प्राधिकरण के खिलाफ बजा आंदोलन का बिगुल

Noida Bureauनोएडा ब्यूरो Updated Fri, 28 Sep 2018 03:25 AM IST
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प्राधिकरण के खिलाफ बजा आंदोलन का बिगुल
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प्राधिकरण के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे लोग

- गलत नीतियों के विरोध में 4 अक्तूबर को शहर के कई संगठन करेंगे विरोध प्रदर्शन
- ‘प्राधिकरण हटाओ, नोएडा बचाओ’ नारे के साथ प्रशासनिक कार्यालय का करेंगे घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा।
प्राधिकरण की गलत नीतियों के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बज गया है। बृहस्पतिवार को सेक्टर-6 स्थित एनईए सभागार में एकजुट हुए शहर के उद्यमी, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने 4 अक्तूबर को प्राधिकरण के प्रशासनिक कार्यालय के घेराव की घोषणा की। ‘प्राधिकरण हटाओ, नोएडा बचाओ’ के नारे के साथ इन संगठनों के कार्यकर्ता और श्रमिक सड़क पर उतरेंगे।
एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने कहा कि प्राधिकरण में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और गलत नीतियों की वजह से शहरवासी, उद्यमी, व्यापारी और श्रमिक वर्ग परेशान है। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कर रही है और प्राधिकरण के अधिकारी पुराने उद्योगों को तबाह करने पर तुले हैं। बंद कमरे में बोर्ड मीटिंग के नाम पर अधिकारी अपने निजी स्वार्थ साधकर यहां से चले जाते हैं। सात साल में 45 हजार करोड़ रुपये का बजट बनाया गया। ईमानदारी से शहर के विकास के लिए यह रकम खर्च की जाती तो आज नोएडा लंदन और पेरिस से कम नहीं होता। 42 साल से शहर के लोगों ने प्राधिकरण को झेला है, अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं आईआईए के डिवीजन चेयरमैन राजीव बंसल और नोएडा इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि शहर को बचाने के लिए सभी संगठन एकजुट होकर आंदोलन करने को तैयार हैं। उधर फोनरवा अध्यक्ष एनपी सिंह ने कहा कि जब जनता सीएम और पीएम का चुनाव करती है तो प्राधिकरण चेयरमैन के चुनाव का अधिकार क्यों नहीं है। उन्होंने फ्री होल्ड जमीन और बोर्ड में प्रतिनिधित्व की मांग का समर्थन किया।
कोनरवा अध्यक्ष पीएस जैन ने कहा कि जब राज्य व केंद्र सरकार से नोएडा को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलती तो यहां की जनता से वसूला गया पैसा दूसरे महकमों में क्यों जाता है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष नरेश कुच्छल ने कहा कि प्राधिकरण सोची समझी साजिश के तहत नोएडा के छोटे उद्योगों को खत्म करने पर तुला है।
इस मौके पर एक्सपोर्ट एपैरल कलस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल, किसान मोर्चा के मनोज कटारिया, राजस्थान कल्याण परिषद के अरविंद वैध, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के चौधरी वेदपाल, पंजाबी विकास मंच के दीपक विज, श्रीजी गोसदन के अनिल भूषण, सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन से एसके जैन, व्यापार मंडल से ओमवीर अवाना, भारत विकास परिषद से केशव गंगल, लघु उद्योग भारती के विजय ढल, प्रवासी महासंघ के आलोक वत्स सहित तमाम आरडब्ल्यूए व संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

नोएडा में तैनात रहे अधिकारियों की हो सीबीआई जांच
नोएडा लोकमंच के महासचिव महेश सक्सेना ने कहा कि पिछले तीन दशक में नोएडा प्राधिकरण में ऐसे बहुत से अधिकारी आए जो अपनी पूरी नौकरी में जितना वेतन नहीं ले पाए उससे ज्यादा कीमत के मकान नोएडा में बना लिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के पास आई दौलत की सीबीआई जांच होनी चाहिए। साथ ही प्राधिकरण को ऐसे अधिकारियों की सूची सार्वजनिक करनी चाहिए जो यहां तैनात रहें और यहीं संपत्ति भी खरीद ली।

दिल्ली के माफिया का दखल
नोएडा के पार्किंग मामले को अदालत में ले जाने वाले पीएन सिंह ने कहा कि शहर में पार्किंग के नाम पर बड़ा घोटाला किया गया है। नोएडा की फैक्ट्रियों से दो से तीन लाख रुपये की वसूली हो रही है। दिल्ली के पार्किंग माफिया के कारिंदे कंपनियों में घुसकर गुंडागर्दी कर रहे हैं। ‘बॉबी’ के नाम से औद्योगिक सेक्टरों में दहशत फैलाई जा रही है।
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