{"_id":"6a75f2bb417c9e5906029982","slug":"dfsgdf-grnoida-news-c-23-1-lko1064-102570-2026-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: बोरिंग के गड्ढे में डूबकर मासूम की मौत के आरोपी ठेकेदार की जमानत अर्जी अदालत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: बोरिंग के गड्ढे में डूबकर मासूम की मौत के आरोपी ठेकेदार की जमानत अर्जी अदालत खारिज
विज्ञापन
(अदालत से)
- अदालत ने घटना को गंभीर प्रकृति का बताते हुए जमानत देने से इनकार किया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कलाधाम सोसाइटी में बोरिंग खुदाई की लापरवाही भरे गड्ढे में डूबकर हुई एक मासूम की मौत के मामले में आरोपी ठेकेदार मनोज जैन की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामला नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसाइटी के पार्किंग नंबर-1 से जुड़ा है। जहां 25 जुलाई की शाम वादी शिवम यादव का छह वर्षीय पुत्र अव्यान अपने साथी लवकुश के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह संबंधित प्राधिकरण द्वारा कराई जा रही बोरिंग खुदाई के लिए खोदे गए करीब 15 फुट गहरे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरा।
जानकारी होने पर सोसाइटी में रहने वाले हरमीत रतन ने बच्चे को बाहर निकाला और ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीड़ित पिता ने प्राथमिकी में आरोप लगाया कि उनके पुत्र की मौत अनदेखी का सीधा परिणाम है। आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मनोज जैन ठेकेदार फर्म में साझेदार हैं। कार्यस्थल पर दो अधिकृत सुपरवाइजर नियुक्त किए गए थे। सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक निर्देश व उपकरण उपलब्ध कराए गए थे।
वहीं अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता रजनीश यादव व शिखर यादव ने तर्क दिया कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी द्वारा आरोपी की फर्म को सौंपे गए बोरवेल खुदाई कार्य में बिना किसी चेतावनी, बैरिकेडिंग या सुरक्षा मानकों के 10-12 फुट गहरा गड्ढा खुला छोड़ा गया, जो आवासीय कॉलोनी में स्थित होने के कारण बच्चों के खेलने की जगह भी था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इसे गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए अदालत ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
- अदालत ने घटना को गंभीर प्रकृति का बताते हुए जमानत देने से इनकार किया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कलाधाम सोसाइटी में बोरिंग खुदाई की लापरवाही भरे गड्ढे में डूबकर हुई एक मासूम की मौत के मामले में आरोपी ठेकेदार मनोज जैन की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामला नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसाइटी के पार्किंग नंबर-1 से जुड़ा है। जहां 25 जुलाई की शाम वादी शिवम यादव का छह वर्षीय पुत्र अव्यान अपने साथी लवकुश के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह संबंधित प्राधिकरण द्वारा कराई जा रही बोरिंग खुदाई के लिए खोदे गए करीब 15 फुट गहरे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरा।
जानकारी होने पर सोसाइटी में रहने वाले हरमीत रतन ने बच्चे को बाहर निकाला और ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीड़ित पिता ने प्राथमिकी में आरोप लगाया कि उनके पुत्र की मौत अनदेखी का सीधा परिणाम है। आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मनोज जैन ठेकेदार फर्म में साझेदार हैं। कार्यस्थल पर दो अधिकृत सुपरवाइजर नियुक्त किए गए थे। सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक निर्देश व उपकरण उपलब्ध कराए गए थे।
विज्ञापन
वहीं अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता रजनीश यादव व शिखर यादव ने तर्क दिया कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी द्वारा आरोपी की फर्म को सौंपे गए बोरवेल खुदाई कार्य में बिना किसी चेतावनी, बैरिकेडिंग या सुरक्षा मानकों के 10-12 फुट गहरा गड्ढा खुला छोड़ा गया, जो आवासीय कॉलोनी में स्थित होने के कारण बच्चों के खेलने की जगह भी था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इसे गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए अदालत ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
विज्ञापन