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Noida News: चार माह से भटक रही पीडि़ता से पुलिस ने की अभद्रता
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चार माह से भटक रही पीडि़ता से पुलिस ने की अभद्रता, महिला आयोग की सदस्य से की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। महिला आयोग की सदस्य डॉ़ मीनाक्षी भराला ने कहा कि गौतमबुद्धनगर में महिलाओं को न्याय नहीं मिल रहा है। पीड़ित महिलाएं शिकायत लेकर पुलिस के पास जाती हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती। चार माह से एक महिला लगातार शिकायत कर रही है। कोतवाली भेजने के बाद भी उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। उल्टे पुलिस उससे अभद्रता से पेश आ रही है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत है। पीड़िता ने जनसुनवाई के दौरान अपनी आप बाती बताई।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में महिलाओं के साथ अभद्र भाषा में बात की जाती है। शिकायत दर्ज करने में टालमटोल की जाती है। जिससे पीड़ित महिलाओं का मनोबल टूट जाता है। पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मी उसे अनुचित बातें करते हैं। रिपोर्ट दर्ज करने से पहले परेशान करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास ऐसे मामले भी आए हैं, जिनमें पुलिस के व्यवहार से आहत होकर महिलाओं ने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर में महिलाओं के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न, दहेज हत्या, छेड़छाड़ से जुडे़ मामले की जानकारी आयोग को पुलिस प्रशासन नहीं देता है। कई महिलाएं शिकायत लेकर उनके पास लखनऊ तक पहुंची, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। महिला आयोग की सदस्य डॉ़ मीनाक्षी भराला ने कहा कि गौतमबुद्धनगर में महिलाओं को न्याय नहीं मिल रहा है। पीड़ित महिलाएं शिकायत लेकर पुलिस के पास जाती हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती। चार माह से एक महिला लगातार शिकायत कर रही है। कोतवाली भेजने के बाद भी उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। उल्टे पुलिस उससे अभद्रता से पेश आ रही है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत है। पीड़िता ने जनसुनवाई के दौरान अपनी आप बाती बताई।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में महिलाओं के साथ अभद्र भाषा में बात की जाती है। शिकायत दर्ज करने में टालमटोल की जाती है। जिससे पीड़ित महिलाओं का मनोबल टूट जाता है। पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मी उसे अनुचित बातें करते हैं। रिपोर्ट दर्ज करने से पहले परेशान करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास ऐसे मामले भी आए हैं, जिनमें पुलिस के व्यवहार से आहत होकर महिलाओं ने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाने की कोशिश की।
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उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर में महिलाओं के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न, दहेज हत्या, छेड़छाड़ से जुडे़ मामले की जानकारी आयोग को पुलिस प्रशासन नहीं देता है। कई महिलाएं शिकायत लेकर उनके पास लखनऊ तक पहुंची, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
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