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Fri, 28 Sep 2018 03:25 AM IST
Updated Fri, 28 Sep 2018 03:25 AM IST
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अमर उजाला संवाद
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फोटो

नोट बंदी के बाद जीएसटी बना जी का जंजाल
सेक्टर-10 से पलायन कर चुके कई उद्यमी, बिना गलती जुर्माना लगाते हैं अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। नोट बंदी की मार झेल चुके उद्यमी अब जीएसटी से परेशान हैं। अधिकारी अपना लक्ष्य पूरा करने के चक्कर में कागजों में मामूली कमी दिखाकर भारी भरकम जुर्माना लगा देते हैं। जबकि उद्यमी दफ्तरों के चक्कर काटते रहते हैैं। अगर बैंक की बात करें तो यहां भी समस्याएं बढ़ी है। हर काम के लिए बैंक अधिक चार्ज वसूल रहे हैं। सामान लाने व ले जाने से पहले उद्यमियों को ई वे फॉर्म भरना पड़ रहा है। उनके काम पर काफी प्रभाव पड़ रहा है। उद्यमियों का चारों तरफ से शोषण किया जा रहा है।
सेक्टर-10 के एमएसएमई अध्यक्ष सुरेंद्र नाहटा ने बताया कि नोट बंदी के बाद से बैंक अधिक रुपये वसूल रहे हैं। अपना ही स्टेटमेंट निकलवाने पर बैंक चार्ज लगा रहे हैं। नोट बंदी से पहले अगर किसी वजह से चेक बाउंस हो जाता था तो 50 रुपये का जुर्माना लगाता था। लेकिन अब बैंक 390 रुपये चार्ज करते हैं। ऐसे में उद्यमियों को काफी हानि हो रही है। सिग्नेचर वैरीफाई व बैंक स्टेटमेंट के नाम पर 500 रुपये वसूला जा रहा है। ये कहां का इंसाफ है। पहले चेक आसानी से क्लियर हो जाते थे। लेकिन अब काफी समय लगता है। बैंक फोलियो चार्ज भी लगा रहे हैं। व्यापार ठप होने की वजह से कुछ उद्यमी अपनी फैक्ट्री बंद करके चले गए हैं। जीएसटी अधिकारी टारगेट पूरा करने के लिए बिना गलती के जुर्माना ठोक रहे हैं। जिसे बाद में सही कराने पर अधिकारी परेशान करते हैं। नोएडा में कोई गाड़ी पकड़ी जाती है तो उसे ग्रेनो भेज देते हैं। ग्रेनो की गाड़ी नोएडा में खड़ी कर देते हैं। उद्यमी चक्कर ही लगाते रहते हैं।
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ई-वे फॉर्म भरने में आ रही समस्या
उद्यमियों ने बताया कि जीएसटी के बाद से 50 हजार के ऊपर के बिल पर ई-वे फॉर्म भरना पड़ता है। जिससे काफी समय खराब होता है। वेबसाइट बड़ी दिक्कत करती है। सामान समय पर नहीं पहुंच पाता। दो पार्ट में फॉर्म भरे जाते हैं। साइट हैंग हो जाती है। ई-वे फॉर्म भरे बिना ही सामान ट्रक में लोड कर भेज दिया जाता है तो सेल्स टैक्स वाले रास्ते में सामान जब्त कर लेते हैं। जिस कारण सामान सही जगह व समय पर नहीं पहुंच पाता। ऐसे में हानि अधिक हो रही है।
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प्राधिकरण, प्रशासन समेत सभी सरकारी विभाग उद्यमियों का शोषण कर रहे हैं। उद्योग बंधु की बैठक में शिकायत होने पर अधिकारी सिर्फ हां कर देते हैं, कोई काम नहीं कर रहा।
तरुण भारद्वाज, अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ नोएडा इंडस्ट्री

उद्यमी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। जिस पर सरकार व प्राधिकरण कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। कई साथी फैक्ट्री बंद करके पलायन कर चुके हैं। जब चारों तरफ से उद्यमियों को दबाया जाएगा तो यहां से जाना ही पड़ेगा।
सुनील गुप्ता, उद्यमी

हालात सुधारना बहुत जरूरी है। बैंकों ने लूट मचा रखी है। सभी कामों पर रुपये वसूल रहे हैं। दिक्कतें बढ़ती जा रही है। चेक क्लियर होने में देरी से पेमेंट में देरी हो रही है।

नवीन सोलंकी, उद्यमी

ई-वे फॉर्म भरने में सबसे ज्यादा समस्या आ रही है। फॉर्म न भरने पर सेल्स टैक्स वाले फायदा उठा रहे हैं। फॉर्म भरवाने के लिए अलग से कर्मचारी रखे गए हैं। इसके बाद भी दिक्कत हो रही है। वेबसाइट हैंग होती रहती है।
असलम खान, उद्यमी









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