजिस्ट्री उनके नाम हो गई। इसके बाद कंपनी के कई कर्मचारी कंपनी छोड़ चुके थे। दिसंबर 2016 में म्यूटेशन के लिए 20 हजार रुपये लिए गए। मार्च 2017 में योगेश के भाई सोनू मलिक ने बताया कि पटवारी का तबादला हो गया है और वह पैसे वापस नहीं कर रहा। इसके बाद जब भी उन्होंने प्लॉट का कब्जा मांगा, कंपनी की टीम ने बेवजह बहाने बनाए। इसके बाद योगेश और सोनू मलिक ने दुर्व्यवहार शुरू कर दिया और फोन व मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। जब पीड़ित प्रोजेक्ट साइट पर पहुंचे तो कार्यालय बंद मिला और सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि इस नाम का कोई ऑफिस नहीं है। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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