जेवर हवाई अड्डे के लिए रक्षा मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रक्षा मंत्रालय ने जेवर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण से रिपोर्ट देने को कहा है। मंत्रालय ने पूछा है कि कोई ऐतिहासिक इमारत या अन्य कोई रोड़ा एयरपोर्ट बनाने की राह में तो नहीं आ रहा है।
वहीं मामले मे प्राधिकरण सर्वे ऑफ इंडिया से सर्वे कराकर उसकी रिपोर्ट के साथ अपना जवाब जल्द सौंपने की तैयारी में जुट गया है। मालूम हो कि जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए इस वर्ष की बोर्ड बैठक में प्राधिकरण की ओर से ढाई हजार हेक्टेयर भूमि को सुरक्षित कर लिया गया था।
एनसीआर क्षेत्र में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिलना जरूरी होता है। इसके लिए पिछले दिनों प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने रक्षा मंत्रालय में सचिव से मुलाकात भी की थी।
प्राधिकरण की मांग के बाद पर रक्षा मंत्रालय ने मामले में रिपोर्ट मांगी है। माना जा रहा है कि सर्वे रिपोर्ट अनुकूल रहा तो रक्षा मंत्रालय एयरपोर्ट के लिए हरी झंडी दे सकता है। जिसके बाद यहां एयरपोर्ट बनाने का रास्ता खुल सकता है।
सर्वे ऑफ इंडिया से मिलेगी रिपोर्ट
सर्वे ऑफ इंडिया से मिलेगी रिपोर्ट
देश के सभी स्थानों पर सर्वे ऑफ इंडिया अपना सर्वे कर रिपोर्ट देता है। एयरपोर्ट के लिए जरूरी अक्षांश और देशांतर की तकनीकी जानकारी करते हुए रिपोर्ट तैयार की जानी है। प्राधिकरण इसके लिए जरूरी प्रक्रिया अपनाकर सर्वे के लिए रिपोर्ट तैयार कराएगा। इसके बाद अपना जवाब भेजेगा।
सैटेलाइट इमेज और टोपोग्राफी का इस्तेमाल
सैटेलाइट इमेज, टोपोग्राफी और इमैजनेरी मैपिंग के जरिये देखा जाएगा कि कहीं कोई ऐतिहासिक इमारत या अन्य कोई ऐसा अवरोध यहां पर है। जिसे एयरपोर्ट के लिए हटाया नहीं जा सकता है। इसके अलावा मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया जाता है। जिसके बाद रिपोर्ट तैयार की जाती है।
जल्द मिल सकती है एनओसी
मायावती शासनकाल में पहले भी प्राधिकरण द्वारा रक्षा मंत्रालय को रिपोर्ट बनाकर भेेजी गई थी। उस दौरान एयरपोर्ट के लिए कोई अवरोध नहीं आया था। दोबारा से वही प्रक्रिया अपनाई जानी है
अनुमान है कि कुछ वर्ष बाद कोई नया अवरोध नहीं आया होगा और इस बार रिपोर्ट बेहतर मिल सकती है। जिससे रक्षा मंत्रालय की ओर से एनओसी भी जल्द मिल सकेगी।