{"_id":"5ba97fbe867a557ebf6cc740","slug":"153783492219-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एयरपोर्ट से प्रतिबंधित दर्द की दवा की खेप के साथ विदेशी नागरिक गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एयरपोर्ट से प्रतिबंधित दर्द की दवा की खेप के साथ विदेशी नागरिक गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 25 Sep 2018 05:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ के जवानों ने आतंकियों के बीच आईएसआईएस व फाइटर ड्रग्स के नाम से प्रचलित प्रतिबंधित दवा की बड़ी खेप के साथ तुर्की के नागरिक को पकड़ा है। उसके पास से इस दवा की 1.30 लाख गोलियां बरामद की गई है। यह एक दर्द निवारक दवा है। आरोपी को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। वह फर्जी टिकट के जरिए एयरपोर्ट परिसर में घुसने के आरोप में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है।
सीआईएसएफ के प्रवक्ता हेमेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी टीम के सर्विलांस और इंटेलिजेंस स्टाफ ने रविवार रात टर्मिनल तीन पर इस विदेशी को संदिग्ध हालात में घूमते देखा। हिरासत में लेकर बैग की तलाशी ली गई तो उसके पास से 1.30 लाख दर्द की दवा की गोलियां मिली। यात्री की पहचान तुर्की निवासी इरविल हन के रूप में की गई। वह तुर्की एयरलाइंस से इस्ताबुल जाने के लिए आया था। सीआईएसएफ ने आरोपी को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों के हवाले कर दिया। नारकोटिक्स विभाग के अफसरों ने बताया कि यह दर्द की दवा है और भारत में प्रतिबंधित है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर आतंकी संगठन करते है। उनके बीच यह दवा जिहाद, आईएसआईएस और फाइटर ड्रग्स के नाम से जाना जाता है। मिडिल ईस्ट में इस दवा की एक गोली पांच यूएस डॉलर में मिलती है।
जांच में पता चला कि आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट पुलिस ने 30 अप्रैल को उस समय गिरफ्तार कर लिया था जब वह फर्जी टिकट के जरिए एयरपोर्ट में प्रवेश की कोशिश कर रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीआईएसएफ के प्रवक्ता हेमेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी टीम के सर्विलांस और इंटेलिजेंस स्टाफ ने रविवार रात टर्मिनल तीन पर इस विदेशी को संदिग्ध हालात में घूमते देखा। हिरासत में लेकर बैग की तलाशी ली गई तो उसके पास से 1.30 लाख दर्द की दवा की गोलियां मिली। यात्री की पहचान तुर्की निवासी इरविल हन के रूप में की गई। वह तुर्की एयरलाइंस से इस्ताबुल जाने के लिए आया था। सीआईएसएफ ने आरोपी को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों के हवाले कर दिया। नारकोटिक्स विभाग के अफसरों ने बताया कि यह दर्द की दवा है और भारत में प्रतिबंधित है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर आतंकी संगठन करते है। उनके बीच यह दवा जिहाद, आईएसआईएस और फाइटर ड्रग्स के नाम से जाना जाता है। मिडिल ईस्ट में इस दवा की एक गोली पांच यूएस डॉलर में मिलती है।
विज्ञापन
जांच में पता चला कि आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट पुलिस ने 30 अप्रैल को उस समय गिरफ्तार कर लिया था जब वह फर्जी टिकट के जरिए एयरपोर्ट में प्रवेश की कोशिश कर रहा था।
विज्ञापन