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दिग्गज नेता एवं पूर्व मंत्री चौधरी खुर्शीद अहमद का निधन

Mon, 17 Feb 2020 11:43 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 17 Feb 2020 11:43 PM IST
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ex minister khurshid ahmad dies
चौधरी खुर्शीद अहमद - फोटो : ????
नूंह। मेवात के दिग्गज नेता एवं पूर्व मंत्री चौधरी खुर्शीद अहमद का सोमवार को 86 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांसें ली। वे अपने पीछे तीन बेटे और एक बेटी सहित भरा परिवार छोड़ गए हैं। पूर्व मंत्री के निधन की खबर से मेवात क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार शाम नूंह में उनके निजी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में पूर्व केंद्रीय मंत्री विरेंद्र सिंह, कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी गुलाम नबी आजाद, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश अध्यक्षा कुमारी शैलजा सहित दर्जन भर विधायक, पूर्व मंत्रियों ने शामिल होकर परिवार को सांत्वना दी। चौधरी खुर्शीद अहमद प्रदेश में फाइनेंस, एजुकेशन एवं हेल्थ जैसे बडे़ मंत्रालयों के केबिनेट मंत्री रहे। मेवात में शिक्षा के आयाम स्थापित करने में उनकी अहम भूमिका रही है। सबसे पहले उन्होंने नगीना के बडकली चौक पर अपना निजी कॉलेज खोला जिसे बाद में सरकार को सौंप दिया था।
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चौधरी खुर्शीद अहमद का जन्म 20 जून 1934 को तावडू के छोटे से गांव धुलावट में किसान चौधरी कबीर खां के यहां हुआ। वह भारत के सर्वोच्च न्यायालय में प्रैक्टिसिंग वकील के साथ एक दिग्गज राजनेता भी थे। वह फरीदाबाद, हरियाणा से एक बार सांसद व पंजाब और हरियाणा विधानसभा के लिए पांच बार विधायक चुन गए। खुर्शीद अहमद ने 1961 में फिरदौस बेगम से शादी की। उनके तीन बेटे व एक बेटी रुखसाना हैं। उनके बड़े बेटे आफताब अहमद वर्तमान में नूंह से विधायक हैं। महताब अहमद वकालत करने के बाद बड़े भाई आफताब के साथ राजनीति में हैं वहीं तीसरे बेटे अंजुम अहमद हाईकोर्ट में वकील हैं।
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चौधरी खुर्शीद अहमद ने छात्र नेता से राजनीति की शुरूआत की। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष रहे। वे हरियाणा प्रदेश की राजनीति में एक स्तंभ की तरह रहे। एक बार उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने का ऑफर भी मिला लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया। खुर्शीद अहमद प्रदेश में पांच बार विधायक और एक बार सांसद रहे तथा उनके पिता करीब अहमद एक बार विधायक, बड़े बेटे चौधरी आफताब अहमद नूंह से दूसरी बार विधायक बने हैं।
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इन्होंने जताया शोक : -
गुलाम नबी आजाद
इस दौरान गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हरियाणा और पंजाब की राजनीति में अपनी छाप छोड़ने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता मरहूम चौधरी खुर्शीद अहमद की कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। उनके द्वारा कांग्रेस के लिए किए गए कार्य और बेहतर राजनीति के तौर पर उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। चौधरी खुर्शीद अहमद के निधन से कांग्रेस पार्टी को गहरी क्षति पहुंची है, जिसकी भरपाई होना मुश्किल है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस विधायक दल के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि खुरशीद अहमद ने प्रदेश में मंत्री और सांसद रहते अपने राजनीतिक सफर में जो जनहित कार्य किए