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Noida News: समागम स्थल पर सेवा कार्यों में जुटे श्रद्धालु
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समागम स्थल पर सेवा कार्य करते अनुयायी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। संत निरंकारी मिशन द्वारा 78वां वार्षिक निरंकारी संत समागम इस बार 31 अक्टूबर से तीन नवंबर तक समालखा के भोड़वाल माजरी स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर होगा। यह दिव्य आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज व निरंकारी राजपिता रमित के सानिध्य में होगा। निरंकारी संत समागम की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यहां खाना बनाने के लिए कढ़ाए लगा दिए गए हैं और सेवा दल के सदस्य हर रोज सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं।
श्रद्धालु बारिश के जमा पानी को धीरे-धीरे निकालने में लगे हुए हैं। इसमें देशभर से सेवादल के सदस्य अपने सेवा कार्यों में लगे हैं। इनमें बच्चे, युवा महिला और बुजुर्ग भी लगातार काम कर रहे हैं। कोई मिट्टी के तसले ढो रहा है, कोई शामियाने गाड़ रहा है तो कोई सफाई, जल प्रबंधन या भोजन व्यवस्था में जुटा है। 78वें वार्षिक संत समागम की भव्यता को प्रकट करता हुआ मुख्य गेट भी आकार लेने लगा है।
देश के साथ विदेश से भी आती है संगत
देश के कोने-कोने से ही नहीं, अपितु विदेश से भी श्रद्धालु संत समागम में सम्मिलित होते हैं। इस बार करीब 10 लाख अनुयायी के पहुंचने का अनुमान है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और हवाई अड्डों पर निरंकारी सेवादल के सेवादार अपनी नीली और खाकी वर्दियों में श्रद्धालुओं के स्वागत को तैनात किया गया है। वे उनको निर्धारित निवास स्थलों तक पहुंचाते हैं। संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिंदर सुखीजा ने बताया कि समागम मानवता के उत्थान और समरसता के जागरण का एक अनुपम पर्व है। जहां विविध संस्कृतियों, भाषाओं और परिवेशों से आए श्रद्धालु भक्त वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को आत्मसात करते हैं। वे सेवा कार्यों के साथ सतगुरु की अमृतवाणी से अपनी अंतरात्मा को जागृत करते हैं।
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समालखा। संत निरंकारी मिशन द्वारा 78वां वार्षिक निरंकारी संत समागम इस बार 31 अक्टूबर से तीन नवंबर तक समालखा के भोड़वाल माजरी स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर होगा। यह दिव्य आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज व निरंकारी राजपिता रमित के सानिध्य में होगा। निरंकारी संत समागम की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यहां खाना बनाने के लिए कढ़ाए लगा दिए गए हैं और सेवा दल के सदस्य हर रोज सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं।
श्रद्धालु बारिश के जमा पानी को धीरे-धीरे निकालने में लगे हुए हैं। इसमें देशभर से सेवादल के सदस्य अपने सेवा कार्यों में लगे हैं। इनमें बच्चे, युवा महिला और बुजुर्ग भी लगातार काम कर रहे हैं। कोई मिट्टी के तसले ढो रहा है, कोई शामियाने गाड़ रहा है तो कोई सफाई, जल प्रबंधन या भोजन व्यवस्था में जुटा है। 78वें वार्षिक संत समागम की भव्यता को प्रकट करता हुआ मुख्य गेट भी आकार लेने लगा है।
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देश के साथ विदेश से भी आती है संगत
देश के कोने-कोने से ही नहीं, अपितु विदेश से भी श्रद्धालु संत समागम में सम्मिलित होते हैं। इस बार करीब 10 लाख अनुयायी के पहुंचने का अनुमान है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और हवाई अड्डों पर निरंकारी सेवादल के सेवादार अपनी नीली और खाकी वर्दियों में श्रद्धालुओं के स्वागत को तैनात किया गया है। वे उनको निर्धारित निवास स्थलों तक पहुंचाते हैं। संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिंदर सुखीजा ने बताया कि समागम मानवता के उत्थान और समरसता के जागरण का एक अनुपम पर्व है। जहां विविध संस्कृतियों, भाषाओं और परिवेशों से आए श्रद्धालु भक्त वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को आत्मसात करते हैं। वे सेवा कार्यों के साथ सतगुरु की अमृतवाणी से अपनी अंतरात्मा को जागृत करते हैं।

समागम स्थल पर सेवा कार्य करते अनुयायी। संवाद
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