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Noida News: कोचिंग सेंटर में नहीं लगेंगे बायोमेट्रिक लॉक
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लखनऊ में हुए हादसे के बाद गाइडलाइंस जारी, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कोचिंग संचालक अब अपने परिसर में बायोमेट्रिक लॉक का उपयोग नहीं कर पाएंगे। लखनऊ में हुए हादसे के बाद इसके उपयोग पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा बिना पंजीकरण और फायर एनओसी के कोचिंग का संचालन अवैध होगा।
लखनऊ में दर्दनाक हादसे में 15 बच्चाें की मौत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने जनपद के सभी कोचिंग सेंटरों के लिए सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की हैं।
उन्होंने बताया कि सभी स्टाफ और कम से कम 10 प्रतिशत छात्रों के साथ हर छह महीने में दो बार मॉकड्रिल अनिवार्य होगी। इसकी जियो-टैग्ड फोटो भी विभाग को भेजनी होगी। आपातकालीन निकास के लिए खिड़की, छत और रास्तों को खुला रखना होगा। मुख्य गेट बायोमैट्रिक बिल्कुल नहीं होना चाहिए। परिसर में सुरक्षा गार्ड, टोल फ्री नंबर, नजदीकी अस्पताल की सूची के साथ-साथ फायर एक्स्टिंग्विशर, फावड़ा, रस्सी और कंबल जैसे जरूरी उपकरण हमेशा तैयार रखने होंगे। उन्होंने बताया कि अब तक चार कोचिंग संचालकों ने आवेदन किया है। सभी शर्तों को पूरा करने के बाद ही उन्हें एनओसी दी जाएगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कोचिंग संचालक अब अपने परिसर में बायोमेट्रिक लॉक का उपयोग नहीं कर पाएंगे। लखनऊ में हुए हादसे के बाद इसके उपयोग पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा बिना पंजीकरण और फायर एनओसी के कोचिंग का संचालन अवैध होगा।
लखनऊ में दर्दनाक हादसे में 15 बच्चाें की मौत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने जनपद के सभी कोचिंग सेंटरों के लिए सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की हैं।
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उन्होंने बताया कि सभी स्टाफ और कम से कम 10 प्रतिशत छात्रों के साथ हर छह महीने में दो बार मॉकड्रिल अनिवार्य होगी। इसकी जियो-टैग्ड फोटो भी विभाग को भेजनी होगी। आपातकालीन निकास के लिए खिड़की, छत और रास्तों को खुला रखना होगा। मुख्य गेट बायोमैट्रिक बिल्कुल नहीं होना चाहिए। परिसर में सुरक्षा गार्ड, टोल फ्री नंबर, नजदीकी अस्पताल की सूची के साथ-साथ फायर एक्स्टिंग्विशर, फावड़ा, रस्सी और कंबल जैसे जरूरी उपकरण हमेशा तैयार रखने होंगे। उन्होंने बताया कि अब तक चार कोचिंग संचालकों ने आवेदन किया है। सभी शर्तों को पूरा करने के बाद ही उन्हें एनओसी दी जाएगी।
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