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Noida News: दहेज उत्पीड़न मामले में पांचों आरोपी बरी
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अदालत ने दहेज उत्पीड़न और मारपीट के एक मामले में पांचों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। परिवादिनी ने अपने पति राहुल, कथित ससुर महेन्द्र, जेठ शिवकुमार, जेठानी मीनू और ननदोई महेश के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। परिवादी के अनुसार उसकी शादी 16 फरवरी 2014 को हुई थी। शादी में उसके पिता ने करीब 8 लाख रुपये का दान-दहेज दिया था।
आरोप था कि शादी के बाद से पति, ससुर, जेठ, जेठानी और ननदोई दिए गए दहेज से असंतुष्ट थे और अतिरिक्त दहेज के रूप में चार पहिया वाहन की मांग कर रहे थे। 20 अप्रैल 2018 को सभी आरोपियों ने उसे घर से निकाल दिया और चार पहिया वाहन लाने की धमकी दी। हालांकि अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी ने कहा कि आरोपियों के द्वारा कोई क्रूरता, मारपीट एवं दहेज की मांग नहीं की गई थी। न्यायालय ने कहा कि आरोपों को साबित करने का प्रारंभिक भार परिवादी पक्ष पर होता है। चूंकि स्वयं परिवादी और उसके पिता ने अपने बयानों में घटना का समर्थन नहीं किया, इसलिए अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अदालत ने दहेज उत्पीड़न और मारपीट के एक मामले में पांचों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। परिवादिनी ने अपने पति राहुल, कथित ससुर महेन्द्र, जेठ शिवकुमार, जेठानी मीनू और ननदोई महेश के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। परिवादी के अनुसार उसकी शादी 16 फरवरी 2014 को हुई थी। शादी में उसके पिता ने करीब 8 लाख रुपये का दान-दहेज दिया था।
आरोप था कि शादी के बाद से पति, ससुर, जेठ, जेठानी और ननदोई दिए गए दहेज से असंतुष्ट थे और अतिरिक्त दहेज के रूप में चार पहिया वाहन की मांग कर रहे थे। 20 अप्रैल 2018 को सभी आरोपियों ने उसे घर से निकाल दिया और चार पहिया वाहन लाने की धमकी दी। हालांकि अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी ने कहा कि आरोपियों के द्वारा कोई क्रूरता, मारपीट एवं दहेज की मांग नहीं की गई थी। न्यायालय ने कहा कि आरोपों को साबित करने का प्रारंभिक भार परिवादी पक्ष पर होता है। चूंकि स्वयं परिवादी और उसके पिता ने अपने बयानों में घटना का समर्थन नहीं किया, इसलिए अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
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