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Noida News: जनगणना ड्यूटी में 90% शिक्षक, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी पर संकट
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- दिसंबर तक पूरा करना है पाठ्यक्रम, जनवरी में प्री-बोर्ड और प्रायोगिक परीक्षाओं की भी चुनौती
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए अहम समय में सरकारी स्कूलों के करीब 90 प्रतिशत शिक्षक जनगणना संबंधी कार्यों में लगाए जा रहे हैं। इससे स्कूलों में नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। सेक्टर-12 स्थित राजकीय इंटर कॉलेज और होशियारपुर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में भी विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर चुनौती खड़ी हो सकती है। फरवरी में बोर्ड परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, जबकि दिसंबर तक पाठ्यक्रम पूरा कराने के निर्देश हैं। ऐसे में शिक्षकों की गैरमौजूदगी का असर विद्यार्थियों की तैयारी पर पड़ने की चिंता जताई जा रही है।
दिसंबर तक पूरा करना है पाठ्यक्रम
बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए स्कूलों को दिसंबर तक पाठ्यक्रम पूरा कराना है। इसके बाद जनवरी में प्रायोगिक परीक्षाएं और प्री-बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होनी हैं। कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। उन्हें पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ मॉडल पेपर हल करने, लिखित अभ्यास करने और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। शिक्षकों की उपलब्धता कम होने से इन गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय निकालना मुश्किल हो सकता है।
दोहरी जिम्मेदारी से बढ़ी परेशानी
शिक्षकों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा से पहले विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से तैयारी कराने की जरूरत होती है। इस दौरान बच्चों की शंकाओं का समाधान करने और महत्वपूर्ण विषयों का दोहराव कराने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। जनगणना संबंधी कार्यों में ड्यूटी लगने से पढ़ाई के लिए समय कम हो सकता है। इसका असर केवल बोर्ड परीक्षार्थियों पर ही नहीं, बल्कि अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों पर भी पड़ने की आशंका है। जनवरी में अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं भी आयोजित होनी हैं। ऐसे में शिक्षण कार्य और जनगणना की जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाना शिक्षकों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।
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कक्षाओं के बाद जनगणना करने के निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुबह पहले स्कूल पहुंचकर कुछ घंटे कक्षाएं लें। इसके बाद जनगणना संबंधी कार्य करें। दोनों जिम्मेदारियां महत्वपूर्ण हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने और उनकी शंकाओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, बोर्ड परीक्षाओं से पहले नियमित पढ़ाई, पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति और अभ्यास के लिए शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता महत्वपूर्ण बनी हुई है।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए अहम समय में सरकारी स्कूलों के करीब 90 प्रतिशत शिक्षक जनगणना संबंधी कार्यों में लगाए जा रहे हैं। इससे स्कूलों में नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। सेक्टर-12 स्थित राजकीय इंटर कॉलेज और होशियारपुर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में भी विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर चुनौती खड़ी हो सकती है। फरवरी में बोर्ड परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, जबकि दिसंबर तक पाठ्यक्रम पूरा कराने के निर्देश हैं। ऐसे में शिक्षकों की गैरमौजूदगी का असर विद्यार्थियों की तैयारी पर पड़ने की चिंता जताई जा रही है।
दिसंबर तक पूरा करना है पाठ्यक्रम
बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए स्कूलों को दिसंबर तक पाठ्यक्रम पूरा कराना है। इसके बाद जनवरी में प्रायोगिक परीक्षाएं और प्री-बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होनी हैं। कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। उन्हें पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ मॉडल पेपर हल करने, लिखित अभ्यास करने और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। शिक्षकों की उपलब्धता कम होने से इन गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय निकालना मुश्किल हो सकता है।
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दोहरी जिम्मेदारी से बढ़ी परेशानी
शिक्षकों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा से पहले विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से तैयारी कराने की जरूरत होती है। इस दौरान बच्चों की शंकाओं का समाधान करने और महत्वपूर्ण विषयों का दोहराव कराने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। जनगणना संबंधी कार्यों में ड्यूटी लगने से पढ़ाई के लिए समय कम हो सकता है। इसका असर केवल बोर्ड परीक्षार्थियों पर ही नहीं, बल्कि अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों पर भी पड़ने की आशंका है। जनवरी में अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं भी आयोजित होनी हैं। ऐसे में शिक्षण कार्य और जनगणना की जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाना शिक्षकों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।
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कक्षाओं के बाद जनगणना करने के निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुबह पहले स्कूल पहुंचकर कुछ घंटे कक्षाएं लें। इसके बाद जनगणना संबंधी कार्य करें। दोनों जिम्मेदारियां महत्वपूर्ण हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने और उनकी शंकाओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, बोर्ड परीक्षाओं से पहले नियमित पढ़ाई, पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति और अभ्यास के लिए शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता महत्वपूर्ण बनी हुई है।