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Noida News: टूट रहे 78 परिवारों को पुलिस ने दी नई शुरुआत
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- मूक-बधिर दंपत्ति का विवाद सुलझा, चार चरण की काउंसिलिंग के आया सुधार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पुलिस के पास पहुंचे पारिवारिक विवाद को टीम ने सुलझाकर उन्हें नई शुरुआत दी। फैमिली डिस्प्यूट रेजोल्यूशन क्लीनिक के जरिये बीते साल अक्टूबर से 31 मार्च तक कुल 78 मामलों में परिवारों को दोबारा साथ किया। क्लेश को निपटाकर पुलिस ने नई उम्मीद भी दिलाई।
जहां पुलिस की छवि दबंग के रूप में बन गई है वहां एक नया रूप भी दिखाया है। अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र, पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) के निर्देशन में एफडीआरसी, महिला सहायता प्रकोष्ठ, पिंक बूथ और विभिन्न परामर्श केंद्रों पर जितने भी मामले आए उनको बखूबी नई शुरुआत दिलाई। काउंसलर्स की मदद से दोनों पक्षों को सुनकर समाधान निकालते हुए आपसी मतभेद खत्म कराए। एक मामला मूक-बधिर दंपत्ति का था जिनके बीच 2019 से विवाद चल रहा था। मामला निजी विश्वविद्यालय की काउंसलिंग टीम को भेजा जहां सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ की मदद से पांच चरणों में काउंसलिंग की गई। जांच में विवाद का मुख्य कारण आर्थिक तनाव और बेरोजगारी निकला। लगातार संवाद के बाद दोनों पक्षों ने सहमति से विवाद खत्म किया। ऐसे ही एक मामला नॉलेज पार्क स्थित केंद्र में आया। जहां दंपत्ति के बीच छोटी-सी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। चार चरणों की काउंसलिंग के बाद दोनों पक्ष एक साथ हो गए।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पुलिस के पास पहुंचे पारिवारिक विवाद को टीम ने सुलझाकर उन्हें नई शुरुआत दी। फैमिली डिस्प्यूट रेजोल्यूशन क्लीनिक के जरिये बीते साल अक्टूबर से 31 मार्च तक कुल 78 मामलों में परिवारों को दोबारा साथ किया। क्लेश को निपटाकर पुलिस ने नई उम्मीद भी दिलाई।
जहां पुलिस की छवि दबंग के रूप में बन गई है वहां एक नया रूप भी दिखाया है। अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र, पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) के निर्देशन में एफडीआरसी, महिला सहायता प्रकोष्ठ, पिंक बूथ और विभिन्न परामर्श केंद्रों पर जितने भी मामले आए उनको बखूबी नई शुरुआत दिलाई। काउंसलर्स की मदद से दोनों पक्षों को सुनकर समाधान निकालते हुए आपसी मतभेद खत्म कराए। एक मामला मूक-बधिर दंपत्ति का था जिनके बीच 2019 से विवाद चल रहा था। मामला निजी विश्वविद्यालय की काउंसलिंग टीम को भेजा जहां सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ की मदद से पांच चरणों में काउंसलिंग की गई। जांच में विवाद का मुख्य कारण आर्थिक तनाव और बेरोजगारी निकला। लगातार संवाद के बाद दोनों पक्षों ने सहमति से विवाद खत्म किया। ऐसे ही एक मामला नॉलेज पार्क स्थित केंद्र में आया। जहां दंपत्ति के बीच छोटी-सी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। चार चरणों की काउंसलिंग के बाद दोनों पक्ष एक साथ हो गए।
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