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Noida News: शराब की दुकान हटाने के लिए प्रदर्शन
Fri, 14 Nov 2025 02:13 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Fri, 14 Nov 2025 02:13 AM IST
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डीएफओ नरेंद्रनगर के कार्यालय के बाहर धरना देते आंदोलनकारी- स्रोत- आंदोलनकारी
- फोटो : संगठन
खारास्रोत में शराब के ठेके को हटाने की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने चार घंटे तक कैलास गेट स्थित डीएफओ नरेंद्रनगर के कार्यालय के बाहर धरना दिया। डीएफओ द्वारा मांगों पर विचार करने का आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलनकारियों ने अपना धरना समाप्त किया और वापस खारास्रोत स्थित अपने धरना स्थल पर आ गए, जहां विरोध प्रदर्शन जारी है।
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) नरेंद्रनगर कार्यालय के बाहर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विकास रयाल ने कहा कि शराब का ठेका आरक्षित वन भूमि में अवैध रूप से संचालित हो रहा है। ठेके को लेकर वन विभाग और राजस्व विभाग की ओर से लापरवाही बरती जा रही है।
स्थानीय जनता को गुमराह किया जा रहा है। छह नवंबर को वन विभाग और राजस्व विभाग की ओर से संयुक्त जांच निर्धारित की गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीएफओ नरेंद्रनगर और डीएम टिहरी गढ़वाल ने नौ नवंबर के बाद संयुक्त जांच कराए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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सुबह 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक लोगाें ने डीएफओ कार्यालय के बाहर धरना दिया। डीएफओ की ओर आश्वासन मिलने के बाद आंदोलनकारी वापस खारास्रोत स्थित धरना स्थल पर पहुंच गए। धरना देने वालों में सीताराम राणाकोटी, मनीष ममगाईं, सरस्वती जोशी, अनीता कोठियाल, यशपाल कंडारी, दिनेश चंद्र मास्टर, दिलीप नेगी आदि शामिल रहे।
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प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) नरेंद्रनगर कार्यालय के बाहर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विकास रयाल ने कहा कि शराब का ठेका आरक्षित वन भूमि में अवैध रूप से संचालित हो रहा है। ठेके को लेकर वन विभाग और राजस्व विभाग की ओर से लापरवाही बरती जा रही है।
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स्थानीय जनता को गुमराह किया जा रहा है। छह नवंबर को वन विभाग और राजस्व विभाग की ओर से संयुक्त जांच निर्धारित की गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीएफओ नरेंद्रनगर और डीएम टिहरी गढ़वाल ने नौ नवंबर के बाद संयुक्त जांच कराए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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सुबह 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक लोगाें ने डीएफओ कार्यालय के बाहर धरना दिया। डीएफओ की ओर आश्वासन मिलने के बाद आंदोलनकारी वापस खारास्रोत स्थित धरना स्थल पर पहुंच गए। धरना देने वालों में सीताराम राणाकोटी, मनीष ममगाईं, सरस्वती जोशी, अनीता कोठियाल, यशपाल कंडारी, दिनेश चंद्र मास्टर, दिलीप नेगी आदि शामिल रहे।