उनके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। मेवात में शिक्षा के जनक से मशहूर चौधरी खुर्शीद अहमद ने मेवात में शिक्षण संस्थान खुलवाकर मेवात के युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लाने जो प्रयास किया था जिनके लिए वह हमेशा याद रखे जाऐगें। खुरशीद अहमद से उनके पारिवारिक रिश्ते रहे। उनकी जगह जो खाली हुई है उसको भरना नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि खुर्शीद अहमद जब 1962 में विधायक बने तभी से उनको जानता हूं। उनकी पूरी जिंदगी एक सामाजिक नेता के तौर पर गुजरी। उन्होंने कहा अब उनके बेठे आफताब अहमद उनकी राजनीतिक विरासत को संभाले हुए हैं।
कुमारी शैलजा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्षा कुमारी शैलजा ने मरहूम अहमद परिवार को सांत्वना देते हुऐ चौधरी खुर्शीद अहमद ने करीब 60 साल तक कांग्रेस पार्टी की सेवा की है। जिसे भुलाया नहीं जा सकता। उनके निधन से कांग्रेस पार्टी को गहरी क्षति पहुंची है। खुर्शीद अहमद ने हमेशा कांग्रेस पार्टी के लिए एक अच्छे राजनेता के रूप में काम किया और सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ?र भाग लिया था। उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के चलते उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। उनके द्वारा राजनीतिक कैरियर में लोगों की भलाई के लिए किए गए कार्यो को हमेशा जनता याद रखा जाऐगा। उन्होंने कहा कि चौधरी खुर्शीद अहमद एक ऐसे नेता थे, जिन पर उनके राजनीतिक कैरियर में कभी भ्रष्टाचार का कोई भी दाग नहीं लगा।
राजस्थान की विधायक जाहिदा बेगम ने चौधरी खुर्शीद अहमद के निधन पर जताया शोक।
कामा विधायक जाहिदा बेगम
राजस्थान कामां से कांग्रेस की विधायक जाहिदा बेगम ने कहा चौधरी खुर्शीद अहमद और उनके पिता मरहूम चौधरी तैयब हुसैन ने हमेशा ही मेवात के विकास के लिए काम किया। जब भी समाज को जरूरत हुई चौधरी खुरशीद अहमद ने हमेशा ही चौधरी तैयब हुसैन का साथ दिया। राजनेता के साथ-साथ एक अच्छे सामाजिक कार्यकर्ता थे। जिन्होंने समाज की भलाई के लिए अनेक कार्य किए। उनके समाज के प्रति किए गए बेहतर कार्यों के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
पूर्व मंत्री राव धर्मपाल और पूर्व मंत्री करण दलाल
पूर्व मंत्री राव धर्मपाल वे पूर्व मंत्री करण दलाल का कहना है कि चौधरी खुर्शीद अहमद के निधन की भरपाई करना मुश्किल है। वह हमेशा ही खुश मिजाज रहते थे। खुर्शीद अहमद एक ईमानदार, संघर्षशील और समाज के नेता थे। जिन्होंने कांग्रेस में रहकर मेवात ही नहीं बल्कि हरियाणा में अपने मंत्रित्व काल में शिक्षा, युवाओं के लिए अनेक शिक्षण खोले। जिससे आज उन्हें पूरी मेवात शिक्षा के जनक के रूप में जानती है।

पूर्व मंत्री मोहम्मद इलियास, विधायक मम्मन खान
पुनहाना से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास व फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मम्मन खां इंजिनियर ने परिवार को सांत्वना देते हुऐ कहा आज चौधरी खुर्शीद अहमद के निधन से पूरे मेवात गहरा दुख पहुंचा है। उन्होने अपने मंत्रित्व काल में शिक्षा, चिक्तिसा जो विकास कार्य उनके लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी बेहतर राजनीतिक सोच के चलते आज मेवात में अनेक शिक्षण संस्थान खुले हैं। जिससे मेवात शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान बना रहा है। आज उनके द्वारा बनाए गए शिक्षण संस्थानों से मेवात के युवाओं को आगे बढऩे, पढने की राह मिल रही है। आज बेशक वह इस दुनिया में नहीं है, लेकिन वह मेवात की जनता के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे।
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