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Noida News: पॉक्सो एक्ट में चाचा को 20 साल के कारावास की सजा
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पॉक्सो एक्ट में चाचा को 20 साल के कारावास की सजा
-अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) फर्स्ट की कोर्ट ने सुनाई सजा
-वर्ष 2022 में नोएडा के सेक्टर 24 कोतवाली क्षेत्र का मामला, 5 साल तक किया यौन उत्पीड़न
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) फर्स्ट की कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट में नोएडा के सेक्टर-22 निवासी मुकुल कुमार को दोषी करार देकर 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर अलग-अलग धाराओं में 80 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर 14 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। दोषी ने अपने बड़े भाई के बेटा और बेटी का 5 साल तक यौन उत्पीड़न किया था।
शासकीय अधिवक्ता जेपी भाटी ने बताया कि पीड़ित बच्चे अपने माता-पिता के साथ नोएडा के सेक्टर-22 में रहते हैं। पीड़ित की मां ने 22 मार्च, 2022 को सेक्टर-24 कोतवाली में शिकायत दी थी। आरोप था कि 4 जुलाई 2021 को उसका बेटा बाथरूम से बाहर आया तो वह कमजोरी महसूस कर रहा था। उसने बताया कि चाचा मुकुल उससे गलत काम कराया है। वो अश्लील वीडियो और फोटो दिखाता था। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी लेकिन डर के कारण शिकायत नहीं की। वहीं 14 मार्च, 2022 को बेटी के निजी अंगों से खून निकलता दिखा तो उसने बताया कि चाचा मुकुल उसे कमरे में ले गया और प्राइवेट पार्ट्स के गंदी हरकत की। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर जांच शुरू की। सुनवाई के दौरान कोर्ट में दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुकुल को पॉक्सो एक्ट में दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी मुकुल को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
बच्ची का 5 तो बच्चे का 7 साल तक यौन उत्पीड़न : महिला के पीड़ित बेटे ने कोर्ट को बताया कि उसके चाचा मुकुल उसे ट्यूशन पढ़ाते थे। कक्षा एक से सात तक वो उसका यौन उत्पीड़न करते रहें। उसे वीडियो दिखाते थे। जबरन ट्यूशन पढ़ने के लिए बुलाते थे। वहीं पीड़ित बच्ची घटना के समय 8 साल की थी। उसने कोर्ट को बताया कि जब मां घर पर नहीं होती थी, तब चाचा उसके साथ गलत काम करता था।
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-अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) फर्स्ट की कोर्ट ने सुनाई सजा
-वर्ष 2022 में नोएडा के सेक्टर 24 कोतवाली क्षेत्र का मामला, 5 साल तक किया यौन उत्पीड़न
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) फर्स्ट की कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट में नोएडा के सेक्टर-22 निवासी मुकुल कुमार को दोषी करार देकर 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर अलग-अलग धाराओं में 80 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर 14 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। दोषी ने अपने बड़े भाई के बेटा और बेटी का 5 साल तक यौन उत्पीड़न किया था।
शासकीय अधिवक्ता जेपी भाटी ने बताया कि पीड़ित बच्चे अपने माता-पिता के साथ नोएडा के सेक्टर-22 में रहते हैं। पीड़ित की मां ने 22 मार्च, 2022 को सेक्टर-24 कोतवाली में शिकायत दी थी। आरोप था कि 4 जुलाई 2021 को उसका बेटा बाथरूम से बाहर आया तो वह कमजोरी महसूस कर रहा था। उसने बताया कि चाचा मुकुल उससे गलत काम कराया है। वो अश्लील वीडियो और फोटो दिखाता था। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी लेकिन डर के कारण शिकायत नहीं की। वहीं 14 मार्च, 2022 को बेटी के निजी अंगों से खून निकलता दिखा तो उसने बताया कि चाचा मुकुल उसे कमरे में ले गया और प्राइवेट पार्ट्स के गंदी हरकत की। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर जांच शुरू की। सुनवाई के दौरान कोर्ट में दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुकुल को पॉक्सो एक्ट में दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी मुकुल को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
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बच्ची का 5 तो बच्चे का 7 साल तक यौन उत्पीड़न : महिला के पीड़ित बेटे ने कोर्ट को बताया कि उसके चाचा मुकुल उसे ट्यूशन पढ़ाते थे। कक्षा एक से सात तक वो उसका यौन उत्पीड़न करते रहें। उसे वीडियो दिखाते थे। जबरन ट्यूशन पढ़ने के लिए बुलाते थे। वहीं पीड़ित बच्ची घटना के समय 8 साल की थी। उसने कोर्ट को बताया कि जब मां घर पर नहीं होती थी, तब चाचा उसके साथ गलत काम करता था।
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