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Noida News: व्हाट्सएप पर भेजा लिंक, खोलते ही बुजुर्ग के खाते से निकल गए 15.78 लाख
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आईजीएल गैस एप के नाम पर मोबाइल हैक कर साइबर ठगों ने बनाया निशाना
- एपीके फाइल डाउनलोड कराकर आधार, पैन और डेबिट कार्ड की जानकारी ली, खाते से छह बार में निकली रकम
- निवेश के नाम पर महिला समेत दो अन्य लोगों से भी 13.71 लाख रुपये ठगे, साइबर थाने में तीन प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहने वाले 66 वर्षीय बुजुर्ग को आईजीएल गैस का एप डाउनलोड कराने के बहाने जाल में फंसाकर उनके बैंक खाते से 15.76 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने व्हाट्स एप पर लिंक भेजकर एपीके फाइल डाउनलोड कराई और इसके बाद बुजुर्ग से आधार, पैन, पता, जन्मतिथि और डेबिट कार्ड की जानकारी भरवाई। कुछ ही देर बाद खाते से लगातार छह ट्रांजेक्शन कर रकम निकाल ली गई। वहीं दो अन्य लोगों से 13.71 लाख रुपये की ठगी की गई है। साइबर थाने में तीनों मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहने वाले बुजुर्ग ने पुलिस से शिकायत की है कि 17 जुलाई 2026 को उनके व्हाट्स एप पर आईजीएल गैस एप डाउनलोड करने का लिंक आया था। लिंक को गैस सेवा से संबंधित समझकर उन्होंने मोबाइल में एपीके फाइल इंस्टॉल कर ली। इसके बाद ऐप में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पता, जन्मतिथि और डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भरने को कहा गया। इसी दौरान उनके बैंक खाते से एक के बाद एक छह ट्रांजेक्शन हुए और कुल 15.76 लाख रुपये निकल गए।
अच्छे मुनाफे के झांसे में गंवाए 6 लाख : वहीं सेक्टर-72 निवासी युवक भी निवेश के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो गया। 3 जून 2025 को जेनिथ्रा बिजनेस वेंचर्स कंपनी से स्नेहा नाम की महिला ने युवक से संपर्क किया। उसने खुद को कंपनी की सेल्स हेड बताया। बातचीत के दौरान निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलने का झांसा दिया गया। इसके बाद पीड़ित ने करीब छह लाख रुपये निवेश कर दिए। बाद में दस्तावेजों की जांच कराने पर स्टांप पेपर और हस्ताक्षर फर्जी होने की जानकारी मिली। इसके बाद कंपनी के लोगों ने फोन और ईमेल का जवाब देना बंद कर दिया। पीड़ित ने कंपनी के बारे में जानकारी लेने के लिए बेंगलुरु जाकर भी संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
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महिला से हुई 7.71 लाख की ठगी : इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 45 वर्षीय महिला भी ऑनलाइन निवेश के नाम पर 7.71 लाख रुपये गंवा बैठीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि दो मई 2025 को ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश की जानकारी तलाशते हुए वह एक वेबसाइट पर पहुंचीं। वेबसाइट के माध्यम से उन्हें व्हाट्स एप ग्रुप में जोड़ा गया। वहां निवेश की आकर्षक योजनाएं बताकर रकम लगाने के लिए कहा गया। भरोसे में आकर महिला ने 24 जून से चार जुलाई 2025 के बीच 7.77 लाख रुपये जमा कर दिए। बाद में जालसाजों ने और रकम की मांग की। भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई की धमकी दी गई। इसके बाद महिला को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि तीनों मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
साइबर ठगी से बचने के तरीके
- व्हाट्सऐप या एसएमएस पर मिले किसी अनजान लिंक से एपीके फाइल डाउनलोड न करें।
- बैंक, गैस कंपनी या सरकारी विभाग के नाम पर फोन करने वाले को ओटीपी, पिन, सीवीवी या डेबिट कार्ड की जानकारी न दें।
- निवेश से पहले कंपनी, वेबसाइट, रजिस्ट्रेशन और बैंक खाते की पूरी जांच करें।
- ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाले व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप से सावधान रहें।
- ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, रकम को फ्रीज कराने की संभावना उतनी अधिक रहेगी।
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- एपीके फाइल डाउनलोड कराकर आधार, पैन और डेबिट कार्ड की जानकारी ली, खाते से छह बार में निकली रकम
- निवेश के नाम पर महिला समेत दो अन्य लोगों से भी 13.71 लाख रुपये ठगे, साइबर थाने में तीन प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहने वाले 66 वर्षीय बुजुर्ग को आईजीएल गैस का एप डाउनलोड कराने के बहाने जाल में फंसाकर उनके बैंक खाते से 15.76 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने व्हाट्स एप पर लिंक भेजकर एपीके फाइल डाउनलोड कराई और इसके बाद बुजुर्ग से आधार, पैन, पता, जन्मतिथि और डेबिट कार्ड की जानकारी भरवाई। कुछ ही देर बाद खाते से लगातार छह ट्रांजेक्शन कर रकम निकाल ली गई। वहीं दो अन्य लोगों से 13.71 लाख रुपये की ठगी की गई है। साइबर थाने में तीनों मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहने वाले बुजुर्ग ने पुलिस से शिकायत की है कि 17 जुलाई 2026 को उनके व्हाट्स एप पर आईजीएल गैस एप डाउनलोड करने का लिंक आया था। लिंक को गैस सेवा से संबंधित समझकर उन्होंने मोबाइल में एपीके फाइल इंस्टॉल कर ली। इसके बाद ऐप में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पता, जन्मतिथि और डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भरने को कहा गया। इसी दौरान उनके बैंक खाते से एक के बाद एक छह ट्रांजेक्शन हुए और कुल 15.76 लाख रुपये निकल गए।
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अच्छे मुनाफे के झांसे में गंवाए 6 लाख : वहीं सेक्टर-72 निवासी युवक भी निवेश के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो गया। 3 जून 2025 को जेनिथ्रा बिजनेस वेंचर्स कंपनी से स्नेहा नाम की महिला ने युवक से संपर्क किया। उसने खुद को कंपनी की सेल्स हेड बताया। बातचीत के दौरान निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलने का झांसा दिया गया। इसके बाद पीड़ित ने करीब छह लाख रुपये निवेश कर दिए। बाद में दस्तावेजों की जांच कराने पर स्टांप पेपर और हस्ताक्षर फर्जी होने की जानकारी मिली। इसके बाद कंपनी के लोगों ने फोन और ईमेल का जवाब देना बंद कर दिया। पीड़ित ने कंपनी के बारे में जानकारी लेने के लिए बेंगलुरु जाकर भी संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
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महिला से हुई 7.71 लाख की ठगी : इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 45 वर्षीय महिला भी ऑनलाइन निवेश के नाम पर 7.71 लाख रुपये गंवा बैठीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि दो मई 2025 को ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश की जानकारी तलाशते हुए वह एक वेबसाइट पर पहुंचीं। वेबसाइट के माध्यम से उन्हें व्हाट्स एप ग्रुप में जोड़ा गया। वहां निवेश की आकर्षक योजनाएं बताकर रकम लगाने के लिए कहा गया। भरोसे में आकर महिला ने 24 जून से चार जुलाई 2025 के बीच 7.77 लाख रुपये जमा कर दिए। बाद में जालसाजों ने और रकम की मांग की। भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई की धमकी दी गई। इसके बाद महिला को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि तीनों मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
साइबर ठगी से बचने के तरीके
- व्हाट्सऐप या एसएमएस पर मिले किसी अनजान लिंक से एपीके फाइल डाउनलोड न करें।
- बैंक, गैस कंपनी या सरकारी विभाग के नाम पर फोन करने वाले को ओटीपी, पिन, सीवीवी या डेबिट कार्ड की जानकारी न दें।
- निवेश से पहले कंपनी, वेबसाइट, रजिस्ट्रेशन और बैंक खाते की पूरी जांच करें।
- ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाले व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप से सावधान रहें।
- ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, रकम को फ्रीज कराने की संभावना उतनी अधिक रहेगी।